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व्यंग

जो अशोक किया, न अलेक्जेंडर उसे मोशा द ग्रेट ने कर दिखाया!

मैं मोशा का महा भयंकर समर्थक बन गया हूँ। कुछ लोगों की नज़र में वे भले ही कापुरुष हों लेकिन…

1 month ago

बचा-खुचा लंगड़ा लोकतंत्र भी हो गया दफ्न!

आह, अंततः लोकतंत्र बेचारा चल बसा। लगभग सत्तर साल पहले पैदा हुआ था, बल्कि पैदा भी क्या हुआ था। जैसे-तैसे,…

2 months ago

प्रेमचंद के फटे जूते

प्रेमचंद का एक चित्र मेरे सामने है, पत्नी के साथ फोटो खिंचा रहे हैं। सिर पर किसी मोटे कपड़े की…

2 months ago

अद्भुत है मोदीजी की ‘कष्ट-थिरैपी’!

बात कई दिन पुरानी है, लेकिन है झकझोर देने वाली सच्ची घटना। एक नौकरशाह ने प्रधानमंत्री की चाटुकारिता करते हुए,…

5 months ago

सात नहीं सात हज़ार तालों में बंद है भक्तों का बब्बर शेर

क्या कोरोना 20-30 फिट दूर रखे दूरदर्शन के कैमरे से निकलने का एलान कर चुका है? दूरदर्शन के पास बेहतरीन…

6 months ago

सियासत के साहूकार बेच रहे जनादेश

हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं। महाराष्ट्र में सरकार बनाने की खींचतान अभी भी जारी है।…

11 months ago