26.1 C
Delhi
Friday, September 24, 2021

Add News

विधानसभा में लिंचर्स! झारखंड में मंत्री सीपी सिंह ने विधायक इरफान से कहा- लगाओ जयश्री राम का नारा

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

नई दिल्ली। मॉब लिंचर्स अब सड़क से विधायिका में घुस गए हैं। अभी तक जयश्री राम का नारा मुसलमानों से लंपटों, अराजक तत्वों और गुंडों द्वारा लगवाया जा रहा था। लेकिन अब यह बाकायदा विधानसभा परिसर में मंत्रियों द्वारा और वह भी मीडिया के सामने किया जा रहा है।

घटना झारखंड की है वह भी विधानसभा परिसर की। कैबिनेट मंत्री सीपी सिंह और इरफान अंसारी मीडिया से बात कर रहे थे उसी समय सिंह ने कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी को जय श्रीराम का नारा लगाने के लिए कहा। उसके बाद सीपी सिंह ने विधायक को यह उलाहना दिया कि उनके पूर्वज बाबर और तैमूर नहीं बल्कि भगवान राम थे। फासीवाद किस तरह सड़क से लेकर विधायिका तक को अपने घेरे में लेने के लिए आतुर है उसका यह नायाब उदाहरण है।

वीडियो में बिल्कुल साफ देखा जा सकता है कि सीपी सिंह ऐलानिया अंदाज में अंसारी को जयश्रीराम का नारा लगाने के लिए कह रहे हैं और जब वह नारा लगाने की जगह उनसे जनता के बुनियादी सवालों पर बात करने और उनको हल करने की बात करते हैं तो सीपी सिंह उन पर आग बबूला हो जाते हैं। फिर बाबर से लेकर तैमूर और न जाने किस-किस को याद करने लगते हैं। जब अंसारी ने सिंह से पूछा कि क्या वह उन्हें धमकी दे रहे हैं तो सिंह ने कहा कि उनके पूर्वज भी जयश्रीराम वाले थे और उसमें डरने की कोई जरूरत नहीं है। अंसारी ने आगे कहा कि राम का नाम बदनाम मत कीजिए, राम सब के हैं।

दरअसल, विधायक और मंत्री होने के बावजूद सीपी सिंह को न तो संविधान की न्यूनतम समझ है और न ही लोकतंत्र की। वैयक्तिक और धार्मिक स्वतंत्रता तो उनके लिए किसी दूसरी दुनिया की बात है। और जिस इतिहास का हवाला देकर सीपी सिंह उलाहना दे रहे हैं उसकी समझ भी उनकी प्राइमरी के बच्चे से ज्यादा नहीं है।

सीपी सिंह को समझना चाहिए कि पौराणिक कथाओं और इतिहास में बहुत अंतर है। राम कोई ऐतिहासिक चरित्र नहीं है। वह सभी धर्मों में नहीं माने जाते हैं। वह मूलत: हिंदू धर्म के आराध्य हैं। इस्लाम और ईसाइयत की तो बात छोड़ दीजिए यहां तक कि बौद्ध धर्म और जैन धर्म के लोगों को भी उनके नाम का नारा लगाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। इतना ही नहीं अगर कोई हिंदू धर्म का ही शख्स नास्तिक हो तो उसे किसी धर्म या फिर उसके किसी आराध्य को मानने के लिए कैसे मजबूर किया जा सकता है? सीपी सिंह को तो हिंदू धर्म की भी न्यूनतम समझ नहीं है। हिंदू धर्म में ही एक घर में अलग-अलग देवताओं के मानने वाले लोग हो सकते हैं। ऐसा आमतौर पर होता भी है। किसी एक देवता को मानने वाले किसी शख्स को किसी दूसरे देवता की पूजा करने के लिए मजबूर नहीं किया जाता।

दरअसल लिचिंग के मामले में झारखंड ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। वहां लिंचिंग का एक चक्र पूरा हो गया है और अब उसे विधायिका के स्तर पर ले आकर पूरी संवैधानिक संस्थाओं को उसके दायरे में लाने की कवायद शुरू हो गयी है।

इस घटना से एक बात साबित हो गयी है कि देश में जारी लिंचिंग की घटनाएं किसी स्वत:स्फूर्तता नहीं बल्कि सोची समझी रणनीति का नतीजा हैं। और उसके पीछे कोई और नहीं बल्कि केंद्र और देश के कई सूबों में सत्तारूढ़ बीजेपी काम कर रही है। और इस मामले में आरएसएस और उसके दूसरे संगठन जमीनी स्तर पर उसकी अगुआई कर रहे हैं।

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

धनबाद: सीबीआई ने कहा जज की हत्या की गई है, जल्द होगा खुलासा

झारखण्ड: धनबाद के एडीजे उत्तम आनंद की मौत के मामले में गुरुवार को सीबीआई ने बड़ा खुलासा करते हुए...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.