संयुक्त किसान मोर्चा की वाराणसी के शास्त्री घाट पर बैठक, ‘प्रधानमंत्री किसान संवाद’ को दी खुली चुनौती

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बनारस। वाराणसी में ‘प्रधानमंत्री के किसान संवाद’ को खुली चुनौती देने हेतु संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों के साथ एक सभा की और शास्त्री घाट पर व्यापक विरोध की गंभीर रणनीति बनाई। साथ ही किसानों ने इसी मुद्दे पर वाराणसी को गरमाने की रणनीति भी बनाई।

संयुक्त किसान मोर्चा वाराणसी के बैनर तले ’11 किसान विरोधी योजनाओं से पीड़ित’ किसान लामबंद हुए औऱ इसके साथ ही वैधानिक हक हकूक के लिये निर्णायक संघर्ष चलाने का निर्णय लिया गया।

किसानों ने कहा कि यदि 16 जून तक प्रधानमंत्री से संवाद हेतु सार्थक सूचना नहीं मिली तो 17 जून को 1 लाख हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी को 11 किसान विरोधी योजनाओं के खिलाफ दिया जाएगा और प्रधानमंत्री के फर्जी संवाद की पोल खोली जाएगी।

विविध योजनाओं से प्रभावित वाराणसी के असली किसान अपने-अपने क्षेत्र में लाखों-लाख की संख्या में 18 जून को धरना देंगे और जनता से संवाद कर ‘प्रधानमंत्री के फर्जी किसान संवाद’ का पोल खोलेंगे।

किसान नेता विनय शंकर ‘मुन्ना’ ने कहा है कि किसानों से संवाद और उनकी समस्याओं के निदान हेतु गंभीर पहल 18 जून तक यदि भारत सरकार नहीं करती तो आगामी सत्र में लोकसभा और विधानसभा में इसे मुद्दा बनाया जाएगा।

वाराणसी में आज आगामी 18 जून को आयोजित प्रधानमंत्री के किसान संवाद को खुली चुनौती देने हेतु किसानों ने तपती धूप में शास्त्री घाट पर व्यापक विरोध की गंभीर रणनीति बनायी , किसान नेता विनय शंकर राय “मुन्ना” की अध्यक्षता में मोहनसराय ट्रांसपोर्ट नगर , काशी द्वार, रिंग रोड फेज 2, जी टी रोड आवासीय योजना, स्पोर्ट्स सिटी, वैदिक सिटी, वरूणा बिहार, विद्या निकेतन, गोबर गैस प्लांट, वर्ल्ड सिटी एक्सपो, मेडिसिटी योजना से प्रभावित (पीड़ित) किसानों के नेतृत्वकर्ताओं की अति आवश्यक आपातकालीन बैठक शास्त्री घाट वरूणापुल पर दोपहर 12 बजे से प्रारंभ हुई और सायं 03 बजे सम्पन्न हुई।

जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा वाराणसी के बैनर तले वाराणसी की 11किसान विरोधी योजनाओं से पीड़ित किसान लामबंद होकर अपने वैधानिक हक हकूक के लिये निर्णायक संघर्ष हेतु संकल्प के साथ व्यापक रणनीति की घोषणा की।

किसानों ने अल्टीमेटम देते हुये कहा कि 16जून तक प्रधानमंत्री से संवाद हेतु सार्थक सूचना नहीं मिली तो 17 जून को 1 लाख हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी को भारी संख्या में किसान देकर प्रधानमंत्री के फर्जी किसान संवाद पर सवाल खड़ा करेंगे और उसके बावजूद यदि मोदी जी किसानों से मिलकर गंभीरता पूर्वक 73 गांव के 11 योजनाओं के लगभग पौने दो लाख “अन्नदाता” किसान विरोधी योजनाओं से जो प्रभावित हैं उनके 11 नेतृत्वकर्ताओं से मिलकर संवाद नहीं किये तो धरती के पालनहार किसान उनके किसान विरोधी चेहरे को उजागर करने हेतु पर्चा बांटकर, नुक्कड नाटक , राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रभात फेरी निकालेगा। 18 जून को विविध योजनाओं से प्रभावित वाराणसी के असली किसान अपने-अपने क्षेत्र में भारी संख्या में जुटकर हर जगह हाथों में काली पट्टी बांधकर धरना देंगे और प्रधानमंत्री के फर्जी किसान संवाद का विरोध करके काला दिवस मनाएंगे।

किसानों ने कहा कि पीड़ित किसानों से यदि संवाद नहीं किया गया और उनकी समस्याओं के निदान के लिए कोई गंभीर पहल 18 जून तक सरकार ने नहीं किया तो आगामी सत्र में लोकसभा और विधानसभा में वाराणसी के किसानों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया जाएगा साथ ही साथ किसान देश और प्रदेश की राजधानी की ओर कूच करेगा और लोकसभा और विधान सभा का घेराव भी करेगा।

बैठक की अध्यक्षता किसान नेता विनय शंकर राय “मुन्ना”, संचालन काशी द्वार संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक संतोष कुमार पटेल ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त किसान मोर्चा रिंग रोड फेज 2 एवं स्पोर्ट्स सिटी के संयोजक सतीश पटेल ने दिया।

धरना को प्रमुख रूप से फतेहनारायन सिंह पटेल , राजीव कुमार (राजूराम), उदय प्रताप पटेल, खटाई लाल शर्मा, विजय शंकर पाण्डेय, मेवा लाल, रतन लाल सेठ, राजेन्द्र पाल, राधेश्याम पाल , अंशु उपाध्याय, कृष्ण प्रसाद पटेल, जय प्रकाश, राहुल पटेल, प्रेम शाह, दिनेश तिवारी, धीरू यादव ने सम्बोधित किया।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)

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