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अमेरिकी रक्षामंत्री मार्क एस्पर ने किया सेना उतारने के ट्रम्प के बयान का विरोध

नई दिल्ली। अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर (Mark  Esper) ने प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए सेना उतारने का विरोध किया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने बुधवार को पेंटागन हेडक्वार्टर में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों से निपटारे के लिए मिलिट्री फोर्स उतारने का समर्थन नहीं करते।

रक्षा प्रमुख ने ट्रम्प की धमकियों के बावजूद विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए सैनिकों की तैनाती का विरोध करते हुए कहा कि “इन्स्युरेक्शन अधिनियम कानून के तहत एक्टिव ड्यूटी ट्रूप (मिलिट्री और नेशनल गार्ड) का उपयोग करने का विकल्प केवल अंतिम उपाय के रूप में है और केवल सबसे जरूरी और गंभीर स्थितियों में किया जाना चाहिए। अभी हम उन स्थितियों में से एक में नहीं हैं,

बता दें कि Insurrection Act -1807 यूनाइटेड स्टेट का संघीय कानून है जो कि नागरिक अशांति का दमन करने, बगावत और राजद्रोह और बगावत जैसी विशेष स्थिति में राष्ट्रपति को मिलिट्री फोर्स और नेशनल गार्डों की तैनाती का अधिकार देता है।

मार्क एस्पर ने एक समाचार ब्रीफिंग में कहा कि “मैं इन्स्युरेक्शन कानून को लागू करने का समर्थन नहीं करता हूं। एस्पर ने कहा कि उन्होंने विरोध-प्रदर्शनों से घिरे क्षेत्रों का वर्णन करने के लिए “बैटल स्पेस” शब्द का उपयोग इस सप्ताह किया। इसके लिए वो माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा- “आगे से, मैं कुछ अलग शब्दों का उपयोग करूँगा ताकि अधिक महत्वपूर्ण मामलों से ध्यान भंग न हो या किसी को ये न लगे कि हम इस मुद्दे का सैन्यीकरण कर रहे हैं।”

एस्पर ने कहा कि इस सप्ताह उन्होंने विरोध-प्रदर्शनों की चपेट में आए क्षेत्रों को डिस्क्राइब करने के लिए “बैटल स्पेस” शब्द का उपयोग किया था इसके लिए उन्हें पछतावा है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर जॉर्ज फ्लॉयड की मिनियापोलिस पुलिस हिरासत में मौत के बाद देश भर में फैली देशव्यापी अशांति के बीच 1 जून, 2020 को वाशिंगटन व्हाइट हाउस की सुरक्षा में तैनात डीसी नेशनल गार्ड के सैन्य अधिकारियों से मिलने गए थे।

बता दें कि ट्रम्प की धमकी के बाद अमेरिकी सेना के भीतर और कांग्रेस में हलचल मच गई, जहां एक शीर्ष रिपब्लिकन ने चेतावनी दी कि वह आसानी से सैनिकों को “राजनीतिक मोहरा” बना सकता है।

पूर्व रक्षा मंत्री जिम मैटिस (Jim Mattis) जो लंबे समय से वर्तमान राष्ट्रपति की स्पष्ट रूप से आलोचना करते आ रहे हैं उन्होंने भी बुधवार को मिलिट्री फोर्स उतारने की धमकी की आलोचना करते हुए कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प अमेरिका के बटवारे की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने नागरिक अशांति के लिए अमेरिका के सैन्यीकरण की निंदा की।

इससे पहले पेंटागन के अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा प्रदर्शनकारियों पर ‘हावी’ होने के लिए सेना का उपयोग करने की धमकी पर चिंता व्यक्त की थी।

राष्ट्रपति ट्रम्प की मिलिट्री थोपने की धमकी

इससे पहले सोमवार की रात रोज गार्डेन से संबोधित करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को – ” your president of law and order” (विधि और व्यवस्था वाला आपका राष्ट्रपति) घोषित करते हुए सभी राज्यों के गवर्नरों से नेशनल गार्ड को तैनात करके घरेलू आतंक के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई करने की अपील की थी। साथ ही उन्होंने धमकी भी दी थी कि यदि कोई राज्य ऐसा करने से मना करता है तो वो प्रदर्शनकारियों पर प्रभुत्व स्थापित करने के लिए मिलिट्री को तैनात करेंगे।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राज्य के पुलिस कर्मियों से प्रदर्शनकारियों पर डोमिनेट होने की भी बात की थी। इससे पहले उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हो रहे लूटपाट पर टिप्पणी करते हुए “लूटिंग स्टार्ट, शूटिंग स्टार्ट” लिखकर प्रदर्शनकारी नागरिकों पर पुलिस हिंसा को बढ़ावा दिया था।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ‘कायले मैकडेनी’ की प्रेस कान्फ्रेंस

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव कायले मैकनेनी (Kayleigh McEnany) ने बुधवार को सीधे जवाब नहीं दिया कि क्या ट्रम्प को अभी भी एस्पर पर भरोसा है, इसके बजाय, “या कि क्या अब भी मार्क एस्पर रक्षा मंत्री हैं।”

मैकनेनी ने बुधवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, “इस संबंध में कि क्या राष्ट्रपति को एस्पर पर भरोसा है, मैं इतना ही कहूंगा कि यदि राष्ट्रपति रक्षा मंत्री एस्पर पर अपना विश्वास खोते हैं, तो मुझे यकीन है कि आप सभी को मुझसे पहले इसकी जानकारी होगी। रक्षा मंत्री राष्ट्रपति के विश्वासपात्र रहेंगे कि नहीं रहेंगे इस बारे में हमें भविष्य ही बताएगा।”

रिपब्लिकन के एक वरिष्ठ सूत्र ने सीएनएन को बताया है कि रक्षा मंत्री मार्क एस्पर को लेकर तनाव चल रहा है और ट्रम्प के मन में अब अपने रक्षा प्रमुख के लिए कोई सम्मान नहीं है। सूत्रों का कहना है कि मंत्री का प्रभाव कम कर दिया गया है और अनिवार्य रूप से राज्य के रक्षा मंत्री का दायित्व माइक पोम्पियो के हाथ में दे दिया गया है, सूत्रों का कहना है ताजा प्रेस कान्फ्रेंस से चीजें और खराब हुई हैं।

जाहिर है ट्रम्प और  व्हाइट हाउस के अन्य तीन शीर्ष अधिकारी, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन भी शामिल हैं, बुधवार की टिप्पणियों के बाद एस्पर से “खुश नहीं” हैं।

मानवाधिकार ने बैठक बुलाई

संयुक्त राज्य अमेरिका में पुलिस की हिंसा और एसेंबली की स्वतंत्रता पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के विशेष सत्र के लिए मानवाधिकार रक्षकों के एक दल की बैठक बुला रहा है।

व्हाइट हाउस डीसी पर 10 मिलिट्री बसों में भरकर आए सेना के जवानों को तैनात कर दिया गया है। ला फेयेट पार्क में सैनिकों को रोक कर पार्क को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया गया है।

आज सुबह रक्षा मंत्री मार्क एस्पर डीसी में तैनात एक्टिव मिलिट्री को वापस उनके घर भेजने वाले थे लेकिन व्हाइट हाउस की मीटिंग के बाद उनके फैसले को बदल दिया गया है।

इस बीच बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से बैठे हैं, फोन लाइट ऑन करके, सभी “लीन ऑन मी” गा रहे हैं – जबकि सैन्य और संघीय पुलिस व्हाइट हाउस की रक्षा करने वाले सैन्य वाहनों के सामने खड़े हैं।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on June 4, 2020 9:23 am

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