Subscribe for notification

पीपीई किट और मास्क की कमी का मुद्दा उठाने वाले डॉक्टर को सड़क पर नंगा करके विशाखापट्टनम पुलिस ने बेरहमी से पीटा

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश से एक बेहद परेशान करने वाला वीडियो सामने आया है। सूबे के विशाखापट्टनम जहां इसी हफ़्ते एक फ़ैक्ट्री में गैस लीक होने से कुछ लोगों की मौत हो गयी थी, की पुलिस ने एक डाक्टर को नंगा करके सड़क पर बेहद बेरहमी से पिटाई की। बताया जाता है कि डाक्टरों के सुरक्षा उपकरणों में शामिल पीपीई किट और मास्क की कमी के मुद्दे को इसी डॉक्टर ने उठाया था। घटना बृहस्पतिवार की है।

पीड़ित डॉक्टर का नाम सुधाकर है। और वह एनस्थीसिया सर्जन हैं। वीडियो में अपराधियों की तरह उनका हाथ पीछे बंधा हुआ देखा जा सकता है। और बीच सड़क पर घसीट कर ले जाने के साथ पुलिस उनकी पिटाई करती दिख रही है। बाद में जब सड़क पर ज़्यादा लोग इकट्ठा हो गए तो बताया जाता है कि पुलिस आटो में बैठाकर उन्हें पुलिस स्टेशन ले गयी।

डॉ. सुधाकर नरसिंपटनम सरकारी अस्पताल में डॉक्टर हैं। पिछले महीने पीपीई किट और मास्क की कमी की शिकायत करने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

आउटलुक के मुताबिक़ विशाखापट्टनम के पुलिस कमिश्नर ने आरोप लगाया है कि डॉ. सुधाकर ने शराब पी रखी थी। और वह हाइवे पर हंगामा कर रहे थे। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि “सुधाकर शराब के नशे में थे और उन्होंने पुलिस से बेहद बुरा बर्ताव किया। उन्होंने एक कांस्टेबल से उसका मोबाइल छीन कर उसे फेंक दिया।” इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर ने कहा कि डॉक्टर किसी मानसिक बीमारी के भी शिकार हैं।

हालाँकि कमिश्नर ने यह भी बताया कि उनकी पिटाई करने वाले कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है।

कमिश्नर ने बताया कि उन्हें जाँच के लिए किंग जार्ज हॉस्पिटल मेडिकल के लिए भेज दिया गया है। और मेडिकल रिपोर्ट हासिल होने के बाद केस दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि डॉ. सुधाकर के ख़िलाफ़ भी उचित धाराओं के तहत केस बनेगा।

विपक्षी की तेलगुदेशम पार्टी और सीपीआई ने घटना की निंदा की है। और उसे सूबे की क़ानून और व्यवस्था की स्थिति का उदाहरण बताया है।

This post was last modified on May 18, 2020 8:06 am

Share
Published by
Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi