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10 अप्रैल को KMP हाईवे को 24 घंटे के लिए बंद करने का किसानों का ऐलान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के किसान हितैषी होने के दावे लगातार झूठे साबित हो रहे हैं। किसान लंबे समय से फसलों के उचित दामों और बढ़ रहे खर्चे के मामलों पर संघर्ष करते आ रहे हैं। किसान इस समय में दोगुनी मार झेल रहे हैं। एक तो तय किये MSP पर खरीद नहीं होती, दूसरा खेती पर लागत इतनी बढ़ रही है कि वह फसल के मूल्य से भी अधिक हो जाती है। हाल ही में IFFCO द्वारा जारी किए गए नोटिस के अनुसार DAP की बोरी अब ₹ 1200 की जगह 1900 ₹ की मिलेगी। इसी तरह अन्य उत्पादों के दाम भी बढ़ाये हैं। यह प्रत्यक्ष रूप से किसानों पर हमला है जहां किसानों को महंगे दामों पर DAP खरीदनी पड़ेगी। सरकार के इस कदम की किसान मोर्चे ने कड़ी निंदा की है। साथ ही अपना विरोध दर्ज किया है। उसका कहना है कि आने वाले समय में किसान तीन कानूनों को रद्द करवाने व MSP की मांग के साथ-साथ अन्य किसानों पर हमलावर अन्य मांगों पर भी उसी जोर से लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वो IFFCO व सरकार को चेतावनी देते हैं कि जल्द से जल्द सभी उत्पादों की कीमतें कम नहीं की तो आन्दोलन और तेज होगा।

आज हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन AIKKMS तथा ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय रेवाड़ी बाईपास पर तथा मातनहेल, दुजाना तथा अच्छेज में  हरियाणा सरकार के “संपत्ति क्षति पूर्ति कानून” अर्थात आंदोलनकारियों से प्रॉपर्टी के नुकसान की भरपाई करने के जनविरोधी कानून की प्रतियों की होली जलाई तथा इस कानून को रद्द करने की मांग की। किसानों ने कहा कि यह कानून चल रहे ऐतिहासिक किसान आंदोलन को कुचलने के मकसद से बनाया गया है। सरकार चाहती है कि देश में कोई भी सरकार के खिलाफ आवाज ना उठाए, चाहे सरकार कितना ही जन विरोधी कार्य क्यों ना करे। यह लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास है जो सफल नहीं होगा।

इस बीच, हरियाणा के युवा किसान नेता रवि आज़ाद को आज जमानत मिल गयी है। हरियाणा सरकार का यह प्रवाह बन गया है कि किसान मजदूर अधिकारों की बात करने वालों को गिरफ्तार कर लिया जाता है। परंतु जनता की ताकत के बाद उन्हें छोड़ना ही पड़ता है। मोर्चे ने कहा कि वह हरियाणा सरकार को चेतावनी देता है कि इस तरह का बर्ताव तुरंत बंद किया जाए अन्यथा किसानों का आंदोलन और व्यापक होगा।

उधर, 10 अप्रैल को KMP हाईवे को 24 घंटे के लिए बंद किया जाएगा। इसके बाबत सभी बोर्डर्स पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं तैयारियां की जा रही हैं। सयुंक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि किसान कभी नागरिकों को परेशान नहीं कर सकते पर सरकार किसानों की आवाज को दरकिनार कर रही है। उसका कहना है कि वह सभी किसानों की तरफ से आश्वस्त करता है कि KMP बंद के दौरान आम नागरिकों के साथ अच्छा बर्ताव किया जाएगा व यह पूर्ण रूप से शांतिमय रहेगा। साथ ही वह आम नागरिकों से आग्रह करता है कि अन्नदाता के सम्मान में इस कार्यक्रम में अपना सहयोग दें।

-सयुंक्त किसान मोर्चा प्रेस नोट द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित

This post was last modified on April 8, 2021 8:52 pm

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