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पाटलिपुत्र की जंग: पहले चरण में दिखा कोरोना का असर, मतदान 54.01 प्रतिशत

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का कल मतदान संपन्न हो गया । राज्य के 16 जिलों के 71  विधानसभा क्षेत्र में 54.01 प्रतिशत वोट डाले गए। इस बार मतदाताओं में उत्साह के बाद भी मतदान के प्रतिशत  में कमी को लेकर चर्चा बनी रही। जानकारों का मानना है कि कोरोना काल के चलते मतदान पर असर पड़ा। वर्ष 2015 के चुनाव से इस बार मतदान के प्रतिशत में मामूली अंतर रहा, जबकि वर्ष 2010 के चुनाव की तुलना में तीन फीसद अधिक मतदान रिकार्ड किया गया है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस वार्ता में कहा कि राज्य के तीन विधानसभा क्षेत्र में 3 बजे तक व 5 विधानसभा क्षेत्र में शाम 5:00 बजे तक वोट डाले गए। जबकि अन्य मतदान केंद्रों पर शाम 6:00 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलती रही। देर शाम चुनाव आयोग की जारी रिपोर्ट के मुताबिक कुल 54.01 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें सर्वाधिक बांका में 59.57 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि सबसे कम मुंगेर जिले में  47.36 प्रतिशत मतदान रहा। यहां कम मतदान के पीछे 2 दिन दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान हुए उपद्रव को कारण बताया जा रहा है।

मतदान के दौरान राज्यभर से 159 लोगों को मतदान प्रभावित करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। इस बीच, चेनारी के विधायक ललन यादव के खिलाफ पार्टी का सिंबल लगा मास्क पहनकर मतदान करने पर मुकदमा दर्ज किया गया।

उधर आरा विधानसभा क्षेत्र में राजद के प्रत्याशी राहुल तिवारी व एक निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों के बीच झड़प की सूचना है। मतदान शुरू होने के पहले 2 घंटे के अंदर ही प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. प्रेम कुमार पर भी पार्टी का सिंबल लगा मास्क लगाकर मतदान करने जाने पर आयोग ने मुकदमे की कार्रवाई की थी।

प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश व महागठबंधन के कार्यकर्ताओं में उत्साह को मतदान के प्रति उल्लेखनीय प्रगति होने की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन देर शाम आंकड़ों में कुल 54.01 प्रतिशत मतदान की सूचना मिली जबकि  पिछले विधानसभा चुनाव में कुल 54.47 प्रतिशत मत पड़े थे। इस मामूली अंतर के पीछे कोरोना संक्रमण को लोग कारण बता रहे हैं।

छिटपुट घटनाओं को छोड़ आमतौर पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कड़ी सुरक्षा के बीच हुए मतदान के बीच औरंगाबाद जिले के ढिबरा इलाके से सुरक्षाबलों ने दो इंप्रोवाइज्ड विस्फोटक उपकरण(IED) बरामद किया। जबकि तीन अलग -अलग जगहों पर तीन की मौत हो गई है। आरा जिले के शाहपुर में राजद और निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच झड़प होने से 6 लोगो के ज़ख्मी होने की ख़बर है। हालांकि ईवीएम में खराबी आने और देर से मतदान की प्रक्रिया शुरू होने के कारण जमुई के 12 बूथों पर शाम सात बजे तक मतदान कराया गया।

आज जिन 16 जिलों में चुनाव हुआ उसमें सासाराम, औरंगाबाद, लखीसराय, आरा, जमुई, भोजपुर, कैमूर, अरवल, बांका, जहानाबाद, भागलपुर, पटना, गया, रोहतास, मुंगेर शामिल हैं। इन 16 जिलों के कहलगांव, सुलतानगंज, अमरपुर, ,बांका, लखीसराय, शेखपुरा, बरबीघा, मोकामा, बाढ़, विक्रम, संदेश, बड़हरा, आरा, , तरारी, जगदीशपुर, शाहपुर, ब्रहमपुर, बक्सर, डुमरांव, , रामगढ़, , भभुआ,करगहर, दिनारा, नोखा, डिहरी, गया टाउन, बेलागंज, अतरी, वजीरगंज, हिसुआ, नवादा, वारसलीगंज,  अरवल, कुर्था, जहानाबाद, घोसी, , बेलहर, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढ़ा, , पालीगंज, सासाराम, काराकाट, गोह, ओबरा, औरंगाबाद, गुरुआ, शेरघाटी, टिकारी, , गोविंदपुर, , जमुई, झाझा, व चकाई, चैनपुर, नवीनगर, रफीगंज तथा मखदुमपुर (सु) कुटुम्बां (सु), राजपुर (सु), अगिआंव (सु), धोरैया (सु), मोहनियां (सु),  कटोरिया (सु), इमामगंज (सु), मसौढ़ी (सु), बाराचट्टी (सु), चेनारी (सु), बोधगया (सु), रजौली (सु), सिकन्दरा (सु) विधानसभा सीटों पर मतदान कल संपन्न हो गया।

वैक्सीन पर नौकरी भारी

मतदान करके बाहर आए तमाम युवा मतदाताओं का मीडिया से कहना है कि वो युवा हैं बेरोजगार हैं इसलिए जब वो वोट दे रहे थे तो उनके दिमाग में सिर्फ़ और सिर्फ रोजगार की बात चल रही थी। युवा मतदाताओं ने दो टूक कहा 15 साल से कुंडली मारे ये लोग सत्ता में बैठे हैं कहां कुछ बदल रहा है। जब तक सरकार नहीं बदलेगी स्थिति नहीं बदलेगी, सरकार नहीं बदलेगी तो रोजगार कहां से मिलेगा। जो लोग 15 साल में नहीं दिए रोजगार वो अगले 5 साल में दे देंगे? उनके इस वादे पर कैसे यकीन कर लें।

वहीं वैक्सीन के बाबत पूछे जाने पर मतदाता शरारतपूर्ण तरीके से मुस्करा दिए। लोगों का कहना है हमें रोटी चाहिए, नौकरी चाहिए। पहले रोटी देखें कि दवाई।   

प्रवासी मजदूरों के परिवार में जदयू- भाजपा सरकार के खिलाफ़ गुस्सा

इस साल कोरोना काल और लॉकडाउन के दौरान अप्रैल-मई-जून के महीने में करीब 30 लाख प्रवासी मजूदर तमाम नगरों महानगरों से वापस अपने गृहराज्य बिहार लौटे हैं भूखे, प्यासे, पैदल। पुलिस की मार, व्यवस्था की मार, मौसम और भूख की मार, कंपनी कारखाना मालिकों की मार सहते हुए। तब बिहार की सरकार ने इन प्रवासी मजूदरों की मदद नहीं की थी। न ही बिहार में रहने के दौरान पिछले चार-पांच महीने में सरकार ने उन लोगों को रोजगार प्राप्त करने में कोई मदद की। न ही कोई आर्थिक मदद की। उस बात को लेकर प्रवासी मजदूर समुदाय में सरकार के प्रति बहुत गुस्सा है। मतदान करके मतदान केंद्र से बाहर निकले प्रवासी लोगों ने पत्रकारों से कहा कि जिस सरकार को हमारी, हमारे बच्चों की चिंता नहीं है जो सरकार हमारी है ही नहीं उसे हम अब और नहीं बर्दाश्त कर सकते हैं।

मुंगेर में दुर्गा-विसर्जन के दौरान हुई फायरिंग से लोग नाराज़ 

वहीं मुंगेर में कल रात हुई फायरिंग में युवक की मौत और कई लोगों को गोली लगने से ज़ख्मी होने के चलते सरकार के प्रति मतदाताओं में बेहद आक्रोश देखा गया। मतदान केंद्र से बाहर आए मतदाताओं ने कहा कि ‘हिंदू’ भाजपा-जदयू राज्य में सुरक्षित नहीं हैं। क्या मूर्ति विसर्जन भी अब इस देश में गुनाह हो गया है। इस गोलीकांड की कीमत सरकार को चुकानी पड़ेगी।    

सड़क बनी बड़ा मुद्दा

नेवादा जिले की रजौली विधानसभा के राजन गांव के लोगों ने ‘सड़क’ के मुद्दे पर मतदान का बहिष्कार कर दिया। सड़क के ही मुद्दे पर भोजपुर जिले के दो विधानसभा शाहपुर व तरारी के दो गांव के ग्रामीणों ने मतदान का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया। दो गांव के लोग ‘रोड नहीं, तो वोट नहीं’ का नारा लगा रहे हैं। वहीं मौके पर पहुंचे अफसर नाराज ग्रामीणों को मनाने का प्रयास कर रहे थे। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या-48 प्राथमिक विद्यालय गोबिंदपुर में गांव वालों द्वारा अब तक वोटिंग का बहिष्कार किया गया। गांव वालों के अनुसार ‘सड़क नहीं, तो वोट नहीं’ का निर्णय लिया गया था।

ऐसे बढ़ता गया मतदान प्रतिशत-

सुबह नौ बजे तक – 6.74 फीसदी

सुबह 11 बजे तक – 18.48 फीसदी

दोपहर एक बजे तक – 33.10 फीसदी

दोपहर तीन बजे तक – 46.29 फीसदी

शाम पांच बजे तक – 52.24 फीसदी

शाम छह बजे तक-53.54 फीसदी

शाम सात बजे तक-54.01

इलाके वार प्रतिशत….

नवादा में 52.34 प्रतिशत

जहानाबाद में 53.93 प्रतिशत

अरवल 53.85 प्रतिशत

औरंगाबाद में 52.85

गया 57.05 प्रतिशत

मुंगेर में 44 प्रतिशत

बांका में 59.07 प्रतिशत

लखीसराय 55 प्रतिशत

जमुई में 57.41 प्रतिशत

भागलपुर में 54.20 प्रतिशत

पटना में 52. 51 प्रतिशत

भोजपुर 48.29 प्रतिशत

शेखपुरा में 55.96 प्रतिशत

मुंगेर 47.36 प्रतिशत

रोहतास 49.59 प्रतिशत

बक्सर 54.07 प्रतिशत

कैमूर में 56.20 प्रतिशत मतदान हुआ है

(स्वतंत्र पत्रकार जितेंद्र उपाध्याय और जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on October 29, 2020 9:25 am

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