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कोरोना संकटः खुलने लगी व्यवस्थाओं की कलई

भारत में कोरोना वायरस महामारी के बढ़ने के साथ ही इससे पीड़ित मरीजों के लिए कई बुनियादी ज़रूरतों की कमी पैदा हो गई है। इनमें ऑक्सीजन की कमी सबसे बड़ा मुद्दा है। दरअसल, कोरोना के गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है। ऐसे में कई राज्यों में अस्पतालों के पास ऑक्सीजन की किल्लत हो गई है। जहां केंद्र सरकार ने एक बयान जारी कर कहा है कि भारत में ऑक्सीजन पूरी क्षमता से पैदा हो रही है और पिछले दो दिनों में इसका आउटपुट भी बढ़ा है, वहीं दूसरे बयान में यह भी माना कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत देश के 12 राज्य ऑक्सीजन की ज्यादा खपत वाले राज्य हैं, जहां इसकी कमी पैदा हो गई है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर ऑक्सीजन एयरलिफ्ट करने की अनुमति मांगी है। पत्र में उन्होंने मोदी को बताया है कि महाराष्ट्र में 30 अप्रैल तक उपचाराधीन मरीजों की संख्या 11.9 लाख होने की आशंका है, जबकि इस समय उपचाराधीन मरीजों की संख्या 5.64 लाख है।

पत्र में उद्धव ठाकरे ने मोदी से कहा है कि राज्य में चिकित्सीय ऑक्सीजन की आवश्यकता अप्रैल के अंत तक 2,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी मौजूदा खपत 1,200 मीट्रिक टन प्रतिदिन है। पड़ोसी राज्यों से तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन के परिवहन में कुछ बाधाओं का हवाला देते हुए ठाकरे ने देश के पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में इस्पात संयंत्रों से ऑक्सीजन को हवाई मार्ग से लाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अनुमति मांगी है।

इसके अलावा मोदी को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने रेमडेसिविर के निर्यात पर प्रतिबंध संबंधी केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए मांग की है कि अधिकारियों को भारतीय पेटेंट अधिनियम 1970 की धारा 92 के अनुसार, निर्यात इकाइयों को उत्पादन और बिक्री के लिए अनुमोदन प्रदान करने के लिए अनिवार्य लाइसेंस दिया जाए। वहीं महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कल बुधवार को कहा था कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने चिकित्सीय ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पड़ोसी राज्यों का रुख किया था, लेकिन उन्होंने वहां इसकी अधिक मांग के कारण आपूर्ति में असमर्थता व्यक्त की है।

केंद्र सरकार ने स्वीकारा 12 राज्यों में ऑक्सीजन की कमी
हवाबाजी और झूठे आश्वासनों के बाद अब केंद्र सरकार पियास लगने पर कुंआ खोदने जा रही है। सही समझ रहे हैं आप। कल तक ऑक्सीजन की कमी पर बहानेबाजी करने वाली केंद्र सरकार ने मान लिया है कि 12 राज्यों में ऑक्सीजन की जबर्दस्त किल्लत है। केंद्र ने जिन 12 राज्यों में ऑक्सीजन की किल्लत की बात मानी है, उनमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान शामिल हैं। हालांकि, सरकार का साफ कहना है कि ऑक्सीजन निर्माण इकाइयों में उत्पादन बढ़ाया गया है। पहले से स्टॉक मौजूद है। फिलहाल ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मौजूद है, लेकिन राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इसकी बर्बादी न हो।

वहीं दूसरी ओर अब केंद्र सरकार ने 100 नए अस्पतालों में पीएम केयर्स फंड की सहायता से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने का एलान किया है। सरकार के बयान के मुताबिक, अस्पतालों को मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन में मदद करने के लिए इनके परिसरों में 162 प्रेशर स्विंग अब्सॉर्प्शन (PSA) प्लांट्स लगाए जाएंगे। पीएम केयर्स फंड के तहत आवंटित इन प्लांट्स के जल्द तैयार होने की समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा सरकार दूर-दराज के इलाकों में 100 और अस्पतालों की पहचान कर रही है, जहां PSA प्लांट्स लगाए जाएंगे।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक अस्पताल का सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि कोविड मरीज सुरेंद्र शर्मा का ऑक्सीजन हटा दिया जाता है और वो तड़प-तड़प कर मर जाते हैं।

ऑक्सीजन और रेमेडिसीवर की कालाबाजारी
देश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच जहां जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमेडिसीवर और ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई है वहीं दूसरी ओर इनकी कालाबाज़ारी भी शुरू हो गई है। ऑक्सीजन सिलेंडर के दाम दोगुना तिगुना बढ़ा दिये गये हैं। छोटा ऑक्सीजन सिलिंडर जो दो सप्ताह पहले 100 रुपये में भरा जाता था उसके लिए 200 और बड़ा सिलेंडर जो 250 रुपये में भरा जाता था अब उसके लिए 600-900 रुपये चार्ज किया जा रहा है।

वहीं मिलिट्री इंटेलिजेंस लखनऊ की सूचना पर कल 15 अप्रैल को एसटीएफ ने बाबूपुरवा पुलिस से मिलकर तीन तस्करों को अरेस्ट किया है। इनके पास से 265 रेमडेसिवर इंजेक्शन बरामद हुए हैं। एसटीएफ ने कानपुर पुलिस के साथ मिलकर रेमडेसिवर इंजेक्शन की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मिलेट्री इंटेलीजेंस को सूचना मिली थी कि कोलकत्ता से रेडिमिसिवर इंजेक्शन की बड़ी खेप कानपुर भेजी जा रही है। इंजेक्शन की यह खेप कानपुर के नौबस्ता खाड़ेपुर में रहने वाले मोहन सोनी रिसीव करने वाला है। एसटीएफ के दारोगा और सिपाही ने ग्राहक बन कर मोहन सोनी से संपर्क किया। इंजेक्शन की डिलीवरी कोपरगंज स्थित एक होटल में देने की बात तय हुई थी। एसटीएफ ने बाबूपुरवा पुलिस के साथ मिलकर नौबस्ता खाड़ेपुर निवासी मोहन सोनी, प्रशांत शुक्ला और हरियाणा निवासी सचिन को अरेस्ट कर लिया। इनके पास से 265 रेमडेसिवर इंजेक्शन बरामद हुए।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on April 16, 2021 11:34 am

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