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मोदी जी शुक्र करिए कि पिछली सरकारों ने कुछ बनाया वर्ना आप बेचते क्याः प्रियंका गांधी

“कृष्ण के हवाले से रामधारी सिंह दिनकर ने लिखा है- ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।’ इस सरकार का विवेक मर चुका है। भगवान कृष्ण इनका भी अहंकार तोड़ेंगे।” मोदी सरकार के बारे में यह बातें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज मथुरा के पाली खेरा में किसान महापंचायत में कहीं।

मथुरा में अपने संबोधन का आगाज़ ‘राधे राधे’ और जमुना मैया के जयकारे से करते हुए कांग्रेस महासचिव ने मथुरा की धरती को अहंकार तोड़ने वाली धरती बताते हुए कहा, “ये धरती अहंकार को तोड़ती है। भगवान कृष्ण ने अहंकार में डूबे इंद्रदेव के अहंकार को तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत लाए थे। भाजपा सरकार ने भी अहंकार पाल लिया है। देश के लाखों किसानों, जिन्होंने इस देश की ज़मीन को सींचा, जिन्होंने इस देश को जीवित रखा है, जिन्होंने इस देश की सीमा पर अपने बेटों को हमारी सुरक्षा के लिए शहीद होने भेजा, आज वो किसान सड़क पर बैठा है।

90 दिनों से देश की राजधानी में अपने अधिकारों की लड़ाई किसान लड़े रहे हैं। अब तक 215 किसान शहीद हुए। पर इस सरकार ने उनकी बिजली काटी, पानी बंद किया। मारपीट करवाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी। प्रधानमंत्री देश की जिस राजधानी में रहते हैं, 90 दिनों में उसके बॉर्डर तक नहीं पहुंच पाए। किसानों के पास न वो खुद गए न किसी को भेजा। जब किसी नेता का अहंकार इतना बढ़ जाता है तो वो जनता से अलग हो जाता है। फिर उसकी नीतियां जनता की भलाई के लिए नहीं बनतीं।”

गन्ना किसानों के बकाये से अपना शौक पूरा कर रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी
भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पिछले सालों में आलू किसानों को कितनी समस्याएं हुई थीं, जब कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा आलू के दाम से भी अधिक बढ़ गया था। कई ऐसे किसान थे, जिन्होंने आलू सड़क पर ऐसे ही गिरा दिया था, क्योंकि उसका दाम नहीं मिल रहा था। तब से आज तक क्या परिवर्तन आया है। जिस सरकार ने आपको तमाम वादे किए थे कि आपकी आमदनी दोगुनी होगी। आपको गन्ना का बकाया मिलेगा। उसने आपके लिए कुछ नहीं किया।

प्रियंका गांधी ने कहा कि आप सब जानते हैं कि गन्ने का बकाया 15 हजार करोड़ रुपये है आज। इसी प्रधानमंत्री ने अपने लिए 16 हजार करोड़ रुपये के दो हवाई जहाज खरीदे हैं अपने लिए। आपका गन्ना बकाया नहीं मिला और प्रधानमंत्री ने अपने शौक पूरे करने के लिए दो हवाई जहाज खरीद लिए। यही उनकी नीयत है। गन्ने के दाम वहीं के वहीं हैं, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते चले जा रहे हैं। बिजली के दाम बढ़ते चले जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर से लूट हो रही है। डीएपी के दाम बढ़ गए हैं। रसोई गैस के दाम बढ़ गए हैं। ओला वृष्टि हुई आपको क्या मुआवजा मिला। बताइए। तमाम उपज खराब हुई आपकी, पर आपको मुआवजा नहीं मिला। धान, बाजरा, गेहूं के सही दाम नहीं मिलते। आवारा पशुओं से परेशान किसान अपनी फसल बचाने के लिए रात भर अपने खेत में रहता है और दिन भर धूप में काम करता है।

कहां गए गौशाला के रुपये
उत्तर प्रदेश में गौशालाओं के खस्ताहाली पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “बृज गौशालाओं का केंद्र है। यहां की गौशालाएं आज किस हालत में हैं आप जानते हैं। देश भर में गौशालाओं का बुरा हाल है। हाथरस, बुंदेलखंड और मथुरा के कई वायरल वीडियो हमने पिछले दिनों में देखे हैं। गौशालाओं में गौवंश का बुरा हाल है। उन्हें न चारा मिल रहा था, न पानी। कचड़े में पड़े मरते रहे, कोई मदद को नहीं आया। उत्तर प्रदेश में इस तरह चल रही हैं गौशालाएं।

इस सरकार ने गौशालाओं के नाम पर 200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, लेकिन गौशाला में नहीं गए वो पैसे। मैं पूछना चाहती हूं कहां गए वो पैसे। अभी हाल ही में आगरा के गौशाला में गौवंशो की मृत्यु हुई।

अपने अरबपति दोस्तों के लिए बनाए हैं कृषि क़ानून
प्रियंका गांधी ने कहा, “आज किसानों पर हर तरफ से वार हो रहा है। सरकार ने अपने महान विवेक से तीन नये कृषि क़ानून बनाए। समझ में नहीं आता कि प्रधानमंत्री मोदी को किसानों से कौन सी दुश्मनी है, जबकि आपने ही उनको प्रधानमंत्री बनाया, अपने वोटों के बल पर उन्हें जिताया और सत्ता सौंपी। फिर वो आपको बर्बाद क्यों कर रहे हैं।”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कृषि क़ानूनों की कमियों को गिनाते हुए आगे कहा, “साल 1955 में प्रधानमंत्री नेहरू ने आवश्यक वस्तु अधिनियम क़ानून बनाया, क्योंकि वो जमाखोरी पर पाबंदी लगाना चाहते थे। वो महंगाई पर नियंत्रण करना चाहते थे, लेकिन इस सरकार ने नया क़ानून लाकर जमाखोरी को वैध बना दिया। नये कृषि क़ानून के आने के बाद अब कॉरपोरेट और उद्योगपति चाहे जितना चाहें उतना जमाखोरी कर सकते हैं। पहले कृषि क़ानून से जमाखोरी, कालाबाज़ारी, महंगाई बढ़ेगी।

दूसरा कृषि क़ानून कॉरपोरेट को मंडी खोलने की अनुमति देता है। इससे बड़ी-बड़ी कॉरपोरेट मंडिया खुलेंगी। सरकार सरकारी मंडियों से टैक्स लगाएगी और कॉरपोरेट मंडियों से टैक्स नहीं लगेगा। इससे सरकारी मंडिया बंद हो जाएंगी। जैसे-जैसे सरकारी मंडियां बंद होंगी, एमएसपी बंद हो जाएगा। फिर कॉरपोरेट किसानों के अनाजों की खरीद कीमत तय करेगा। तीसरा क़ानून कॉन्ट्रैक्ट खेती को बढ़ावा देता है।

उन्होंने कहा कि खरबपति आपके गांव जाएंगे। आपसे कहेंगे गन्ना उगाओ, पांच सौ रुपये कुंतल देंगे, लेकिन पैदावार के बाद वो आपको कहेंगे फसल ठीक नहीं है। 200 रुपये से ज़्यादा नहीं देंगे। आप कर्जा लेकर खेती करोगे, लेकिन कॉन्ट्रैक्ट करके पीछे हटने वाले कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने वाले कॉरपोरेट के खिलाफ़ आप अदालत नहीं जा पाओगे। ज़्यादा से ज़्यादा एसडीएम तक जा सकते हैं आप इस क़ानून के बाद। इस तरह ये क़ानून आपको कॉरपोरेट फ्रॉड के खिलाफ़ अदालत जाने से रोकता है।

शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए भाजपा का कोई संसद नहीं खड़ा हुआ
कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सांसदों पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि आपने देखा होगा, आपका दुख-दर्द बांटने के बजाय उन्होंने संसद में आपका अपमान किया है। आप खुद्दार लोग हो। मैं जानती हूं, लेकिन आपको उन्होंने आंदोलनजीवी परजीवी कहा। इनके मंत्रियों ने आपको आतंकवादी, देशद्रोही कहा। जब मेरे भाई राहुल गांधी ने संसद में 215 शहीद किसानों के लिए दो मिनट का मौन मांगा तो सभी विपक्षी दलों के सांसद खड़े हुए, लेकिन भाजपा का एक भी सांसद नहीं खड़ा हुआ। वो अपनी जगह बैठे रहे। यही आदर है उनके पास आपके लिए। इतना आदर आपका वो करते हैं कि दो मिनट के लिए शहीद किसानों की श्रद्धांजलि में खड़े तक नहीं हो पाए।

जनता ही जनार्दन है
कांग्रेस महासचिव ने कहा, “हजारों साल का इतिहास बताता है कि जनता ही जनार्दन है। जनता अहंकारी सरकार को हमेशा सबक सिखाती है। आज वो समय आ गया है। सच्चाई आपके सामने हैं। उनके सारे चुनावी वादे झूठे निकले। सच्चाई ये है कि ये केवल अहंकारी प्रधानमंत्री नहीं हैं। कायर प्रधानमंत्री हैं, क्योंकि जैसे ही इनकी नीतियों और निर्णयों पर सवाल उठता है, जिम्मेदारी लेने के बजाय एकदम पीछे हटकर पिछली सरकारों को दोषी ठहराते हैं। कायरता है इनकी। अगर निर्णय लिया है तो जिम्मेदारी लो। जनता को आपका निर्णय पसंद नहीं है जिम्मेदारी लो और फैसले को बदलो, लेकिन इनमें ये हिम्मत नहीं है। इनमें अहंकार है और ये पूरी तरह से कायर हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम ये बढ़ाते हैं और कहते हैं ये हमें इसलिए करना पड़ रहा है, क्योंकि कांग्रेस ने रेट नहीं बढ़ाए। ये कौन सा तर्क हुआ।”

आखिर में उन्होंने कहा, “शुक्र करिए कि पिछली सरकारों ने कुछ बनाया वर्ना आप बेचते क्या।” उनके इस वाक्य पर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्होंने पूरे देश को बेच डाला। बड़े-बड़े उद्योग बेच डाले। किसने बनाए थे वो उद्योग? किसके लिए बने थे वो उद्योग? जनता ने बनाए थे वो उद्योग, वो जनता के लिए बने थे और आपने उनको बेच डाला। नोटबंदी, जीएसटी के सिवाय आपने क्या बनाया? छोटे उद्योगों की कमर तोड़ने के लिए क़ानून किसने बनाया? लॉकडाउन के समय जब परेशान होकर मजदूर पैदल ही अपने गांव निकले तो आपकी सरकार ने कौन सी सुविधा बनाई उनके लिए?

उन्होंने कहा कि मोदी जी की सबसे बड़ी उपलबधि यही है कि बहुत निष्ठा से बड़े समर्पण से अपने खरबपति मित्रों को ख़ूब मजबूत बनाया है, लेकिन ये देश की जनता सब देख रही है। जो जनता कहती है, वही धर्म है। जनता को सुनना ही हर नेता का धर्म है। आपके इस संघर्ष में कांग्रेस आपके साथ है। इन कृषि क़ानूनों को रद्द करवाए बिना हम चुप नहीं बैठेंगे और जब हमारी सरकार आएगी सबसे पहले इन तीन कृषि क़ानूनों को रद्द करेगी।

बता दें कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज मथुरा के पाली खेरा में किसान महापंचायत को संबोधित करने पहुंची थी। इससे पहले वो मुज़फ़्फ़रनगर, बिजनौर, सहारनपुर में किसान महापंचायत को संबोधित कर चुकी हैं।

आज की महापंचायत में कांग्रेस महसचिव के अलावा यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, प्रदीप माथुर, प्रमोद तिवारी, राजीव शुक्ला, विवेक बसल, प्रदीप जैन, आदित्य, दीपेंदर हुड्डा, राशिद अल्वी, दीपक चौधरी, उमेश शर्मा, महेश पाठक, पंकज मलिक, अनिल चौधरी, हरेंदर अग्रवाल, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, एनयूएसआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे। एनएसयूआई और महिला विंग की नेता किसान महापंचायत में शामिल हुईं। कार्यक्रम के आखिर में कांग्रेस महासचिव ने किसान आंदोलन में शहीद किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखवाया।

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This post was last modified on February 23, 2021 11:10 pm

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