Subscribe for notification

मरूधरा की सियासी जंग: खतरा अभी टला नहीं है

जयपुर। 13 जुलाई को जयपुर में मुख्यमंत्री के सरकारी आवास (सीएमआर) पर राजस्थान के कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों की संयुक्त बैठक हुई। दावा किया गया कि इस बैठक में 100 से भी ज्यादा विधायक मौजूद रहे, इसलिए अब अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं है। चूंकि बैठक में मंत्री प्रमोद जैन भाया, विधायक दानिश अबरार, चेतन डूडी आदि पायलट समर्थक भी मौजूद रहे। इसलिए दावा किया जा रहा है कि अब सचिन पायलट सरकार गिराने की स्थिति में नहीं हैं।

राजस्थान में दो सौ विधायकों का सदन है, इसलिए सरकार को बचाए रखने के लिए 100 विधायक चाहिए, जो अशोक गहलोत के पास मौजूद हैं। सब जानते हैं कि सरकार बचाने की कवायद विधानसभा में बहुमत परीक्षण के दौरान होती है। चूंकि गहलोत के नेतृत्व को डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने ही चुनौती दी है, इसलिए पायलट कांग्रेस के सभी दांव पेंच जानते हैं।

पायलट को पता है कि सीएमआर में एकत्रित हुए विधायकों का कोई मायने नहीं है। असल में परीक्षण तो विधानसभा में होगा। 13 जुलाई को सीएमआर में ऐसे विधायक उपस्थित रहे जो विधानसभा में परीक्षण के समय गहलोत सरकार के खिलाफ वोट देंगे। असल में इस बार पायलट ने भी गहरी चाल चली है। यही वजह रही कि 11 जुलाई को राजस्थान की सीमा सील होने से पहले ही पायलट अपने कुछ विधायकों के साथ दिल्ली पहुंच गए। अब जयपुर में अपने समर्थक विधायकों को छोड़ गए हैं, जो सिर्फ दिखाने के लिए अशोक गहलोत के साथ हैं। इससे पायलट को गहलोत खेमे की जानकारियां भी मिल रही हैं।

गहलोत के समर्थक अभी इस बात से खुश हो सकते हैं कि पायलट के पास सरकार गिराने लायक विधायक नहीं हैं, लेकिन जब विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होगा तो गहलोत को भी आश्चर्य होगा। पायलट को भी पता है कि पार्टी के ह्विप का उल्लंघन करने पर कांग्रेस विधायकों की सदस्यता खत्म हो जाएगी, लेकिन इसके लिए पायलट और समर्थक विधायक तैयार हैं। यही वजह है कि मौजूदा समय में मुख्यमंत्री के आवास पर उपस्थित विधायकों की संख्या सचिन पायलट के लिए कोई मायने नहीं रखती है।

18 विधायक अनुपस्थित

13 जुलाई को सीएम आवास में कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों की जो बैठक हुई, उसमें सचिन पायलट सहित कांग्रेस के 18 विधायक अनुपस्थित रहे। अब दावा किया जा रहा है कि पायलट समर्थक कुछ विधायक वापस दिल्ली से जयपुर लौट सकते हैं। फिलहाल पायलट समर्थक विधायक दिल्ली के निकट मानेसर के एक होटल में रह रहे हैं।

तो पायलट गद्दार कहलाएंगे

कल तक सचिन पायलट के कट्टर समर्थक माने जाने वाले प्रदेश के परिवहन मंत्री और जयपुर शहर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि हम कांग्रेस के चिन्ह पर चुनाव जीत कर आए हैं और कांग्रेस हमारी मां है। यदि कोई कांग्रेसी पार्टी छोड़ता है तो वह गद्दार कहलाएगा। भले ही वो सचिन पायलट ही क्यों न हों।

खाचरियावास ने कहा कि लोग कहते हैं कि पायलट ने मुझे पहले पार्टी का जिलाध्यक्ष बनवाया और फिर मंत्री, लेकिन पायलट को भी तो राहुल गांधी ने पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया और सरकार में डिप्टी सीएम। पायलट को पार्टी ने जो सम्मान दिया है, उसका उन्हें आदर करना चाहिए। खाचरियावास ने दावा किया कि अशोक गहलोत को पूर्ण समर्थन है और गहलोत के नेतृत्व में ही कांग्रेस की सरकार चलेगी।

(जयपुर से स्वतंत्र पत्रकार मदन कोथुनियां की रिपोर्ट।)

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on July 13, 2020 7:06 pm

Share