पटना: मोदी-शाह के इस्तीफे और रूड़ी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर माले का राज्यव्यापी प्रतिवाद

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पटना। पूरे देश को कोरोना महामारी में धकेल देने वाले देश बेचू, आदमखोर – मोदी-शाह गद्दी छोड़ो, बिहार के नकारे व हत्यारे स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को बर्खास्त करो, एम्बुलेंस घोटालेबाज भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूड़ी को गिरफ्तार करो और पूर्व सांसद पप्पू यादव को अविलंब रिहा करो आदि प्रमुख मांगों के साथ भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने आज अपने घरों व कार्यालयों से प्रतिवाद दर्ज किया। प्रतिवाद के तहत सबके लिए टीका का तत्काल प्रावधान करने और पंचायत स्तर तक जांच व टीकाकरण केंद्रों का विस्तार करने की भी मांगें उठाई गई।

राज्य कार्यालय में माले राज्य सचिव कुणाल के नेतृत्व में माले नेताओं ने प्रतिवाद किया। उनके अलावा समकालीन लोकयुद्ध के संपादक बृजबिहारी पांडेय, सह संपादक प्रदीप झा, विभा गुप्ता, प्रकाश कुमार आदि नेताओं ने हाथों में तख्तियों के साथ आज के प्रतिवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। माले राज्य सचिव ने कहा कि देश में कोरोना के दूसरे संक्रमण के लिए पूरी तरह से मोदी-शाह की विवेकहीन नीतियां जिम्मेवार है। जब आज पूरा देश कोविड की महामारी से जूझ रहा है, उस वक्त भी प्रधानमंत्री 20000 करोड़ के सेंट्रल विस्टा में व्यस्त हैं। स्थिति यह है कि लोग एक सम्मानजनक मौत मर भी नहीं सकते हैं।  जिस भाजपा ने 2017 के यूपी चुनाव में शवदाह गृह बनाने का वादा किया था, वहां आज लोगों की लाशें ऐसे ही गंगा में फेंककर कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

वहीं, पटना के चितकोहरा में माले पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा, केंद्रीय कमेटी की सदस्य शशि यादव, माले नेता मुर्तजा अली आदि नेताओं के नेतृत्व में प्रतिवाद दर्ज किया गया। मौके पर धीरेन्द्र झा ने कहा कि हम जिला अस्पतालों में वेंटिलेटर युक्त आईसीयू की व्यवस्था; प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक और रेफरल अस्पतालों में कोविड इलाज का विस्तार; व्यापक पैमाने पर डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली; मेडिकल कॉलेजों में भर्ती के लिए कोविड पॉजिटिव का शर्त खत्म कर लक्षण के आधार पर भर्ती करने आदि मांगें लगातार उठा रहे हैं, लेकिन सरकार हमारी मांगों को क्यों अनसुना कर रही है?

शशि यादव ने कहा कि आशाकर्मी, सफाई मजदूरों सहित सभी कोरोना वारियर का स्वास्थ्य बीमा का लाभ व कोरोना भत्ता दिया जाना चाहिए तथा जनवितरण प्रणाली के डीलरों से वार्ता कर हड़ताल समाप्त की जानी चाहिए।

किसान सभा कार्यालय में माले के पोलित ब्यूरो सदस्य व अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह, किसान महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केडी यादव, अविनाश कुमार, ऐक्टू नेता जितेन्द्र कुमार, पटना नगर कमिटी के सदस्य संजय यादव ने प्रतिवाद में हिस्सा लिया। राजाराम सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के कारण सब्जी उत्पादक किसानों की फसलों की बिक्री नहीं हो पा रही है। सरकार उनके फसल की बिक्री की गारंटी करे. न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बटाईदार सहित सभी किसानों की गेहूं खरीद की भी गारंटी करे।

फुलवारी विधायक गोपाल रविदास ने फुलवारी स्थित अपने आवास से प्रदर्शन में हिस्सा लिया। ऐपवा महासचिव मीना तिवारी ने भी आज अपने घर से प्रतिवाद दर्ज किया। कहा कि हमारी पार्टी के सभी विधायकों ने विधायक मद की राशि के शेष बचे 1 करोड़ से अविलंब स्वास्थ्य उपकरण खरीदने की अनुशंसा कर दी है, लेकिन प्रशासन की ओर न जाने इस संकट के समय भी देरी हो रही है।

कंकड़बाग में ऐक्टू नेता रणविजय कुमार, माले नेता पन्नालाल सिंह, संतोष कुमार आदि नेताओं ने प्रदर्शन किया। वहीं, भाकपा-माले पटना नगर कमेटी के सदस्य शंभूनाथ मेहता ने पटना सिटी , दीघा में रामकल्याण सिंह, कृष्ण कुमार सिन्हा आदि नेताओं ने भी प्रतिवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। ऐक्टू नेता रणविजय कुमार ने कहा कि हम कोविड व लॉकडाउन की मार झेल रहे गरीबों के लिए राहत अभियान चला रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक हमारे लिए पास तक जारी नहीं किया है।

राजधानी पटना के अलावा समस्तीपुर, भागलपुर, अरवल, औरंगाबाद, नालंदा, मधुबनी, मधेपुरा, बेगूसराय, बक्सर, दरभंगा, सिवान, नवादा, जहानाबाद, भोजपुर के विभिन्न प्रखंडों, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, चंपारण, गया, गोपालगंज आदि जिलों में माले कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने घरों अथवा कार्यालयों से प्रतिवाद दर्ज किया।

भाकपा-माले के सभी विधायकों ने भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में आज के प्रदर्शन दौरान अपनी हिस्सेदारी निभाई। भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य ने आरा स्थित पार्टी कार्यालय से अपना विरोध दर्ज किया।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)

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