गार्डों की मौजूदगी में लखनऊ विश्वविद्यालय के दलित प्रोफेसर रविकांत पर फिर हमला

नई दिल्ली/लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के दलित प्रोफेसर रविकांत चंदन पर फिर हमला हुआ है। आज दोपहर जब वह प्रॉक्टर आफिस के सामने से गुजर रहे थे तभी एक छात्र नेता ने गालियां देते हुए उनके ऊपर हमला बोल दिया। हमलावर का नाम कार्तिक पांडेय बताया जा रहा है। आज से एक सप्ताह पहले भी उनके ऊपर विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने हमला कर दिया था। इस मामले में बहुत कोशिशों के बाद एफआईआर दर्ज हुई थी लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। शायद कार्रवाई होती तो दोबारा इस तरह से किसी की उन पर हमला करने की हिम्मत नहीं पड़ती।

आज की घटना के बारे में प्रोफेसर रविकांत ने जनचौक को बताया कि “एक छात्र नेता कार्तिक पांडेय मेरे पास आया और उसने मुझे गालियां देनी शुरू कर दीं और जातीय गालियों के साथ ही उसने मुझ पर हमला बोल दिया”।

हालांकि प्रोफेसर रविकांत के साथ मौजूद दो गार्डों ने हमलावर को तुरंत पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। रविकांत ने कहा कि घटना की हमने पुलिस में शिकायत की है। यह घटना दिखाती है कि मेरा जीवन लगातार खतरे में बना हुआ है।

इतना ही नहीं ऐसा लगता है कि इस घटना के बाद रिवकांत अंदर से टूट गए हैं। उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है कि “हमारे देश में दलितों को अब सम्मान से जीने का, पढ़ने-लिखने का अधिकार नहीं है शायद”।

उसके पहले उन्होंने घटना के तुरंत बाद फेसबुक पर लिखा था कि प्रॉक्टर आफिस के सामने मेरे ऊपर गार्ड के रहते हुए जानलेवा हमला किया गया। जातिगत गालियां दी गयीं।

हमलावर समाजवादी छात्र सभा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। घटना के सामने आने के बाद ही संगठन ने उसे निलंबित कर दिया है इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।

आपको बता दें कि प्रोफेसर रविकांत के पक्ष में पूरे देश में लोग खड़े हुए हैं। तकरीबन 500 बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके पक्ष में बयान जारी किया है। इसके साथ ही कल आइसा और एनएसयूआई के छात्रों ने जुलूस निकालकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग के साथ ही उनके साथ एकजुटजता जाहिर की थी। जिसमें छात्रों के साथ ही कई अध्यापक भी शामिल हुए। लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति रूपरेखा वर्मा ने इस मौके पर छात्रों को संबोधित किया था।

दरअसल प्रोफेसर रविकांत ने एक यूट्यूब चैनल की डिबेट में कुछ बातें कह दी थीं जिसको लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गयी थी। और फिर उसी मामले को बहाना बनाकर विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने उन पर हमला बोल दिया था। बाद में उनके खिलाफ बहुत जद्दोजहद के बाद प्रोफेसर रविकांत ने एफआईआर दर्ज करवायी थी। लेकिन उनमें से अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है।

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