29.1 C
Delhi
Thursday, September 23, 2021

Add News

भगवा गैंग के नफ़रतगर्द की मौत पर लोगों की प्रतिक्रिया नफ़रत की राजनीति का नकार है

ज़रूर पढ़े

क्या विडबंना है कि हम पत्रकार इस मरनकाल में चुनिंदा मौतों पर बात कर रहे हैं। हम सेलिब्रिटी या फिर विवादित लोगों की मौत पर बात कर रहे हैं। क्या विडबंना है कि मजदूरों की कोरोना से मौत, भूख से मौत, दुर्घटना से मौत और भुखमरी की स्थिति में आत्महत्या करके मरना सामान्य बात हो चुकी है। 

मुद्दे पर आते हैं। सोशल मीडिया में हिंदू युवा वाहिनी बस्ती जिला प्रभारी अज्जू हिंदुस्तानी की कोरोना से मौत की ख़बर वायरल हो रही है। अज्जू की मौत कोरोना से हुई है। उसमें अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और भगवा गैंग के हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की मौत जैसा रहस्य नहीं फिर क्यों अज्जू हिंदुस्तानी की मौत में इतनी रुचि ली जा रही है।

इसकी वजह है अज्जू तिवारी का कोरोना को लेकर 18 अप्रैल को दिया गया वो बयान जिसमें उसने तबलीगी जमात और रोहिंग्या समुदाय के लोगों को कोरोना महामारी फैलाने का जिम्मेदार बताते हुए जमातियों को पकड़वाने पर हिंदू युवा वाहिनी की ओर से 11 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

19 जुलाई को पीजीआई में टेस्ट के बाद पता चला कि अज्जू उसकी बहन और मां भी कोविड-19 संक्रमित हैं। अज्जू को 23 जुलाई को बस्ती के कैली अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां हालत बिगड़ने पर 23 जुलाई को पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई में इलाज के दौरान ही 30 जुलाई को उसकी कोविड-19 से मौत हो गई। 30 जुलाई की शाम को ही बस्ती के एक अस्पताल में भर्ती उसकी बहन की भी कोविड-19 से मौत हो गई। जबकि उसकी कोरोना संक्रमित मां की मौत चार जुलाई को हुई।

मौत का जश्न क्रूरता है
कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान सरकार ने दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत जैसे पौराणिक कार्यक्रमों का प्रसारण शुरू करवाया था। इन दोनों ही कार्यक्रमों में असुर जनजातियों और वनवासियों की हत्या और सामूहिक जनसंहार को धर्म रक्षा के नाम पर जस्टिफाई किया गया था। महाभारत में दुशासन की हत्या के बाद भीम द्वारा उसकी छाती चीरते और उसका लहू पीते हुए भी दिखाया गया था।

भगवा गैंग राष्ट्रपिता गांधी की हत्या को भी इन्हीं पौराणिक कार्यक्रमों के बुनियाद पर ‘वध’ कह कर जस्टीफाई करता आया है। अभी ज़्यादा दिन नहीं हुए जब वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को निखिल दधीचि नामक भगवाई ने ‘कुतिया की मौत’ कहकर जश्न मनाया था। बता दें कि इस भगवाई निखिल दधीचि को प्रधानमंत्री मोदी भी फॉलो करते हैं।

हालांकि मनुष्य होने के नाते किसी की भी मौत का जश्न क्रूरता है, कुछ लोग अज्जू हिंदुस्तानी की मौत को एक व्यक्ति की नहीं बल्कि ‘नफ़रत’ की मौत के तौर पर देख रहे हैं।

जिस समय काल में ‘कट’ करने जैसे व्यंजनात्मक मुहावरे का अभिप्राय इस देश की हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक समझने में असमर्थ हैं वहां उस समय काल में सामान्य जन से नफ़रत और नफ़रती में अंतर कर सकने की समझ की उम्मीद करना ही बेमानी है। 

अमित शाह की बीमारी को लेकर भी लोगों ने दी थी तीखी प्रतिक्रिया
इससे पहले कोरोना काल के दौरान जब प्रधानमंत्री टीवी पर आकर ताली थाली बजाने और दीया जलाने जैसे टास्क देकर कोरोना के खिलाफ़ लड़ाई लड़ रहे थे, गृह मंत्री होने के बावजूद अमित शाह पूरे सिनेरियो से ही गायब थे। लोगों ने उनकी विलुप्तता को उनके किसी ‘अनजान’ रोग से जोड़ा। तो कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके कोरोना संक्रमित होने का दावा भी किया।

परिणाम ये हुआ कि कई दिन बाद अंततः नौ मई को अमित शाह ट्वीटर पर प्रकट हुए और अपनी कथित बीमारी पर सफाई दी। सफाई में भी अमित शाह का नफ़रती तेवर साफ झलक रहा था। अपने ट्वीट में उन्होंने इसका जिक्र किया था कि कई लोग उनके मरने की दुआ कर रहे हैं।

कोरोना बीमारी का हनुमान चालीसा के बहाने इलाज का हिंदूकरण
बिल्कुल शुरुआत से ही कोरोना महामारी का पहले असुरीकरण और बाद में इस्लामीकरण करने की साजिश की गई। इस साजिश में सरकार के मंत्रियों से लेकर भगवा गैंग के छुटभैय्ये और पूंजीवादी फासिस्ट मीडिया का पूरा गठजोड़ लगा हुआ था। तबलीगी जमात के बहाने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ़ नफ़रत पूरे उन्वान पर थी। मुस्लिम सब्जी वालों और फल वालों को मारा जा रहा था। उनकी दुकानें बंद करवाई जा रही थी। सब्जी और फल वालों को भगवा बैनर पकड़ाकर उनका भगवाकरण किया जा रहा था।

इसी दर्मियान आतंकवादी संगठन हिंदू महासभा के चक्रपाणी ने दिल्ली में गौमूत्र पार्टी रख कर, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राज्य में कोरोना मरीजों को काढ़ा बंटवाकर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा हनुमान को मास्क चढ़ाकर और भगवा आतंकी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा रोजाना हनुमान चालीसा के पांच बार पाठ करने से कोरोना का इलाज बताया जा रहा था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा लोगों से 18 दिन में गीता के 18 अध्याय पढ़ने की अपील करना कोरोना के सांप्रदायीकरण का ही हिस्सा था। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने 18 दिन में महाभारत के युद्ध का हवाला देकर 21 दिन में कोरोना से जीतने का दावा करके कोरोना महामारी के सांप्रदायीकरण की शुरुआत की थी।

भगवा गैंग के लोग क्यों हो रहे कोविड-19 का शिकार
भगवा गैंग के लोग लगातार कोरोना संक्रमण का शिकार क्यों हो रहे हैं? क्या उन्होंने सेतु एप नहीं डाउनलोड किया? क्या उन्होंने लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन किया? तो इसका जवाब काफी हद तक हां है। उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन और कोरोना विस्फोट के बावजूद पांच अगस्त को राम जन्म भूमि पूजन के दिन पांच दिया जलाने के लिए बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर लोगों से दीया जलाने की अपील की थी। कोरोना के दौरान ही उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में मंदिर से जुड़े कई आयोजन हो चुके हैं।

इसी तरह बिहार में आगामी चुनाव के मद्देनज़र भाजपा-आरएसएस के स्थानीय कार्यकर्ता जमीन पर फेंक दिए गए हैं। 13-14 जुलाई को बिहार में भाजपा प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह समेत भाजपा कार्यालय के 75 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे।

28 जुलाई को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके दो मंत्री रामखेलावन पटेल और तुलसी सिलावट और अरविंद भदौरिया कोरोना संक्रमित पाए गए थे।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री वीएस येदुरप्पा भी दो अगस्त को कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, खेल मंत्री उपेंन्द्र तिवारी, जय प्रताप सिंह, राजेंन्द्र प्रताप सिंह, धर्म सिंह सैनी, चेतन चौहान कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जबकि योगी सरकार में प्राविधिक शिक्षामंत्री कमल रानी वरुण की कोरोना से मौत हो चुकी है।

कुछ दिन पहले ही गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। अब सवाल उठता है कोरोना से बचने और उसका शर्तिया इलाज का दावा करने वाले भगवा गैंग के लोग कोरोना संक्रमित होकर अस्पताल की ओर क्यों भाग रहे हैं? जबकि उनके पास कोरोना के शर्तिया इलाज के रूप में बाबा रामदेव का कोरनिल है, चक्रपाणि की गौमूत्र पार्टी, शिवराज का काढ़ा, महामृत्युंजय मंत्र और हनुमान चालीसा है।

बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह के रविवार को कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद निजी अस्पताल मेदांता में उनका इलाज चल रहा है। मेदांता में गृह मंत्री के इलाज को लेकर बॉलीवुड एक्टर और क्राइम पेट्रोल के होस्ट रह चुके सुशांत सिंह ने तंज कसा है। सुशांत सिंह ने कहा कि आप गौमूत्र पीजिए, गोबर लपेटिए लेकिन साहब मेदांता जाएंगे।

सुशांत सिंह के इस तंज भरे ट्वीट पर ट्विटर यूजर्स भी अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक ट्वीटर यूजर ने लिखा- “अमित शाह को अब पता चलेगा, भगवान अस्पताल में होते हैं मंदिर या मस्जिद में नहीं।”

उत्तर प्रदेश में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या 1 लाख के पार
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के भीतर रिकॉर्ड 4,658 नए कोरोना मरीज सामने आए हैं। जबकि प्रदेश में 63 लोगों की मौत 24 घंटे में कोरोना से हुई है। इसके साथ ही राज्य में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या एक लाख के पार (1,08,974) हो गई है, जबकि अब तक राज्य में कोरोना से मरने वालों की संख्या 2000 हो गई है।

देश में कोविड-19 संक्रमितों की कुल संख्या 20 लाख 30 हजार हो गई है और अब तक कोरोना से देश भर में 41,673 लोगों की मौत हो चुकी है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।) 

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

धनबाद: सीबीआई ने कहा जज की हत्या की गई है, जल्द होगा खुलासा

झारखण्ड: धनबाद के एडीजे उत्तम आनंद की मौत के मामले में गुरुवार को सीबीआई ने बड़ा खुलासा करते हुए...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.