Sunday, May 22, 2022

झारखंड: कोल्हान देश की मांग कर रहे ग्रामीणों और पुलिस में संघर्ष, कई पुलिसकर्मी घायल, 17 लोग गिरफ्तार

ज़रूर पढ़े

कल उस वक्त अफरा तफरी का माहौल बन गया जब झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में जिले के मुफस्सिल थाना अंतर्गत लादूरा गांव में कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट यानी कोल्हान अलग देश घोषित कर कथित सुरक्षा बल में नियुक्ति की जा रही थी। इतना ही नहीं उन्हें नियुक्ति पत्र भी दिया जा रहा था। इस फ़र्जी नियुक्ति पत्र बांटने के आरोप में पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन 17 लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में जनआक्रोश भड़क उठा। स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक हथियारों के साथ जिले के मुफ्फसिल थाने को घेर लिया। सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज कराना पड़ा। आंसू गैस के गोले छोड़े गए। घटना में सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें से एक को तीर लगा है। सभी घायल जवानों का चाईबासा सदर अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार तीर पुलिसकर्मी के शरीर के आर पार हो गया। उसे बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर स्थित TMH में ले जाया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार 23 जनवरी को चाईबासा कोल्हान गवर्मेंट स्टेट के नाम पर फर्जी बहाली हेतु सदर प्रखंड के मुफस्सिल थाना अंतर्गत कुर्सी पंचायत के ग्राम लादुराबासा स्कूल में सुबह 7:00 बजे से एक दिवसीय प्रशिक्षण सह शैक्षणिक प्रमाण पत्र जांच कार्यक्रम किया जा रहा थाl फर्जी बहाली से संबंधित विज्ञापन कोल्हान गवर्नमेंट ईस्टेट के नाम पर चम्पाय चंद्र शेखर डांगिल द्वारा किया जा रहा था। उक्त कार्यक्रम की सूचना पर उसके सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु थाना प्रभारी मुफस्सिल, दंडाधिकारी एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी, पर्याप्त सशस्त्र बल व लाठी बल के साथ उक्त कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और कार्यक्रम को रोक दिया गया।

वहां से काफी मात्रा में फर्जी नियुक्ति से संबंधित रजिस्टर एवं फाइल प्रिंटर, मॉनिटर, लैपटॉप एवं मोबाइल जब्त किए गए। साथ ही कुछ व्यक्तियों को वहां से हिरासत में लेकर मुफस्सिल थाना लाया गया। दोपहर में करीब 200 लोगों द्वारा परंपरागत हथियार से लैस होकर मुफस्सिल थाना का घेराव करते हुए रोड़ेबाजी एवं पत्थरबाजी किया जाने लगा। इससे कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उक्त भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस बल के द्वारा भी हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। जिससे कुछ लोगों को चोट लगी हैं। जिनका प्राथमिक उपचार सदर हॉस्पिटल चाईबासा में कराया जा रहा है। स्थिति सामान्य है। निगरानी रखी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि इलाके में कोल्हान को अलग देश घोषित करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन चलाया जा रहा है। कुछ स्थानीय युवाओं ने हाल के कुछ दिनों में इस मांग को और अधिक तेज करते हुए कोल्हान गवर्नमेंट ईस्टेट के नाम पर नियुक्ति पत्र बांटना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलने के बाद चाईबासा पुलिस ने इस पूरे षड्यंत्र में शामिल एक कोबरा बटालियन का एक जवान अजय पड़िया सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। अजय पाड़िया चाईबासा मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में पड़ने वाले लादुरा बासा गांव का निवासी है। इसके साथ तीन और युवकों को गिरफ्तार किया गया था। इन युवकों की रिहाई की मांग को लेकर सैकड़ों लोग दोपहर को पारंपरिक हथियारों से लैस होकर चाईबासा मुफ्फसिल थाना पहुंचे। इसके बाद थाने को घेर कर हंगामा शुरू कर दिया।

सदर SDPO दिलीप खलखो तथा सदर अनुमंडल पदाधिकारी शशींद्र कुमार ने मामले को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन उपद्रवी नहीं माने। उन्होंने अधिकारियों से अमर्यादित व्यहार किया। इस दौरान थाने और पुलिस के जवानों पर कई युवकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने अपने बचाव में आंसू गैस का प्रयोग किया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया। बताया जा रहा है कि उपद्रवियों की संख्या 200 से अधिक थी।

बता दें कि कोल्हान प्रमंडल का मुख्यालय चाईबासा है। कोल्हान प्रमंडल में कुल 3 जिले हैं। पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां। कोल्हान प्रमंडल में कुल 49 प्रखंड हैं। 2 लोकसभा व 14 विधानसभा क्षेत्र वाला कोल्हान प्रमंडल में निवास करने वाले सबसे अधिक हो आदिवासी समुदाय है, दूसरे नंबर पर मुण्डा आदिवासी, तीसरे में संथाल आदिवासी और कुछ कुड़मी (कुर्मी) समुदाय सहित अन्य छिटपुट जातियां हैं। 2011 की जनगणना के कोल्हा पर इस प्रमंडल की कुल आबादी – 4,861,313 है। 2011 की जनगणना के आधार पर पश्चिम सिंहभूम की कुल आबादी- 1,502,338, पूर्वी सिंहभूम की कुल आबादी-2,293,919 और सरायकेला खरसावां की कुल आबादी- 1,065,056 है। पश्चिम सिंहभूम में हो समुदाय की आबादी सबसे अधिक है। अलग कोल्हान देश की मांग भी हो समुदाय के ही कुछ लोगों द्वारा किया जाता रहा है।

बताते चलें कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में अलग कोल्हान देश की मांग वर्ष 1980 से हो रही है। अलग देश की मांग करने वाले लोग विल्किंसन रूल का हवाला देते हैं। विल्किंसन रूल 1837 में उस वक्त लागू किया गया था, जब 1831 में कोल विद्रोह हुआ। उस वक्त ब्रिटिश शासनकाल में सर थामस विल्किंसन साउथ वेस्ट फ्रंटियर एजेंसी के प्रमुख थे। जब लाख प्रयास के बाद भी आदिवासियों के इस विद्रोह को काबू में नहीं कर पाया गया तब उसने 1837 में कोल्हान सेपरेट एस्टेट की घोषणा कर चाईबासा को उसका मुख्यालय बनाया। तब लोगों को अंग्रेजी शासन के पक्ष में करने के लिए मानकी-मुंडा स्वशासन व्यवस्था को लागू कर दिया गया। इसे विल्किंसन रूल कहा जाता है। इसके तहत सिविल मामलों के निष्पादन का अधिकार मुंडा तथा आपराधिक मामलों के निष्पादन का अधिकार मानकी को दिया गया था। वैसे मानकी-मुंडा स्वशासन व्यवस्था ही समुदाय में सदियों से चला आ रहा है। किसी राज्य व्यवस्था ने इनकी इस स्वशासन व्यवस्था पर अंकुश नहीं लगा पाया।

बता दें कि इसी आधार पर सबसे पहले 30 मार्च 1980 में चाईबासा की सड़कों पर स्थानीय लोगों का एक समूह एकत्र हुआ था। इसी दौरान आयोजित सभा में सबसे पहले यह मांग उठी। इसका नेतृत्व कोल्हान रक्षा संघ के नेता नारायण जोनको, क्राइस्ट आनंद टोपनो, और कृष्ण चंद्र हेम्ब्रम कर रहे थे। इन लोगों ने 1837 के विल्किंसन रूल का हवाला देते हुए कहा कि कोल्हान इलाके पर भारत का कोई अधिकार नहीं है। तब उन्होंने ब्रिटेन की सत्ता के प्रति अपनी आस्था जताई। कोल्हान तब अविभाजित बिहार राज्य का प्रमंडल था। पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम इसके अधीन थे। अब यह इलाका झारखंड का हिस्सा है। सिंहभूम के दोनों हिस्सों के साथ इसी से काट कर बनाया गया सरायकेला-खरसावां जिला अब इस प्रमंडल के अंदर है।

उस वक्त रामो बिरूवा नामक व्यक्ति अपने आप को कोल्हान का राष्ट्रपति घोषित कर कोल्हान को अलग देश करने की मांग उठाया था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजा था। जेल में ही रामो बिरूवा की मौत हो गई थी। उसका सहयोगी आनंद चातार भी देशद्रोह के मामले में जेल में ही था। कुछ दिन पूर्व ही बेल के आधार पर वह जेल से बाहर आया है। इसके बाद आनंद चातार पूरे पश्चिम सिंहभूम जिला में कोल्हान गवर्नमेंट ईस्टेट के नाम से कोल्हान की रक्षा के लिए नव युवकों की बहाली के बहाने इस आंदोलन को तेज करवा रहा है।

(झारखंड से वरिष्ठ पत्रकार विशद कुमार की रिपोर्ट।) 

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

- Advertisement -

Latest News

जानलेवा साबित हो रही है इस बार की गर्मी

प्रयागराज। उत्तर भारत में दिन का औसत तापमान 45 से 49.7 डिग्री सेल्सियस के बीच है। और इस समय...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This