Sunday, May 22, 2022

घूसखोरी के आरोप में गेल के मार्केटिंग निदेशक के ठिकानों पर सीबीआई के छापे

ज़रूर पढ़े

कम्पनी सरकारी, उसमें काम करने वाले सरकारी, उत्पाद को बेचने में रियायत देने के लिए घूसखोरी, सीबीआई का जाल और कम्पनी के निदेशक सहित छह लोग गिरफ्तार, लगभग डेढ़ करोड़ नगद बरामद। कम्पनी का नाम है गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड(गेल)। इस काण्ड से एक बार फिर साबित हुआ कि नवरत्न कम्पनियों के आला अधिकारी किस तरह घूसखोरी करके देश की अर्थव्यवस्था को पलीता लगा रहे हैं। सीबीआई की विशेष अदालत ने गेल रिश्वत कांड में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के निदेशक मार्केटिंग एस रंगनाथन समेत दो निजी कंपनियों के निवेशकों को पूछताछ के लिए 6 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में गिरफ्तार अन्य तीन आरोपी पहले से ही 6 दिन की सीबीआई रिमांड पर हैं।

गेल (इंडिया) लिमिटेड भारत सरकार की उपक्रम कंपनी है। गेल भारत में सबसे बड़ी राज्य के स्वामित्व वाली प्राकृतिक गैस प्रसंस्करण और वितरण कंपनी है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। यह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत भारत सरकार का एक राज्य के स्वामित्व वाला उद्यम है।

इसके पहले सीबीआई ने गेल के मार्केटिंग डायरेक्टर ईएस रंगनाथन पर रिश्वत का केस दर्ज किया था। रंगनाथन पर एक बिचौलिए के माध्यम से रिश्वत मांगने का आरोप है। पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स में छूट देने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। सीबीआई ने केस रजिस्टर करने के बाद दिल्ली-नोएडा में कई जगहों पर रेड भी किया है। सीबीआई ने रंगनाथन पर केस दर्ज करने के बाद दिल्ली और यूपी में कई जगहों पर छापेमारी की है। छापेमारी दिल्ली और नोएडा में कुछ स्थानों पर की गई है। करीब आठ जगहों पर की गई इस छापेमारी में रंगनाथन का घर व उनके करीबियों के ठिकाने की भी बात सामने आ रही है।

सीबीआई के अनुसार गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के निदेशक मार्केटिंग एस रंगनाथन को एक दिन की सीबीआई कस्टडी समाप्त होने के बाद उसे दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत के सामने पेश किया गया। जहां सीबीआई ने न्यायालय को बताया कि इस मामले की जांच अभी जारी है और मामले में गिरफ्तार आरोपियों को रिश्वतखोरी के मामले में आमने-सामने बिठाकर पूछताछ भी की जानी है। अदालत को यह भी बताया गया कि इस मामले में गिरफ्तार तीन अन्य आरोपी 6 दिन की सीबीआई कस्टडी में हैं, जबकि तीन आरोपियों को मात्र 1 दिन की सीबीआई कस्टडी दी गई थी।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने गैस अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड के निदेशक मार्केटिंग एस रंगनाथन तथा दो निजी कंपनियों के निदेशकों सौरभ गुप्ता और आदित्य बंसल को 6 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया। सीबीआई ने एक सूचना के आधार पर इस मामले में रिश्वतखरी का मामला दर्ज किया था। आरोप था कि गैस अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड द्वारा पेट्रो उत्पाद की खरीद-फरोख्त में पैसे कम किए जाने को लेकर उक्त अधिकारी द्वारा लाखों रुपए की रिश्वत ली गई थी।

सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली नोएडा हरियाणा समेत अनेक जगहों पर छापेमारी की थी और कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस गिरफ़्तारी और छापेमारी के दौरान सीबीआई को लगभग सवा दो करोड़ रुपए की नगदी और लगभग एक करोड रुपए मूल्य के जेवरात बरामद हुए थे। साथ ही छापेमारी के दौरान अनेक महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए जाने का दावा किया गया था।फिलहाल अब सीबीआई जानना चाहती है कि इस रिश्वतखोरी कांड में गैस अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड के कुछ और अधिकारी शामिल हैं या नहीं। साथ ही रिश्वतखोरी का यह धंधा कब से चल रहा था। मामले की जांच जारी है।

सीबीआई ने 50 लाख रुपये से अधिक के कथित रिश्वत मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम गेल के निदेशक (विपणन) ई एस रंगनाथन के खिलाफ मामला दर्ज किया था और कथित बिचौलिये तथा कारोबारियों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि कथित रिश्वत का मामला महारत्न कंपनी द्वारा विपणन किए जाने वाले पेट्रो केमिकल उत्पादों को खरीदने वाली निजी कंपनियों को छूट देने से संबंधित है। सीबीआई ने शुक्रवार को मामला दर्ज होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली के भीकाजी कामा प्लेस स्थित रंगनाथन के कार्यालय और नोएडा के सेक्टर 62 स्थित उनके आवास सहित करीब आठ स्थानों पर छापे मारे। सीबीआई का दावा है कि वह अब तक रंगनाथन के परिसर से 1.3 करोड़ रुपये नकद बरामद कर चुकी है।

अधिकारियों ने कहा कि रंगनाथन के अलावा एजेंसी ने बिचौलिये पवन गौर और राजेश कुमार, कथित रूप से रिश्वत लेने वाले एन रामकृष्णन नायर के साथ-साथ व्यवसायी सौरभ गुप्ता और उनकी पंचकूला (हरियाणा) स्थित कंपनी यूनाइटेड पॉलिमर इंडस्ट्रीज तथा आदित्य बंसल और उनकी करनाल (हरियाणा) स्थित कंपनी बंसल एजेंसी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी ने कहा, ‘‘सीबीआई ने जाल बिछाया और दिल्ली स्थित एक निजी व्यक्ति (गौर) और एक निजी कंपनी के निदेशक (कुमार) को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब उक्त निजी व्यक्ति कथित रूप से गेल के निदेशक (विपणन) की तरफ से 10 लाख रुपये की कथित रिश्वत ले रहा था।’

रंगनाथन पर आरोप है कि उन्होंने एक बिचौलिए से पैसे की मांग की थी। इस रिश्वत की मांग पेट्रोकैमिकल प्रोडक्स में छूट देने के लिए लेने का कथित आरोप है। यहां आपको बता दें की सीबीआई की तरफ से केस रजिस्टर करने के बाद दिल्ली एनसीआर की कई जगहों पर छापा भी मारा गया है। यह छापेमारी करीब 8 जगहों पर की गई है, जिनमें रंगनाथन और उनके करीबी लोगों के घर भी शामिल हैं।इस घूस कांड में दिल्ली के रहने वाले दो लोगों ने बिचौलिये की भूमिका निभाई थी। सीबीआई पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। गेल इंडिया लिमिटेड भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी है, जो प्राकृतिक गैस प्रसंस्करण और वितरण का काम करती है। दिल्ली में इसका मुख्यालय है।

आरोप है कि निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के निर्देश पर एक शख्स ने गेल के कर्मचारी से रिक्वेस्ट की थी कि गेल की तरफ से बनाए गए पेट्रो कैमिकल प्रोडक्ट पर बायर्स को छूट दी जाए। आरोप है कि इस शख्स ने 40 लाख रुपए भी लिए थे। जब इस बात की भनक सीबीआई को लगी तो उन्होंने एक जाल बिछाकर दिल्ली के एक शख्स और एक निजी कंपनी के डायरेक्टर को पकड़ा। अब आरोप लगाया जा रहा है कि इन लोगों ने गेल के मार्केटिंग डायेरक्टर के लिए 10 लाख रुपए रिश्वत के तौर पर लिए थे।

(वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

- Advertisement -

Latest News

जानलेवा साबित हो रही है इस बार की गर्मी

प्रयागराज। उत्तर भारत में दिन का औसत तापमान 45 से 49.7 डिग्री सेल्सियस के बीच है। और इस समय...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This