Sunday, November 27, 2022

तुगलकाबाद स्थित रविदास आश्रम तोड़े जाने का विरोध कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज, कई गिरफ्तार

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नई दिल्ली। तुगलकाबाद में करीब 600 साल पुराने गुरु रविदास आश्रम तोड़े जाने के खिलाफ दिल्ली सहित पूरे देश में बहुजन समाज के भीतर जबर्दस्त विक्षोभ है। गुरु स्थान के तोड़े जाने के प्रतिवाद स्वरुप दिल्ली के बहुजन समाज के लोगों ने बड़ी तादाद में इकट्ठा होकर आज गोविन्दपुरी मेट्रो स्टेशन से तुगलकाबाद गुरु रविदास स्थान तक मार्च निकाला।

मार्च में बहुजन समाज युवाओं की अच्छी खासी भागादारी थी। जुलूस जब गुरु रविदास स्थान पहुंचा तो उसके पहले ही तारा अपार्टमेंट के पास छावनी बना कर खड़ी पुलिस ने उसे रोक दिया। उसके बावजूद भी जब कार्यकर्ता आगे बढ़ने की कोशिश किए तो उनकी पुलिस के साथ तीखी झड़प हो गयी। उसके तुरंत बाद पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। जिसमें अगुआई कर रहे कुछ नेताओं को चोट भी आयी। उसके तुरंत बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। 

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इस मौके पर हुई सभा को संबोधित करते हुए फिलिप क्रिस्टी ने कहा कि यह सरकार जिस तरह से बहुजन अधिकारों और बहुजन सम्मान के प्रतीक स्थानों को खत्म कर रही है, उसके खिलाफ बहुजन समाज में बेतहाशा गुस्सा है। अब बहुजन समाज इस मनुवदी निजाम को उखाड़ फेंकने के लिए कमर कस रही है। 

21 अगस्त को देशव्यापी प्रतिरोध दिवस के रूप में मनाया जायेगा। बहुजन यूथ ब्रिगेड के अखिल भारतीय संयोजक हिम्मत सिंह ने बहुजन युवाओं से आह्वान किया कि वो 21 अगस्त को बड़ी तादाद में निकलें और इस देश व्यापी आंदोलन का हिस्सा बनें।

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दरअसल यह आश्रम ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल था। और पुरातत्व के लिहाज से भी इसका महत्व था। बावजूद इसके कोर्ट के आदेश से प्रशासन ने उसे गिरा दिया। बताया जाता है कि इस मामले को केंद्र सरकार को जितनी गंभीरता से लेना चाहिए था वह उसने नहीं दिखायी। और अब उसी का नतीजा है कि रविदास के अनुयायियों में उबाल आ गया है। और वो इसे न केवल अपने अपमान बल्कि अपनी पहचान को मिटाने की साजिश के तौर पर देखने लगे हैं। बीजेपी के सत्ता में आने के साथ ही जिस तरह से सांप्रदायिकता के खोल में ब्राह्मणवादी और मनुवादी वर्चस्व बढ़ा है उसको देखते हुए इस आरोप से इंकार नहीं किया जा सकता है।

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पंजाब में इसके खिलाफ एक दिन बंद था जिसमें भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने हिस्सेदारी की थी। इसके साथ ही पंजाब की कांग्रेस सरकार का उसको खुला समर्थन हासिल था। लेकिन अब यह आग पंजाब से निकल कर दिल्ली पहुंच गयी है। और 21 अगस्त को राजधानी में एक बड़ा जमावड़ा होने का आसार है।

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