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युवा किसान दिवस: बॉर्डरों पर आज युवाओं ने संभाला मोर्चा

खेती सेक्टर और किसान आन्दोलन में युवाओं की भागीदारी के सम्मान में आज युवा किसान दिवस मनाया गया। इस दिन SKM के सभी मंचों पर मंच संचालन युवाओं द्वारा किया गया और सभी वक्ता भी युवा ही थे। आज के इस कार्यक्रम ने गोदी मीडिया के उस प्रोपेगेंडा को फेल किया है जिसमें बार बार यह कहा जा रहा था कि अब युवा संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ नहीं हैं।

मंच की शुरुआत आज सुबह शहीद हुए 18 साल के नवजोत सिंह को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। गणतंत्र दिवस पर पुलिस की गोली से शहीद हुए उत्तराखंड के (स्वर्गीय) नवरीत सिंह के दादा बाबा हरदीप सिंह ने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि जीत का एकमात्र रास्ता निरंतर संघर्ष से है। मंच पर मौजूद युवाओं ने कसम खाई कि वे इस आंदोलन को सफल बनाएंगे और वे शहीदों के बलिदान को बेकार नहीं जाने देंगे।

इस दौरान युवाओं ने रोजगार का भी मुद्दा उठाया और पिछले दिनों से देश में चल रहे ऑनलाइन कैंपेन का भी समर्थन किया। बढ़ रही बेरोजगारी और शिक्षा के निजीकरण का मुद्दा भी युवाओं ने इस मंच पर रखा। युवाओं ने कहा कि अब हमें समझ में आ गया है कि सरकार युवाओं को खेती से निकालकर शहरों में सस्ते मजदूर के रूप में तैयार करना चाहती है जिसे वे कतई स्वीकार नहीं करेंगे।

युवाओं ने इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। युवा गीतकार रोमी घमाना ने आन्दोलनजीवी गीत लांच किया। युवाओं ने इस दौरान मोदी सरकार को न सिर्फ किसान विरोधी कहा बल्कि युवा विरोधी और विद्यार्थी विरोधी भी करार दिया।

संयुक्त किसान मोर्चो के आह्वान पर आज़ 26 फरवरी को सुनहेड़ा जिराहेड़ा बॉर्डर पर किसान आंदोलन के तीन महीने पूरे होने पर युवाओं के योगदान को सम्मानपूर्वक ‘युवा किसान दिवस’ के रूप में मनाया गया।

मंच से युवाओं ने खूब जोश और जज्बे का परिचय दिया और अपने वक्तव्य में कहा कि अब ये लड़ाई किसान के सम्मान की लड़ाई है और हम अपने बुजुर्गों की पगड़ी को नीचा नहीं दिखाने देंगे। उन्होंने कहा कि अब ये आंदोलन हमारे वजूद बचाने का आंदोलन हो गया है इसलिए देश का युवक अपने पुरखों की जमीन और जमीर को बचाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर अपने बड़ों के साथ खड़ा है और आज़ जो हम युवकों को सम्मान दिया है और जो उम्मीद हमसे लगाई है और जिम्मेदारी सौंपी है अपनी जान पर खेलकर भी उस जिम्मेदारी को पूरा करेंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि वह पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के उस फ़ैसले का स्वागत करता है जिसमें मजदूर नेता नौदीप कौर को जमानत दी गई है। किसान मजदूर एकता को सार्थक करते हुए नौदीप इस आन्दोलन की ताकत रही हैं। नौदीप के साथ ही किसान आन्दोलन को समर्थन कर रहे शिव कुमार को भी पुलिस ने हिरासत में लिया हुआ है। हाल ही में आई मेडिकल रिपोर्ट से यह सिद्ध होता है कि शिव कुमार के साथ भारी पुलिस ज्यादती की गई है। मोर्चा इसकी कड़ी निंदा करता है और शिवकुमार की भी बिना शर्त रिहाई की मांग करता है।

आज युवा किसान दिवस पर मुजफ्फरपुर, बिहार में जिले की तैयारी बैठक हुई। जिसमें पूरे मुजफ्फरपुर के किसान नेतृव और जय प्रकाश नारायण द्वारा स्थापित संघर्ष वाहिनी के बिहार के कई वरिष्ठ साथी मौजूद रहे । आज यह तय किया गया कि आने वाले समय में बिहार को जागृत और एकजुट करके तीन-चार बड़ी पंचायतें कराई जाएंगी।

दक्षिण भारत से किसानों का जत्था आज सिंघु बॉर्डर पहुंचा। आज मंच पर बोलते हुए वक्ता ने कहा कि पूरे देश के किसान एक हैं व यह झूठ नहीं चलेगा कि कुछ सीमित जगहों में ही यह विरोध हो रहा है। कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल व तेलंगाना से आये इन किसानो ने MSP के महत्व पर ज़ोर दिया और तीन कृषि कानूनों को किसानों के लिए डेथ वारंट करार दिया।

विभिन्न स्थानों पर महापंचायतों के प्रभावशाली आय़ोजन का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश में संभल, तेलंगाना में निजामाबाद, राजस्थान में करौली और टोडा भीम में महापंचायत आयोजित की गई। आज यूपी के सम्पूर्णानगर और राजस्थान में पदमपुर और घड़साना (श्रीगंगानगर जिले) जैसी जगहों पर विशाल महापंचायत हुई।

एसकेएम ने हरियाणा के लोगों को सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने के लिए बधाई दी कि सिरसा में मंत्री कंवर पाल गुर्जर का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। इससे पहले (24 फरवरी) को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में किसानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के बंगले का घेराव किया।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)

This post was last modified on February 26, 2021 11:39 pm

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