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गुजरात में यूपी-बिहार के लोगों पर हो रहे हमले के खिलाफ बनारस में विरोध-प्रदर्शन, सैकड़ों लोग गिरफ्तार

जनचौक ब्यूरो

वाराणसी। यूपी में विरोध-प्रदर्शन का न्यूनतम लोकतांत्रिक स्पेश भी खत्म होता जा रहा है। सूबे की योगी सरकार छोटा से छोटा प्रदर्शन भी बर्दास्त करने के लिए अब तैयार नहीं है। यही वजह है कि बृहस्पतिवार को जब गुजरात में यूपी और बिहार के लोगों के साथ होने वाली ज्यादती के खिलाफ बनारस में लोग प्रदर्शन करने के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों के नहीं मानने पर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी शुरू कर दी।

भगत सिंह-अंबेडकर विचार मंच के आह्वान पर ये सब लोग बीएचयू के लंगा गेट पर इकट्ठा हुए थे। अभी सभा शुरू ही हुई थी कि पुलिस ने सबको हिरासत में लेना शुरू कर दिया।

हालांकि लंका गेट पर जुटी संख्या बता रही थी कि लोग गुजरात से  यूपी-बिहार के लोगों के खदेड़े जाने और मारे-पीटे जाने से बेहद आक्रोशित हैं। वाराणसी पीएम का लोकसभा क्षेत्र होने के नाते भी ये रोष कुछ ज्यादा ही दिख रहा था। लोगों का कहना है कि उन्होंने गुजरात के एक शख्स को जिताकर देश का पीएम बनाया और उसका ईनाम ये मिल रहा है कि उसके सूबे के लोग उनके लोगों के साथ अपमानजनक व्यवहार कर रहे हैं। लिहाजा यूपी के किसी भी दूसरे हिस्से के मुकाबले बनारस के लोगों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। और उसी जिम्मेदारी के तहत संगठनों ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था।

विरोध-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बीएचयू के पूर्व छात्रनेता सुनील यादव ने कहा कि गुजरात में यूपी-बिहार के लोगों पर हो रहे हमलों से; छद्म राष्ट्रवाद की राजनीति और गुजरात मॉडल की असलियत लोगों के सामने आ गई है। आरएसएस-भाजपा के लोग छद्म राष्ट्रवादी हैं। इन्हें देश की जनता के बजाय वोट बैंक से प्यार है। वोट बैंक बनाने के लिए ये न सिर्फ हिन्दू-मुसलमान को आपस में लड़ाते हैं, बल्कि एक प्रान्त के लोगों को दूसरे प्रान्त के लोगों के खिलाफ भी खड़ा कर देते हैं। महाराष्ट्र से लेकर गुजरात तक आरएसएस-भाजपा और शिवसेना-मनसे के लोग इसी खेल में मशगूल हैं।

सुनील यादव ने आगे कहा कि यूपी-बिहार के विकास के सवाल पर प्रधानमन्त्री मोदी ने बनारस से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। लेकिन अपने अब तक के कार्यकाल में उन्होंने इस इलाके में रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में कोई कारगर पहल नहीं ली। उलटे अब यूपी-बिहार के लोगों को गुजरात से खदेड़ा जा रहा है। विज्ञापन की ताकत के बल पर `गुजरात मॉडल’ का झूठ खड़ा किया गया था। जिसकी असलियत अब सामने आ रही है। निश्चय ही  मोदी को इसका खामियाजा अगले लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

सुनील यादव, ट्रेड यूनियन नेता एसपी राय, युवा नेता मारुति मानव परिवर्तनकामी विद्यार्थी मोर्चा के कुलदीप मीणा, रणधीर सिंह,प्रवीण नाथ, भुवाल यादव, सूबेदार यादव, अमरजीत और चन्द्र शेखर ने गिरफ्तारी दी।

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Published by
Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi