Sunday, October 24, 2021

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कोरोना सेकेंड वेव के लिए पीएम मोदी सीधे जिम्मेदार: राहुल गांधी

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नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज एक बार फिर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि देश आज जिस संकट से गुजर रहा है उसके लिए केंद्रीय रूप से देश का नेतृत्व और सीधे-सीधे पीएम मोदी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के दिए गए सुझावों को सत्ता पक्ष मजाक बनाकर हवा में उड़ाता रहा और अपनी जिम्मेदारी से बचता रहा।

उन्होंने कहा कि मैंने और बहुत सारे लोगों ने सरकार को कोरोना की वार्निंग दी। एक बार नहीं, बार-बार। हमने बार-बार बात दोहराई और सरकार ने हमारा मजाक उड़ाया और जैसा आपने वीडियो में देखा, प्रधानमंत्री ने विजय डिक्लेयर कर दी, ‘कोरोना को हरा दिया’। प्रॉब्लम ये है कि सरकार को और प्रधानमंत्री को कोरोना समझ ही नहीं आया है और आज तक समझ नहीं आया है। उन्होंने कहा कि कोरोना सिर्फ एक बीमारी नहीं है, कोरोना एक इवॉल्विंग, बदलती हुई बीमारी है। जितना समय आप इसको देंगे, जितनी जगह आप इसको देंगे, उतना खतरनाक ये बनता जाएगा। मैंने पिछले साल फरवरी में कहा, जगह बंद कीजिए, कोरोना को आप समय मत दीजिए, जगह मत दीजिए, दरवाजा बंद कीजिए। 

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना की जगह रोकने का क्या तरीका है, कोरोना आक्रमण कैसे करता है- सबसे पहले जिन लोगों के पास भोजन नहीं है, जो कमजोर हैं, उन पर ये आक्रमण करता है। कौन- हिंदुस्तान के गरीब लोग। दूसरी तरफ, जिनको कोमोरबिडिटीज है, जिनको डायबिटीज है, जिनको हार्ट डिजीज हैं, जो ओबीस (Obese) हैं, उन पर आक्रमण करता है। और ये अहिस्ता-अहिस्ता बदलते जाता है। जितनी आप इसको जगह देंगे, ये बदलेगा, बदलेगा और ज्यादा एफिशिएंट बनेगा। 

उन्होंने कहा कि कोरोना को रोकने के 3-4 तरीके हैं। उन तरीकों में से एक परमानेंट सॉल्यूशन – वो है वैक्सीन। लॉक डाउन हथियार है, मगर इससे लोगों को कष्ट होता है, दुख होता है, दर्द होता है। तो ये सॉल्यूशन नहीं है और ये टेंपरेरी सॉल्यूशन है। सोशल डिस्टेंसिंग टेंपरेरी सॉल्यूशन है। मास्क टेंपरेरी सॉल्यूशन है। वैक्सीन परमानेंट सॉल्यूशन है। मगर अगर आपने वैक्सीन जल्दी नहीं की, तो वायरस आपकी वैक्सीन की पकड़ से निकल जाएगा, भाग जाएगा। क्योंकि अगर आप वायरस को हिंदुस्तान में चलने देंगे, रोकेंगे नहीं, वो म्यूटेट करता जाएगा, बदलता जाएगा, एफिशिएंट बनता जाएगा। 

राहुल गांधी ने कहा कि वैक्सीन स्ट्रैटेजी के बारे में मैंने डॉयरेक्टली प्रधानमंत्री को बोला कि अगर हिंदुस्तान ने वैक्सीन स्ट्रैटेजी ठीक नहीं बनाई, एक बार नहीं, अनेक बार लोग मरेंगे। एक वेव नहीं आएगी, दो वेव नहीं आएगी, तीन वेव नहीं आएगी, चार वेव नहीं आएगी, आती जाएंगी, क्योंकि वायरस अडाप्ट करता जाएगा। 

उन्होंने कहा कि अब स्थिति क्या है – कुछ ही समय पहले मैंने देखा फॉरेन मिनिस्टर भाषण दे रहे हैं कि हिंदुस्तान ने अपना नाम बना लिया। अलग-अलग देशों को हमने वैक्सीन दिया। वैक्सीन डिप्लोमेसी कर रहे हैं। हिंदुस्तान का नाम रोशन हो गया। आपने वैक्सीन एक्सपोर्ट किया। आज स्थिति क्या है- हिंदुस्तान के 3 प्रतिशत को आपने वैक्सीन दी, मतलब 97 प्रतिशत लोगों को कोरोना पकड़ सकता है। आपने दरवाजा खुला छोड़ रखा है और अभी भी आप दरवाजा नहीं बंद कर रहे हैं। दो अलग-अलग, तीन अलग-अलग, चार अलग-अलग रेट बना रखे हैं। बिजनेस चल रहा है। बाकी देशों में एक रेट। अमेरिका ने अपनी आधी पॉपुलेशन वैक्सीनेट कर लिया। ब्राजील जैसे देश ने 8 प्रतिशत, 9 प्रतिशत वैक्सीनेट कर दिया। वो वैक्सीन कैपिटल नहीं हैं, हम वैक्सीन कैपिटल हैं। हम वैक्सीन बनाते हैं और यहाँ पर मैं आपको कह रहा हूं, ये जो सेकंड वेव है, फर्स्ट वेव ठीक है, उसमें बात समझ नहीं आई, वो अलग चीज है। मगर ये जो सेकंड वेव है, ये प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने जो नौटंकी की, प्रधानमंत्री ने जो अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की, इसका कारण सेकंड वेव है। 

उन्होंने कहा कि मैं देश को अभी बता रहा हूं, अगर वैक्सीनेशन इसी रेट पर चलता गया, मतलब आज के प्लान पर अगर आप चलें तो मई, 24 में हिंदुस्तान की पूरी जनता का वैक्सीनेशन होगा। अगर इस रेट पर वैक्सीनेशन चलता गया, तो थर्ड वेव आएगी, फोर्थ वेव आएगी, फिफ्थ वेव आएगी। क्यों आएगी – क्योंकि आपका वायरस बदल जाएगा, म्यूटेट कर जाएगा। 

तो फिर से मैं दोहरा रहा हूं, वैक्सीनेशन स्ट्रैटेजी के बारे में सोचिए। वायरस को समझिए और जिस प्रकार से आप काम कर रहे हैं, उसको बदलिए, क्योंकि आपके काम करने के तरीके से लाखों लोग मरे हैं। और जो झूठ बोला जा रहा है और मैं क्लीयरली बता रहा हूं कि जो हमारी डेथ रेट है, वो झूठ है और सरकार इस झूठ को फैला रही है। ये झूठ फैलाने का समय नहीं है। अगर हमें कोरोना से लड़ना है, तो हमें सच्चाई समझनी पड़ेगी और सरकार को सच्चाई बतानी चाहिए। राजनीतिक मामला नहीं है। हिंदुस्तान के भविष्य का मामला है। हमारे लोगों की जान बचाने का मामला है और सरकार को समझना चाहिए कि हम उनके दुश्मन नहीं हैं। विपक्ष उनका दुश्मन नहीं है। विपक्ष उनको इंडिकेशन दे रहा है। विपक्ष उनको रास्ता दिखा रहा है। अगर फरवरी में बात सुन ली होती, तो लाखों लोग नहीं मरते। 

एक प्रश्न पर कि जो डेथ रेट के आंकड़े हैं, वो गलत हैं, तो क्या इसमें कोई कांग्रेस शासित राज्य भी है? राहुल गांधी ने कहा कि मैंने अपने चीफ मिनिस्टर्स से पर्सनली बात की है और मैंने उनसे कहा है कि देखिए, झूठ बोलने से नुकसान होगा। डेथ रेट ज़्यादा दिखेगी तो लोगों को डिस्टरबेंस ज़रूर होगी, लेकिन रियलिटी को एक्सेप्ट करना पड़ेगा! क्योंकि हम रियलिटी को एक्सेप्ट नहीं करेंगे, तो हम वायरस को रोक नहीं पाएंगे। तो मैंने छत्तीसगढ़ चीफ मिनिस्टर से, बाकी चीफ मिनिस्टर से बात की है कि देखिए, आप लोग सच्चाई रखिए, क्योंकि सच्चाई हमारी दोस्त है। सच्चाई से हमें फीडबैक मिल रहा है। सच्चाई हमारी मदद करेगी। अगर कोरोना से लड़ना है, तो सच्चाई हमारी दोस्त है। शॉर्ट टर्म में ठीक है, लोगों को लगेगा कि डेथ रेट बहुत हाई है, मगर उसको एक्सेप्ट करना पड़ेगा, क्योंकि अगर हम उसको छुपाएंगे तो कोरोना से लड़ने में दिक़्क़त आएगी । मैं गारंटी करके कह रहा हूं कि केंद्र सरकार की डेथ रेट झूठ है, सेंट, परसेंट और मतलब एक्सपोनेंशली झूठ है, एक्सपोनेंशली। ये नहीं कि मतलब 5 प्रतिशत ज्यादा है, 10 प्रतिशत ज्यादा है।

एक अन्य प्रश्न पर कि आपने अपनी पिछली प्रेस वार्ता में कहा था कि कोरोना को हराने के लिए कोरोना से आगे दौड़ना पड़ेगा। आपको लगता है कि सरकार द्वारा कहने के बाद भी, कदम उठाने के बाद भी हम कोरोना के पीछे ही भाग रहे हैं? राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को कोरोना का नेचर ही नहीं समझ आया। आज तक प्रधानमंत्री को कोरोना का नेचर समझ नहीं आया। क्योंकि अगर सरकार को, प्रधानमंत्री को कोरोना का नेचर समझ आता, तो उनकी अप्रोच होती कि वायरस की जगह बंद करो। ये कहाँ-कहाँ भागता है, उसको बंद करो और अलग-अलग टूल हैं, उनको यूज करो, मतलब जो औजार हैं, उनको यूज करो। ये सोच ही नहीं है।

अरे भाई, आप भाषण दे रहे हो बंगाल में, आपके सामने लाखों लोग खड़े हैं। आप बिना मास्क वहाँ खड़े हो, क्या मैसेज जा रहा है लोगों को? आप वायरस को समझे ही नहीं। तो स्ट्रेटेजी का मतलब वायरस को समझो और जगह बंद करो। ये कहा ही नहीं जा सकता कि ये वैक्सीनेशन नहीं कर सकते- ये सुसाइडल है। वैक्सीनेट करना पड़ेगा, वैक्सीन ढूंढो, बनाओ, जो भी करना है, करो और सिस्टमैटेक्ली वायरस की जगह बंद करो। जब प्राइम मिनिस्टर कहते हैं कि वैक्सीनेशन की गलती हमारी नहीं है, स्टेट्स की गलती है, वो जगह बना लेगा। वायरस के लिए जगह बना रहे हैं, कोआर्डिनेशन तोड़ रहे हैं स्टेट्स और प्रधानमंत्री के बीच में। जितना कोआर्डिनेशन अच्छा होगा, उतनी जगह बंद होगी। अगर बघेल जी, नरेन्द्र मोदी जी, एक पेज पर होंगे, ममता जी, नरेन्द्र मोदी जी एक पेज पर होंगे, वायरस की जगह बंद होगी। अगर नरेन्द्र मोदी कहेंगे कि देखो ममता जी ने गलती की, तो वायरस की जगह बनेगी। तो वॉरमाइंड सेट में आना पड़ेगा। आपने केजुअल्टी ले ली, मगर आप वॉरमाइंड सेट में ही नहीं आए।

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