Friday, April 19, 2024

मुठभेड़ के बाद नक्सलियों का आया बयान, कहा-घटना के लिए पीएम मोदी समेत सत्ता तंत्र जिम्मेदार

माओवादी प्रवक्ता विकल्प ने 3 अप्रैल को हुए सुरक्षा बल और माओवादियों के बीच मुठभेड़ का जिम्मेदार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, विशेष सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार स्पेशल डीजी अशोक जुनेजा और बस्तर आईजी सुंदरराज पी को जिम्मेदार ठहराया है। बता दें कि 3 अप्रैल को बस्तर के बीजापुर जिले के तररेम में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 22 जवानों की शहादत हुई थी और 31 जवान घायल हो गए थे। ठीक इस घटना के बाद माओवादियों के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने 6 अप्रैल को प्रेस नोट जारी कर हमले में अपने चार साथियों के मारे जाने का दावा किया है, जिनमें एक महिला माओवादी और तीन पुरूष माओवादी शामिल हैं। साथ ही इस घटना में नक्सल प्रवक्ता ने 24 जवानों को मारने का दावा किया है, और हमले में CRPF, DRG, STF जवानों से लूटे गए हथियारों का ब्यौरा दिया गया है जिसमें 10 एके 47 राइफल, 1 एसएलआर राइफ़ल, 1 एसएलआर एलएमजी, 1 यूबीजीएल, और कारबाइन 2000 के लगभग कारतूस का जिक्र किया है और प्रेस नोट के साथ हथियारों का फ़ोटो जारी किया है।

दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश की सार्वजनिक संपत्ति और खदानों को कारपोरेट घरानों, अम्बानी, अडानी, विदेशी कंपनियों को देश की संपत्ति को बेचने का आरोप लगाया है, तो वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी सवाल खड़ा किया है, माओवादी प्रवक्ता ने मोदी सरकार के सात साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था को देश की राजनीति और जनता के जान माल के लिए खतरा बताया है।

तो वहीं दलित, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं, मानव अधिकार संगठनों, पत्रकारों पर हो रहे अत्याचारों के लिए जिम्मेदार केंद्र सरकार को ठहराया है। और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को देश के लिए खतरा बताया है।

इसके पहले नक्सलियों द्वारा शांति वार्ता के लिए प्रेस नोट जारी किया गया था। 

इस संबंध में प्रवक्ता विकल्प ने कहा कि वार्ता के लिए हम कभी भी तैयार हैं, बस सरकार ईमानदार नहीं है। वार्ता करने के लिए अनुकूल माहौल को पैदा करने की जिम्मेदारी सरकार की है।

पुलिस बलों को एकत्रित कर कैम्प बनाना, हमला करना, दमन चलाने जैसे कामों को रोकने पर वार्ता हो सकती है, ऐसा माओवादी प्रवक्ता विकल्प के द्वारा प्रेस नोट में जिक्र किया गया है।

 अगवा हुए जवान के बारे में नक्सलियों का जवाब 

साथ ही अगवा हुए जवान के सम्बंध में प्रवक्ता का कहना है कि जवान हमारे पास सुरक्षित है और सरकार पहले निर्दिष्ट रूप से मध्यस्थों के नाम की घोषणा कर ऐलान करे फिर हम बंदी जवान को छोड़ देंगे। ऐसा माओवादियों की तरफ से आश्वासन दिया गया है।

(बस्तर से जनचौक संवाददाता रिकेश्वर राणा की रिपोर्ट।)

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