Thursday, February 2, 2023

83 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला को दो साल तक हिरासत में रखने की सरकार ने कर ली है तैयारी

Follow us:

ज़रूर पढ़े

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि केंद्र की मोदी सरकार यह मान कर चल रही है कि कश्मीर में हालात सामान्य होने में एक साल से अधिक का समय लग सकता है। यह खुलासा उच्चतम न्यायालय में उपलक्ष्य ढंग से उस समय हुआ जब केंद्र सरकार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में रखा गया है। इस कानून के तहत बिना सुनवाई के दो साल तक किसी को हिरासत में रखा जा सकता है। यह भी विचारणीय तथ्य है कि यह सच्चाई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर आयी है। अभी तक केंद्र सरकार ने नहीं बताया है कि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती  तथा अन्य  की हिरासत किस कानून के तहत की गयी है।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ याचिका पर उच्चतम न्यायालय में आज सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को हिरासत में रखा गया है। वाइको की बंदी परिक्षीकरण याचिका पर सुनवाई में उसने बताया कि अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया है। पब्लिक सेफ्टी एक्ट पहली बार फारूक अब्दुल्ला के पिता शेख अब्दुल्ला के कार्यकाल में लगाया गया था। श्रीनगर से लोकसभा सांसद फारूक अब्दुल्ला 5 अगस्त से घर में नजरबंद हैं, जब भारत सरकार ने कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था।

राज्यसभा सांसद एवं एमडीएमके के नेता वाइको की याचिका पर चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ ने सुनवाई की। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या अब्दुल्ला किसी प्रकार की हिरासत में हैं? इस पर वाइको के वकील ने कोर्ट को बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि फारूक अब्दुल्ला किसी प्रकार की हिरासत में नहीं है, लेकिन हमें उनका पता ठिकाना मालूम नहीं है।

इस पर अदालत ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर को नोटिस जारी करते हुए 30 सितंबर तक जवाब मांगा है। वाइको की तरफ से वकील ने कोर्ट को बताया कि अब्दुल्ला के घर को सब्सिडियरी जेल घोषित कर दिया गया है।  उन्हें अभी घर पर ही रहना होगा। हालांकि इस दौरान दोस्त और रिश्तेदार उनसे मिल सकते हैं। हाल ही में कोर्ट ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसदों को फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला से मिलने की इजाजत दी थी। हालांकि, प्रतिबंधों के कारण वो मीडिया से बात नहीं कर पाए थे।

राज्यसभा सदस्य वाइको फारूक अब्दुल्ला को अपना करीबी दोस्त बताते हैं। वाइको ने अब्दुल्ला को चार दशक पुराना दोस्त बताते हुए कहा कि उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में लेकर संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया है। याचिका में कहा गया है कि उत्तरदाताओं (केंद्र और जम्मू-कश्मीर) की कार्रवाई पूरी तरह से अवैध और मनमानी है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है जो लोकतांत्रिक देश की आधारशिला है।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार होने के साथ कानूनी मामलों के जानकार हैं।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

अडानी इंटरप्राइजेज ने अपना एफपीओ वापस लिया, कंपनी लौटाएगी निवेशकर्ताओं का पैसा

नई दिल्ली। अडानी इंटरप्राइजेज ने अपना एफपीओ वापस ले लिया है। इसके साथ ही 20 हजार करोड़ के इस...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This