Friday, October 22, 2021

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किसानों को कुचलने से आंदोलन नहीं कुचला जा सकेगा

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अभी कल की ही तो बात थी सारी दुनिया ने भारत के राष्ट्रपिता की जयंती को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में मनाया। निश्चित तौर पर नेताओं ने हिंसा ना फैलाने की शपथ ली होगी और आज किसानों पर मंत्री पुत्र ने अपनी गाड़ी चढ़ाकर कहर बरपा दिया एक नहीं पूरे चार किसान मार दिए गए जबकि एक दर्जन से अधिक घायल हुए हैं।

घटना उत्तर प्रदेश के उसी लखीमपुर खीरी की है जहां पिछले दिनों ब्लाक अध्यक्ष चुनाव के दौरान प्रस्तावक एक महिला के चीरहरण के दृश्य पूरी दुनिया ने देखे थे। उसी लखीमपुर खीरी में आज केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य यहां पहुंचे थे। इसकी जानकारी कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसानों को लगी। वे वहां पहुंच गए और किसानों ने सुबह 8:00 से हेलीपैड पर कब्जा कर लिया । दोपहर करीब 2:45 बजे जब सड़क के रास्ते अजय मिश्रा और केशव मोर्य का काफिला तिकोनिया चौराहे से गुजरा तो किसान उन्हें काले झंडे दिखाने दौड़ पड़े। इसी दौरान अजय मिश्रा के बेटे अभिषेक ने किसानों पर गाड़ियां चढ़ा दीं। इससे पैदल भागते किसान उत्तेजित हो गए। उन्होंने तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

दरअसल किसान हफ्ते भर पहले दिए केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बयान से आहत हैं। किसानों का कहना है कि मंत्री बनने के बाद अजय मिश्रा ने कहा था हम अपनी पर आ गए तो हम क्या कर सकते हैं यह सब जानते हैं। विदित हो 26 सितंबर को अजय मिश्रा को लखीमपुर के संपूर्णानगर में काले झंडे दिखाए गए थे। जनसभा में, तब उन्होंने मंच से किसानों को धमकी दी थी और कहा था, “किसानों के अगुवा यानी संयुक्त किसान मोर्चा के लोग प्रधानमंत्री का सामना नहीं कर पा रहे हैं। 10 महीने हो गए।”

काले झंडे दिखाने वालों से कहा था, “यदि वे गाड़ी से उतर जाते तो भागने का रास्ता नहीं मिलता। वे मानते हैं कि कृषि कानून को लेकर सिर्फ 10-15 लोग ही शोर मचा रहे हैं। यदि कानून इतना गलत होता तो अब तक देश भर में आंदोलन होना चाहिए था। उन्होंने कहा था कि, सुधर जाओ नहीं तो सामना करो वरना हम सुधार देंगे सिर्फ 2 मिनट लगेंगे। विधायक, सांसद से बनने से पहले से लोग मेरे विषय में जानते होंगे कि मैं किसी भी चुनौती से कभी नहीं भागता हूं।”

एक केन्द्रीय मंत्री के ये तेवर स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि उनके इशारे पर ही किसानों को इस बुरी तरह कुचला गया है यह किसान आंदोलन कर रहे लोगों में दहशत फैलाने के लिए भी हो सकता है। क्योंकि यहां राज्य चुनाव करीब हैं और किसान भाजपा से बुरी तरह नाखुश हैं।तानाशाही का इससे अधिक वीभत्स रूप क्या होगा ? जहां इस देश के अन्नदाता को कीड़े मकोड़े की तरह रौंद दिया गया हो। अंग्रेजों ने भी इस कदर जुल्म नहीं ढाये थे किसानों पर। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की घटना किसान विरोधी भाजपा की सोच का साक्षात हस्ताक्षर है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुये कहा है, “भाजपा देश के किसानों से कितनी नफ़रत करती है? उन्हें जीने का हक नहीं है? यदि वे आवाज उठाएँगे तो उन्हें गोली मार दोगे, गाड़ी चढ़ाकर रौंद दोगे? बहुत हो चुका। ये किसानों का देश है, भाजपा की क्रूर विचारधारा की जागीर नहीं है। किसान सत्याग्रह मजबूत होगा और किसान की आवाज और बुलंद होगी।”

यकीनन ,केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा इस भ्रम में ना रहें कि किसानों को दो मिनट में सुधार लेंगे। पंजाब और हरियाणा के किसानों की तरह अब उत्तर प्रदेश का किसान भी जाग गया वह तब तक वापस नहीं जाएगा जब तक वह अपनी मांग पूरी नहीं करवा लेता। चुनाव में भाजपा की हार किसान लिख चुका है। अपने सैकड़ों किसानों की आंदोलन में उन्होंने शहादत देखी है। वे इन घटनाओं से डरने वाले नहीं हैं। इस शहादत ने तो देश के किसानों को झकझोर दिया है उनका कारवां रुकने वाला नहीं है बल्कि ताकतवर होगा।
(सुसंस्कृति परिहार स्वतंत्र लेखिका हैं।)

अखिल भारतीय किसान महासभा की अपील!

लखीमपुर खीरी में साजिशन किसानों का हत्याकांड रचने के खिलाफ 4 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दर्ज करें!

किसानों की हत्यारी भाजपा सरकारों ने अब उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों का हत्याकांड रचकर आंदोलन को हिसंक बनाने का षड्यंत्र रचा है। काला झंडा लेकर राज्य के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का शांतिपूर्ण विरोध के लिए जा रहे किसानों पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे ने अपनी गाड़ी चढ़ा दी।

इस घटना में चार किसानों की मौत हो चुकी है और कई गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में तराई किसान संगठन के नेता तेजेंदर विर्क भी शामिल हैं, जिन्हें गम्भीर चोटें लगी हैं और वे लखीमपुर के जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी जो इसी क्षेत्र के सांसद हैं, ने आंदोलनकारी किसानों को कुछ दिन पहले ही गालियां दी थी और धमकाया था कि तुम अभी मुझे नहीं जानते हो! आज उनके बेटे ने लखीमपुर खीरी जिले के निघासन क्षेत्र में शांतिपूर्ण विरोध के लिए जा रहे किसानों पर अपनी गाड़ी चढ़ाई। गाड़ी के नीचे कई लोगों के आने बाद भी उसका जी नहीं भरा और उसने किसानों पर गोली भी चलाई।

किसान महासभा ने हत्यारे मंत्रीपुत्र पर धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने, उसकी तत्काल गिरफ्तारी करने, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को मंत्री पद से तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।

अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड रुलदू सिंह और राष्ट्रीय महासचिव कामरेड राजाराम सिंह ने किसानों के इस हत्याकांड के खिलाफ कल 4 अक्टूबर को देश भर में प्रतिरोध दर्ज करने का आह्वान किया है। कल देश भर में किसानों की हत्यारी मोदी-योगी सरकार का पुतला फूंका जाय। विरोध प्रदर्शन व विरोध सभा की जाएं।

इस घटना के तुरंत बाद ही अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, ऐपवा नेता कृष्णा अधिकारी, अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीराम चौधरी, भाकपा माले नेता ओमप्रकाश के नेतृत्व में एक टीम घटना स्थल के लिए चल पड़ी है। उन्होंने लखीमपुर जिला अस्पताल में घायल किसान नेता तेजेंदर विर्क और अन्य घायलों का हाल चाल लिया है। तेजेंदर विर्क को अब बरेली के लिए रेफर कर दिया गया है।

कल 4 अक्टूबर को अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड रुलदू सिंह मानसा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड प्रेम सिंह गहलावत, राष्ट्रीय सचिव कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा के नेतृत्व में भी एक और टीम घटना स्थल पर जाएगी। वे पीड़ित किसानों, घायलों से भी मिलेंगे।

पुरुषोत्तम शर्मा, राष्ट्रीय सचिव, अखिल भारतीय किसान महासभा

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