Subscribe for notification

बैंक एसोसिएशन ने जारी की सरकारी बैंकों के डिफाल्टरों की सूची, 2426 कंपनियों पर 1,47,350 करोड़ का बकाया

नई दिल्ली। ऑल इंडिया बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण की 51वीं वर्षगांठ से एक दिन पहले ऐतिहासिक पहल करते हुए बैंकों के डिफाल्टरों की सूची जारी कर दी है। यह सूची संगठन ने कल जारी करने का ऐलान किया था। लेकिन उसे आशंका थी कि इसमें कोई बाधा खड़ी हो सकती है लिहाजा उसने आज ही इसको सार्वजनिक कर दिया। इसमें 200 करोड़ से ऊपर के 147 एकाउंट हैं और इसमें उनके ऊपर कुल बकाए की राशि 67,609 करोड़ रुपये है।

first-list-of-defaulters

उनमें जो कुछ कंपनियों के नाम दिए गए हैं उनमें गीतांजली जेम्स लिमिटेड पर पंजाब नेशनल बैंक का 4644 करोड़ रुपये का बकाया है। उसी तरह से एबीजी शिपयार्ड पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का 1875 करोड़ रुपये का बकाया था जिसे राइट ऑफ कर दिया गया है। रि एग्रो लिमिटेड पर यूको बैंक का 1745 करोड़ रुपये बकाया था जिसमें 845 करोड़ रुपये राइट ऑफ कर दिया गया है। इसी तरह से अलग-अलग कंपनियों पर कुल 67609 करोड़ रुपये विभिन्न सरकारी बैंकों का बकाया है।

Second-list-of-defaulters

एसोसिएशन ने एक और सूची जारी की है जिसमें अलग-अलग बैंकों की बकाया राशि दिखायी गयी है। इसमें इन डिफाल्टरों पर सबसे ज्यादा बकाया इन स्टेट बैंक का है। यह कुल 43887 करोड़ रुपये है। दूसरा नंबर पंजाब नेशनल बैंक का आता है जिसका 22370 करोड़ रुपये बकाया है। तीसरे पर बैंक ऑफ बड़ौदा है। जिसका 14661 करोड़ रुपये डिफाल्टरों को देने हैं।

Third-list-of-defaulters

इसी के साथ बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया समेत दूसरे सरकारी बैंकों की राशि भी दी गयी है। इस तरह से इन सरकारी बैंकों का कुल 147350 करोड़ रुपये इन डिफाल्टरों ने दबा कर रखे हैं। इसके साथ ही इन राशियों के डिफाल्टरों की संख्या भी इस सूची में दी गयी है। स्टेट बैंक के कुल 685 डिफाल्टर हैं। जबकि पीएनबी के 325 और बैंक ऑफ बड़ौदा के डिफाल्टरों की संख्या 355 है। और कुल 2426 डिफाल्टर हैं।

इसके साथ ही एसोसिएशन ने अलग से टॉप 33 एकाउंटों का विवरण दिया है। जिन पर 32737 करोड़ रुपये बैंकों के बकाया हैं।

यह सूची आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के महासचिव सीएच वेंकटचलम की ओर से जारी की गयी है।

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on July 18, 2020 3:53 pm

Share