भाजपा सरकार राज्यसभा में बाहर से ले आयी 40-50 गुंडे: शरद पवार

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मानसून सत्र के आखरी दिन आज विपक्षी दलों के राज्यसभा सांसदों को सबक सिखाने के लिये सत्ताधारी भाजपा ने बाहर से 40-50 गुंडे हायर करके लाये थे। इन गुंडों ने राज्यसभा की महिला सांसदों के साथ बदसलूकी भी की। ये आरोप वरिष्ठ नेता शरद पवार ने लगाया है।

शरद पवार ने एएनआई से कहा है कि “अपने 55 साल के संसदीय करियर में मैंने ऐसा कभी नहीं देखा जिस तरह से आज (राज्यसभा में) महिला सांसदों पर हमले हुए हैं। 40 से अधिक पुरुषों और महिलाओं को बाहर से सदन में लाया गया। यह दर्दनाक है। यह लोकतंत्र पर हमला है।”

दरअसल आज राज्यसभा में जनरल इंश्योरेंस बिजनेस संशोधन विधेयक को सरकार ने पारित कराने के लिए रखा था लेकिन उसके बाहर के कुछ सहयोगी बीजेडी और वाईएसआरसीपी भी इस विधेयक के समर्थन में नहीं थे और इसे सेलेक्ट कमेटी या फिर स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजने की मांग कर रहे थे। लेकिन सरकार इसको किसी भी तरीके से पारित कराने पर आमादा थी। जबकि सदन में उसको पारित कराने के लिए उसके पास पर्याप्त संख्या नहीं थी। ऐसे में विपक्ष के तमाम विरोधों के बाद इस विधेयक को ध्वनि मत से पारित करा लिया गया।

जबकि विपक्ष के एक सदस्य की मांग पर भी मतविभाजन की न केवल परंपरा है बल्कि यह उसका संवैधानिक अधिकार भी है। लेकिन सारे नियमों और परंपराओं को ताक पर रखकर सरकार ने आज ध्वनिमत का इस्तेमाल कर उसको पारित कराया जो आजतक कम से कम विधानसभाओं तक ही सीमित था। इस हथियार का इस्तेमाल अब संसद के भीतर भी होने लगा है। शायद इसी नजरिये से इन बाहरी लोगों को बुलाया गया होगा कि जब विपक्ष की तरफ से कोई बड़ी अड़ंगेबाजी की जाए तो उसके लोगों को सबक सिखाया जाए। या फिर उन महिलाओं को निशाना बनाकर सदन से उन्हें बाहर कर दिया जाए और आवश्यकता पड़ने पर वोटिंग के समय भी बहुमत हासिल कर लिया जाए। बहरहाल यह फासीवाद सदन के भीतर भी पहुंच गया है।

गौरतलब है कि राज्यसभा को भी अनिश्चितकालीन समय तक के लिये स्थगित कर दिया गया है। इससे पहले लोकसभा को आज शाम अनिश्चितकालीन समय के लिये स्थगित कर दिया गया था। 

इससे पहले सदन में हंगामे के बाद विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा से बॉयकॉट कर दिया था। 

इस बीच कांग्रेस नेता के सुरेश ने कहा है कि “कल संसद में विपक्षी नेता एकत्र होंगे। वे विजय चौक जाएंगे और लोगों को बताएंगे कि यह सरकार इस देश के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है। राहुल गांधी भी शामिल होंगे। उन्होंने सत्र में कटौती की और पूरे मुद्दे को छोड़ दिया।” 

राज्य सभा ने मानसून सत्र के दौरान 28% की उत्पादकता दर्ज की। सदन में कुल 17 बैठकें हुईं, जो 28 घंटे 21 मिनट तक चलीं। व्यवधान के कारण 76 घंटे 26 मिनट बर्बाद हो गए। राज्यसभा में 19 बिल पास हुए।

वहीं राज्यसभा में सदन के नेता, पीयूष गोयल ने सदन में कहा कि “विपक्ष की मंशा आज पूरी तरह से दिखी। जिस तरह से पैनल चेयरमैन, टेबल स्टाफ और महासचिव पर हमला करने की कोशिश की गई। एक निंदनीय घटना में, एक महिला सुरक्षा कर्मचारी का गला घोंटने का प्रयास किया गया। 

उन्होंने आगे कहा कि ” विपक्षी सदस्यों ने मुझे और संसदीय कार्य मंत्री को हमारे कक्षों से बाहर आने से रोकने की भी कोशिश की। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस तरह का व्यवहार सदन और देश द्वारा कभी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। 

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