शाहनवाज आलम के बाद लखनऊ में कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू और सीएलपी नेता आराधना मिश्रा भी गिरफ्तार

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नई दिल्ली/लखनऊ। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और सीएलपी नेता आराधना मिश्रा को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके पहले कल रात को पुलिस ने पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम को पुलिस ने पार्टी दफ्तर के गेट से उठा लिया था। हिरासत में लेने से पहले पुलिस ने कुछ बताया ही नहीं और बाद में दफ्तर के गेट के सीसीटीवी को चेक करने पर पता चला कि पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया है। 

उसके बाद सैकज़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हजरतगंज थाने के सामने जुट गए और उन्होंने शाहनवाज की रिहाई की मांग शुरू कर दी। दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया। बाद में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू थाने पहुंचे और उनकी एसएचओ से बात भी हुई लेकिन पुलिस शाहनवाज आलम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि शाहनवाज आलम को सीएए विरोधी आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने में शामिल थे और उनको उसी आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

हालांकि अभी तक लखनऊ प्रशासन जिन लोगों के नाम सीएए विरोधी आंदोलन में लेता रहा है उनमें शाहनवाज का नाम कभी भी नहीं आया। लेकिन अचानक पुलिस प्रशासन द्वारा शाहनवाज का नाम सीएए विरोधी आंदोलन से जोड़े जाने से लोग अचरज में हैं। पार्टी के सूबे के प्रशासनिक इंचार्ज दिनेश सिंह का कहना है कि शाहनवाज के खिलाफ कोई मामला बनता न देख पुलिस उनकी गिरफ्तारी को सीएए से जोड़ रही है। जबकि शाहनवाज का अभी तक प्रशासन ने इस मामले में कभी नाम तक नहीं लिया है।

आज कुछ देर पहले जब पार्टी दफ्तर से प्रदेश अध्यक्ष लल्लू और सीएलपी नेता आराधना मिश्रा सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ शाहनवाज की गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए बाहर निकले पुलिस ने तभी उन सभी को रोक दिया। गेट पर ही कार्यकर्ताओं के साथ हल्का धक्का-मुक्की के बाद उन उन्हें हिरासत में ले लिया गया। और बताया जा रहा है कि उन्हें बसों में भरकर इको गार्डेन ले जाया गया है।

इसके पहले भी लल्लू को प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस द्वारा बसें मुहैया कराने के मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। और तकरीबन तीन हफ्ते जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिल थी।

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