Sunday, March 3, 2024

लखीमपुर जनसंहार पर महाराष्ट्र कैबिनेट में प्रस्ताव पारित, छत्तीसगढ़ और पंजाब सरकारें पीड़ित किसान व पत्रकार परिवार को देंगी 50-50 लाख रुपये

महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार की कैबिनेट ने आज उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में किसानों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर दुख व्यक्त करने का प्रस्ताव पारित किया है। कैबिनेट की बैठक की शुरुआत में कैबिनेट मंत्रियों ने दो मिनट का मौन रखकर मरहूम किसानों को श्रद्धांजलि दी।
बता दें कि इस प्रस्ताव को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)के जयंत पाटिल ने पेश किया और कांग्रेस के बालासाहेब थोराट और शिवसेना के सुभाष देसाई ने इसका समर्थन किया।

इसके अलावा लखीमपुर खीरी जनसंहार को लेकर महाराष्ट्र में 11 अक्तूबर को बंद का एलान किया गया है। महाविकास अघाड़ी सरकार के तीनों घटक दलों शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी ने इसका समर्थन किया है।

लखीमपुर खीरी कांड में हत्या किये गए किसानों के लिए पंजाब-छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने आर्थिक सहायता का एलान किया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दोनों ने एलान किया है कि घटना में मारे गए किसानों और पत्रकार के परिवार को 50-50 लाख की आर्थिक मदद दी जायेगी।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पीड़ित परिवारों के साथ पूरा हिंदुस्तान खड़ा है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से प्रत्येक पीड़ित किसानों के परिवार को 50 लाख रुपये और पीड़ित पत्रकार के परिवार को भी 50 लाख रुपये दिए जाएंगे।

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ने भी एलान किया है लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों और पत्रकार के परिजनों को पंजाब सरकार की ओर 50-50 लाख रुपया मुआवजा के तौर पर देगी।
बता दें कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ लखीमपुर खीरी में पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए आज लखीमपुर खीरी पहुंचे हैं।

लखनऊ एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए कहा कि मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये देने का एलान किया। उन्होंने हिंसा के दौरान मारे गए पत्रकार के परिवारीजन को भी 50-50 लाख रुपये देने की बात कही। दोनों राज्य मारे गए किसानों और पत्रकार के परिवार को कुल एक करोड़ रुपये की सहायता देंगे।

पंजाब कांग्रेस के नेता कल लखीमपुर खीरी जाएंगे. उनके साथ 10 हजार गाड़ियों का काफिला होगा।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से लखीमपुर खीरी की घटना में कार्रवाई की मांग की

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा मामले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान ना लिए जाने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने हैरानी जताते हुये सवाल खड़ा किया है।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय के रुख पर सवाल खड़े करते हुये कहा है कि, – “लोग मारे जा रहे हैं, कुचले जा रहे हैं, लेकिन सर्वोच्च अदालत संज्ञान नहीं ले रहा।”
https://twitter.com/KapilSibal/status/1445623264806506500?s=19
इसके साथ ही उन्होंने देश की सबसे बड़ी अदालत से इस मामले में कार्रवाई के लिए अनुरोध किया है।कपिल सिब्बल ने ट्वीट करके कहा है कि, “एक समय था जब, उच्चतम न्यायालय, यूट्यूब और सोशल मीडिया के नहीं होने पर भी प्रिंट मीडिया में छपी खबरों के आधार पर ही स्वत: संज्ञान लेता था। सुप्रीम कोर्ट ने बेजुबानों की भी आवाज सुनी। वहीं आज जब हमारे नागरिक कुचले जा रहे हैं और, उन्हें मारा जा रहा है, सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध है कि इसे संज्ञान में ले।”

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