Thursday, October 28, 2021

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अहमदाबाद में सिटी गैस वितरण संचालन को लेकर दाखिल अडानी ग्रुप की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

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उच्चतम न्यायालय के जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस रविन्द्र भट और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने अडानी गैस लिमिटेड को बड़ा झटका देते हुए अहमदाबाद में सिटी गैस वितरण के संचालन को लेकर दाखिल याचिका खारिज कर दी। गुजरात गैस को दिए गए प्राधिकरण को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है। उच्चतम न्यायालय ने 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अडानी ग्रुप जुर्माने की राशि भारत सरकार को देगा। यह भी माना कि पीएनजीआरबी नियम न तो मनमाने हैं और न ही संविधान के विपरीत।

दरअसल, सितंबर 2018 में अडानी गैस लिमिटेड को एक बड़ा झटका देते हुए, गुजरात हाईकोर्ट ने साणंद, बावला और ढोलका में सिटी गैस वितरण नेटवर्क की स्थापना और संचालन के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) को प्राधिकरण देने वाली उसकी याचिका को खारिज कर कर दी थी।

पीठ ने अहमदाबाद से सटे उपरोक्त क्षेत्रों में सिटी गैस वितरण नेटवर्क की स्थापना और संचालन के लिए पीएनजीआरबी द्वारा गुजरात गैस लिमिटेड को प्रदान किए गए प्राधिकरण को भी बरकरार रखा है। पीठ ने अपने फैसले में पीएनजीआरबी के नियम 18 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली गैस कंपनी की याचिका को भी खारिज कर दिया। विनियम 18 उन संस्थाओं से संबंधित है जो केंद्र सरकार द्वारा 1 अक्टूबर, 2007 तक सीजीडी नेटवर्क बिछाने, निर्माण, संचालन या विस्तार के लिए अधिकृत नहीं थे, जब केंद्र सरकार ने पीएनजीआरबी की स्थापना को अधिसूचित किया था।

अडानी गैस लिमिटेड का एक तर्क यह था कि इसे अहमदाबाद भौगोलिक क्षेत्र के लिए सिटी गैस वितरण नेटवर्क की स्थापना और संचालन के लिए अधिकृत माना गया था, जिसमें पीएनजीआरबी अधिनियम की धारा -16 के अनुसार साणंद, बावला और ढोलका के आसन्न क्षेत्र शामिल थे। इसने यह भी तर्क दिया था कि पीएनजीआरबी ने उपरोक्त क्षेत्रों में सिटी गैस वितरण नेटवर्क के विकास के लिए बोलियां आमंत्रित करने और गुजरात गैस लिमिटेड के बाद के चयन के साथ आगे बढ़कर अडानी गैस के साथ होने वाले प्राधिकरण की पूर्ण अवहेलना की थी।

इस एक्ट का विनिमय 18 उन संस्थाओं से संबंधित है जो केंद्र सरकार द्वारा 1 अक्टूबर, 2007 तक सीजीडी नेटवर्क बिछाने, निर्माण, संचालन या विस्तार के लिए अधिकृत नहीं थे, जब केंद्र सरकार ने पीएनजीआरबी की स्थापना को अधिसूचित किया था।अडानी ग्रुप के मुताबिक, वितरण के लिए तय भौगोलिक क्षेत्र के लिए सिटी गैस वितरण नेटवर्क की स्थापना और संचालन के लिए अधिकृत माना गया था, जिसमें पीएनजीआरबी अधिनियम की धारा-16 के अनुसार साणंद, बावला और ढोलका के आसन्न क्षेत्र शामिल थे। साथ ही ये भी तर्क दिया था कि पीएनजीआरबी ने उपरोक्त क्षेत्रों में सिटी गैस वितरण नेटवर्क के विकास के लिए बोलियां आमंत्रित करने और गुजरात गैस लिमिटेड के बाद के चयन के साथ आगे बढ़कर अदानी गैस के साथ होने वाले प्राधिकरण की पूर्ण अवहेलना की थी।

अडानी गैस लिमिटेड ने अहमदाबाद जिले के तीन इलाकों में पीएनजी और सीएनजी गैस वितरण की सप्लाई के लिए हुई नीलामी प्रक्रिया को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी, जिसे कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दिया। यह नीलामी अहमदाबाद के साणंद, बावला और ढोलका में गैस वितरण के लिए हुई थी।इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड की तरफ से इन इलाकों में सिटी गैस वितरण नेटवर्क की स्थापना और संचालन के लिए गुजरात गैस लिमिटेड को दिए अधिकार को भी बरकरार रखा है

इससे पहले 2018 में गुजरात हाईकोर्ट ने भी अहमदाबाद के तीन इलाकों में पीएनजी और सीएनजी गैस की सप्लाई के लिए हुई नीलामी को चुनौती देने वाली अडानी गैस की याचिका को खारिज किया था। इस नीलामी को 2016 में पीएनजीआरबी ने कराया था, जिसमें अडानी गैस को सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी गुजरात गैस से हार मिली थी। 2006 में PNGRB एक्ट आने से पहले गुजरात सरकार ने अडानी गैस को अहमदाबाद जिले में गैस वितरण की मंजूरी दी थी। हालांकि सरकार ने यह शर्त रखी थी कि भविष्य में इस संबंध में कोई कानून आने पर यह मंजूरी वापस ली जा सकती है।

पीएनजीआरबी एक्ट के सेक्शन 16 के मुताबिक कंपनी के पास अगर किसी इलाके में अपना कार्य जारी रखने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी नहीं है, तो उसे पीएनजीआरबी से उसकी अनुमति लेनी होगी। इस नियम के तहत अडानी गैस ने 2013 में पीएनजीआरबी से संपर्क कर पूरे अहमदाबाद जिले में गैस वितरण से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की मंजूरी मांगी थी। पीएनजीआरबी अडानी गैस को मंजूरी देते समय अहमदाबाद के साणंद, बावला और ढोलका इलाके को इससे बाहर रखा। बाद में पीएनजीआरबी ने इन इलाकों में गैस वितरण के लिए 2016 में बोलियां मंगाई , जिसमें गुजरात गैस विजेता बनकर उभरी और अडानी गैस हार गई।

इसके बाद अडानी गैस ने गुजरात हाई कोर्ट का रुख करते हुए इस नीलामी प्रक्रिया और पीएनजीआरबी की तरफ से तीन इलाकों को बाहर रखने के फैसले को चुनौती दी। हालांकि पहले हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी अडानी गैस की इस मामले में याचिका खारिज कर दी है।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और आजकल इलाहाबाद में रहते हैं।)

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