सीबीआई बनाम सीबीआईः राकेश अस्थाना को क्लीन चिट बरकरार, मनोज प्रसाद समेत तीन को समन

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मोदी सरकार के चहेते सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ सीबीआई को कोई सबूत नहीं मिला नतीजतन अस्थाना के विरुद्ध केस नहीं चलेगा। कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दाखिल इस दलील को मान लिया है, जिसमें कहा गया था कि अस्थाना के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है।

सीबीआई बनाम सीबीआई भ्रष्टाचार मामले में दायर आरोप पत्र पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले में मनोज प्रसाद, सुनील मित्तल और सोमेश्वर के खिलाफ समन जारी कर 13 अप्रैल को पेश होने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने स्पेशल डायरेक्टर राकेश आस्थाना को मिली क्लीन चिट को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ जांच चल रही है अगर सबूत मिले तो सीबीआई एडिशनल चार्जशीट दाखिल कर सकती है।

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई को जमकर फटकार लगाई थी। कोर्ट ने सीबीआई से पूछा था कि जांच के दौरान सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर लाई डिटेक्टर टेस्ट क्यों नहीं कराया गया।

स्पेशल कोर्ट ने सीबीआई को मामले के संबंध में केस डायरी लाने को कहा था। वहीं, इससे पहले कोर्ट ने सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की संलिप्तता वाले कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की पड़ताल पर नाराजगी जताई थी और जानना चाहा था कि मामले में बड़ी भूमिका वाले आरोपी आजादी से क्यों घूम रहे हैं। जबकि सीबीआई ने अपने ही डीएसपी को गिरफ्तार किया है।

न्यायालय ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जांच के दौरान सोमेश्वर श्रीवास्तव का नाम सामने आया, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, जबकि सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार को 2018 में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें जमानत मिल गई। श्रीवास्तव दुबई स्थित कारोबारी और कथित बिचौलिए मनोज प्रसाद का भाई है, और इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक है।

मीट कारोबारी सतीश सना से दो करोड़ रुपये रिश्वत लेने के मामले में 15 अक्टूबर 2018 को सीबीआई ने तत्कालीन विशेष निदेशक राकेश अस्थाना व डीएसपी देवेंद्र कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की अस्थाना और देवेंद्र की मांग को खारिज कर दिया था, साथ ही सीबीआई को जांच का आदेश दिया।

राकेश अस्थाना और देवेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने हैदराबाद के व्यापारी सतीश बाबू सना को राहत देने के लिए रिश्वत ली थी। इस मामले पर दोनों के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। यहां तक कि डीएसपी देवेंद्र कुमार को इस मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। बाद में निचली अदालत से डीएसपी देवेंद्र कुमार को जमानत मिल गई थी।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और इलाहाबाद में रहते हैं।)

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