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आपदा में अवसर बना कोरोना, आंदोलन कर रहे किसानों को हटा सकती है सरकार!

तो क्या किसान आंदोलन भी CAA-NRC विरोधी आंदोलन की गति प्राप्त करेगा। कम से कम मौजूदा हालात और सरकारी सूत्र तो यही संकेत कर रहे हैं। विज्ञापन दे दे कर देश भर के लोगों को हरिद्वार कुंभ बुलाने वाली केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल में बिना मास्क के बंपर रोड शो निकालने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कोरोना के नाम पर किसान आंदोलन की हत्या करने जा रहे हैं।

वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कहा गया है, “चार महीने से चला आ रहा किसानों का विरोध जल्द ही खत्म होने वाला नहीं है, केंद्र और किसान यूनियनों के बीच 11 दौर की बातचीत हुई, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।”

पंजाब में किसान यूनियनों ने 21 अप्रैल को दिल्ली की ओर कूच करने का निर्णय लिया है। सरकार जल्द से जल्द तीनों कृषि क़ानूनों को वापिस ले। वहीं इससे एक दिन पहले किसान मोर्चा ने कहा था, “अन्य देशों की सरकारें COVID-19 को खत्म करने और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जबकि मोदी सरकार चुनाव जीतने और कृषि क्षेत्र को बर्बाद करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

दैनिक जागरण ने इस संदर्भ में ‘आंदोलनकारी नहीं हटे तो ऑपरेशन क्लीन’ शीर्षक से सनसनीखेज ख़बर लगाई है। इसमें दावा किया गया है कि दिल्ली बॉर्डर से आंदोलनकारियों को धरना स्थलों से हटाने के लिए सरकार ने ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार कर ली है। गृह मंत्रालय की ओर से टिकरी व सिंघु बार्डर का हवाई सर्वेक्षण कराया जा चुका है। सीआइडी और अन्य गुप्तचर एजेंसियों ने भी इन किसानों की संख्या के बारे में सरकार को अपनी रिपोर्ट दे दी है। सरकार ने रणनीति तैयार की है कि कम से कम दो बार इन किसानों को समझा-बुझा कर आंदोलन स्थल से स्वयं ही हट जाने के लिए मनाया जाएगा। पहले चरण में बार्डर के साथ लगते जिलों के उपायुक्त इन किसानों से बात करेंगे। फिर सरकार स्वयं अपने प्रतिनिधियों के जरिये बातचीत करेगी। दो बार बातचीत करने के बाद यदि नहीं माने तो इन किसानों को पुलिस और अर्धसैनिक बलों के बूते हटा दिया जाएगा।

गौरतलब है कि आंदोलन कर रहे किसानों ने हरियाणा सरकार को नाकों चने चबवा दिए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कहीं सुकून से निकल भी नहीं पा रहे हैं। वो जहां जाते हैं किसान वहां पहले ही पहुंच जाते हैं। तो क्या केंद्र सरकार ने किसानों से अपना बदला लेने के लिए ऑपरेशन क्लीन की जिम्मेदारी हरियाणा सरकार को दी है। फिलहाल केंद्रीय गृह मंत्रालय और हरियाणा राज्य के गृह मंत्रालय के बीच खिचड़ी पकने की बात चल रही है। अगले एक सप्ताह के भीतर केंद्र व राज्य सरकार मिलकर आपरेशन क्लीन को अंजाम देने वाले हैं। इस बारे में गृह मंत्रालय व हरियाणा सरकार के बीच रणनीति पर चर्चा की जा चुकी है।

This post was last modified on April 16, 2021 6:49 pm

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