Monday, January 24, 2022

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अमित शाह की रैली में भीड़ जुटाने के लिए डीएम ने पीडब्ल्यूडी से दिलवाए 40 लाख!

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आज 13 नवंबर को राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आजमगढ़ पहुंचे। इस कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए पीडब्ल्यूडी से 40 लाख रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा गया। इस पर करीब 40 लाख रुपये व्यय होने की संभावना जताई गई। यह रकम संभागीय परिवहन अधिकारी, आजमगढ़ को हर हाल में उपलब्ध कराया जाए। इस पत्र की प्रति प्रमुख सचिव, पीडब्ल्यूडी को भी भेजी गई।

जिलाधिकारी आजमगढ़ के पत्र के जवाब में पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने लिखा, “पीडब्ल्यूडी से 40 लाख की व्यवस्था करने के बाबत डीएम के पत्र की आप से (संवाददाता) जानकारी मिली। इस मामले में विभाग से रिपोर्ट मंगाने के बाद ही कुछ कह सकता हूं।”

आजमगढ़ के डीएम ने मुख्य अभियंता को लिखे पत्र में ‘परिवहन’मद का नाम दिया था। बिना मद के इस राशि को देने में पहले पीडब्ल्यूडी के अभियंता पसोपेश में रहे। बाद में उच्चाधिकारियों से वार्ता करने के बाद आकस्मिक निधि से रकम दे दी गई।

वहीं इस बारे में नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव, पीडब्ल्यूडी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी से चालीस लाख रुपये की व्यवस्था करने के संबंध में डीएम के पत्र की जानकारी उन्हें मीडिया से मिली। इस मामले में वो विभाग की रिपोर्ट मंगाने के बाद ही कुछ कह सकते हैं।

मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने इस ख़बर को ट्वीट करते हुए लिखा कि गृहमंत्री की रैली, डीएम की भीड़, जनता का पैसा, बीजेपी की लूट! जनता का विश्वास खो चुकी भाजपा की रैलियों में स्वेच्छा से लोग नहीं आ रहे। इसलिए सरकारी संसाधनों और सत्ता का दुरुपयोग कर भीड़ जुटाने का हो रहा काम। सीएम अधिकारियों से गलत काम कराते हैं इसलिए उन पर कार्रवाई नहीं हो पाती।

मोदी की रैली में 2 हजार बस पर खर्च होंगे 5 करोड़ रुपये

उत्तर-प्रदेश में लखनऊ-गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण 16 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सुल्तानपुर प्रशासन के कंधों पर है। मोदी की सभा में शामिल होने के लिए क़रीब 2 लाख लोगों को लाने का टारगेट है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को लाने और पहुंचाने के लिए 2 हजार बसों का इंतजाम किया जा रहा है।

इस संदर्भ में सुल्तानपुर के जिलाधिकारी रवीश गुप्ता की तरफ से रोडवेज के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर बसों का इंतजाम करने के लिए कहा गया है। सुल्तानपुर के जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने पीएम मोदी के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम लखनऊ के प्रबंध निदेशक से 2 हजार बसें मांगी हैं। इसके लिए 70% बसें सुल्तानपुर से, जबकि बाकी बसें अंबेडकर नगर और अयोध्या से भेजी जानी हैं। डीएम ने बताया कि लोगों के लाने-ले जाने के लिए बसों की मांग ज़रूर की है, लेकिन यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी UPEIDA करा रहा है। इसलिए इस खर्चे का पेमेंट भी वही करेगा, हालांकि इस दौरान राजस्व नुकसान के सवाल का जवाब देने से वे बचते नज़र आए।

अयोध्या मंडल परिवहन निगम के एक अधिकारी के मुताबिक एक दिन में 400 किलोमीटर तक का एक रोडवेज बस का ख़र्च क़रीब 24 हजार रुपए आता है। इस हिसाब से देखा जाए तो 2 हजार बसों के आवागमन में करीब 5 करोड़ का ख़र्च आएगा। UPEIDA चीफ अनिल पांडेय ने बताया है कि, जो भी जिलाधिकारी के माध्यम से बसों की डिटेल आएगी, उसका पेमेंट होगा।

सरकारी संसाधन का इस्तेमाल करने पर इंदिरा गांधी के चुनाव को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने घोषित किया था अवैध

साल 1975 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनावी अनियमितता के चलते अयोग्य ठहरा दिया था। गौरतलब है कि इंदिरा गांधी ने 1971 का लोकसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से अपने प्रतिद्वंद्वी राज नारायण को हराकर जीता था। पराजित नेता ने चुनावी कदाचार का आरोप लगाते हुए उनके चुनाव को चुनौती दी थी। राज नारायण ने कहा था कि इंदिरा गांधी के चुनाव एजेंट यशपाल कपूर एक सरकारी कर्मचारी थे।

इंदिरा गांधी ने निजी चुनाव कार्यों के लिए सरकारी अधिकारियों का इस्तेमाल किया था। बहरहाल अभी आचार संहिता नहीं लगी इसलिए संवैधानिक नजरिये से भले ही यह गैरकानूनी करार न दिया जा सके। लेकिन सच यही है कि पीएम चुनाव प्रचार के लिहाज से ही यूपी का दौरा कर रहे हैं। और उनकी सभा में अगर पानी की तरह जनता का पैसा बहाया जाता है तो यह न केवल नैतिक लिहाज से अनुचित है बल्कि हर लिहाज से जनविरोधी है।

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