Tuesday, October 19, 2021

Add News

छत्तीसगढ़: ‘आवंटित अनाज का वितरण न कर जरूरतमंदों को खाद्यान्न से वंचित कर रही है सरकार’

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

रायपुर। छत्तीसगढ़ किसान सभा (सीजीकेएस) ने कांग्रेस सरकार पर राज्य के गरीबों और जरूरतमंदों को खाद्यान्न सुरक्षा से वंचित करने का आरोप लगाया है। किसान सभा ने सरकार से पूछा है कि मुफ्त अनाज का नागरिकों के बीच वितरण किये बिना ही वह जनता का पेट भरने का चमत्कार कैसे कर रही है?

संगठन ने एक बयान में छग किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने केंद्र सरकार के उपभोक्ता मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के हवाले से बताया कि प्रवासी मजदूरों सहित राज्य के गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त अनाज वितरण के लिए मई और जून माह में 20000 टन चावल का आवंटन किया गया था। इस आवंटन से प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल मुफ्त देने की केंद्र की घोषणा के अनुसार प्रदेश के 40 लाख लोगों को कुछ राहत पहुंचाई जा सकती है। लेकिन राज्य सरकार ने केवल 944 टन चावल का उठाव किया है, जो अधिकतम 95 हजार लोगों के बीच ही वितरित किया जा सकता है। हालांकि केंद्र द्वारा यह आवंटन प्रदेश की जरूरतों से कम है, इसके बावजूद इस खाद्यान्न के केवल 5% का ही उठाव यह बताता है कि उसे जनता को पोषण-आहार देने की कोई चिंता नहीं है। उठाये गए इस खाद्यान्न का भी पूरा वितरण हुआ है कि नहीं, इस बात की भी कोई जानकारी नहीं है।

किसान सभा नेताओं ने कहा कि जिस प्रदेश में दो-तिहाई से ज्यादा आबादी गरीब हो, असंगठित क्षेत्र के लाखों मजदूरों  और ग्रामीण गरीबों की आजीविका खत्म हो गई हो और 5 लाख प्रवासी मजदूर अपने गांव-घरों में लौटकर भुखमरी का शिकार हो रहे हैं, वहां जरूरतमंद और गरीब नागरिकों को मुफ्त अनाज न देकर उन्हें खाद्यान्न सुरक्षा से वंचित करना आपराधिक कार्य है। वास्तव में इस सरकार ने आम जनता को अपनी खाद्यान्न जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार के रहमोकरम पर छोड़ दिया है। उसका जनविरोधी रुख इससे भी स्पष्ट है कि वह राज्य के पास उपलब्ध अतिशेष चावल को भुखमरी मिटाने के लिए इस्तेमाल करने के बजाय इससे इथेनॉल बनाने की मंजूरी केंद्र से मांग रही है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संकट की आड़ में काला बाजारियों ने रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं का कृत्रिम अभाव पैदा किया है और वे दुगुने-तिगुने भाव में बिक रही हैं। इससे आम जनता को बचाने के लिए मुफ्त अनाज वितरण ही न्यूनतम सुरक्षा का उपाय है, जिसे पूरा करने से कांग्रेस सरकार ने इंकार किया है।

किसान सभा ने राज्य सरकार से मांग की है कि केंद्र द्वारा आवंटित अनाज का उठाव कर सभी जरूरतमंद लोगों को इसे उपलब्ध कराए, उसके पास जमा अतिशेष चावल का भी वितरण करे तथा इस चावल को इथेनॉल में बदलने के अपने फैसले को रद्द करे। किसान सभा ने कहा है कि हवा-हवाई विज्ञापनी दावों से आम जनता का पेट नहीं भरने वाला है।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

लोग कोरोना से मर रहे थे और मोदी सरकार के मंत्री संपत्ति ख़रीद रहे थे

कोरोनाकाल के पहले चरण की शुरुआत अप्रैल 2020 से शुरु होती है। जबकि कोरोना के दूसरे चरण अप्रैल 2021...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -