Subscribe for notification

अब पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतें भी किसानों के एजेंडे में

किसान मोर्चे ने देश में बढ़ती पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों को भी अपने एजेंडे में शामिल कर लिया है। मोर्चे का कहना है कि एक तरफ सरकार गलत फॉर्मूला जोड़कर कम MSP देती है दूसरी तरफ दिनों दिन बढ़ती तेल की कीमतें भी इनपुट लागत बढ़ा रही हैं। किसानों के साथ-साथ देशभर के आम नागरिकों को भी पेट्रोल, डीजल एवं गैस की बढ़ती कीमतों से भारी नुकसान होगा। बढ़ती कीमतों के खिलाफ देश भर में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। AIKKMS ने हरियाणा के झज्जर एवं रेवाड़ी में पेट्रोल के बढ़ते दामों के खिलाफ प्रदर्शन किया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए देश भर में किसान महापंचायतों का दौर जारी है। आज चंडीगढ़ में विशाल सभा आयोजित की गई जिसमें चंडीगढ़ शहर के लोगों का भारी समर्थन मिला। राजस्थान के रायसिंह नगर में 18 को और हनुमानगढ़ में 19 को विशाल सभा आयोजित की गई जिसे संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने संबोधित किया। सूर्यपेट तेलंगाना में 18 फरवरी को कृषि कानूनों के विरुद्ध अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के नेतृत्व में बड़ी रैली हुई। इसी तरह 19 फरवरी को हिसार में महापंचायत की गई। इन सभाओं में किसानों के अलावा अन्य नागरिकों ने भी आने वाले दिनों में दिल्ली बॉर्डर्स पर आने का भरोसा दिया।

गाजीपुर बॉर्डर पर उन्नाव में दलित औरतों की रहस्यमयी मौत के विरोध में और निष्पक्ष उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग को लेकर नौजवान किसान रैली निकाली गई। मध्यप्रदेश में अनेक जिलों में रेल रोको कार्यक्रमों के दौरान गिरफ्तारियां की गईं। ग्वालियर में 50 और रीवां में 47 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। रात को फूलबाग से, जहां 57 दिनों से स्थाई धरना चल रहा था वहां से, टेंट और सभी सामान जब्त कर लिया गया, जिसके खिलाफ पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर के कार्यालय पर धरना दिया गया। इसके बाद गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को जेल से रिहा किया गया। सरकार झूठे केस लगाकर किसानों को डराना चाहती है। अब फिर से स्थाई धरना शुरू कर दिया गया है। छतरपुर में 32 दिन से धरना दे रहे किसानों को टेंट लगाने की अनुमति नहीं देने के कारण किसान बीमार भी हो रहे हैं। किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि मंदसौर गोली कांड के बावजूद किसानों का हौसला नहीं टूटा था, इसी तरह यह आंदोलन भी जारी रहेगा।

23 फरवरी को सभी बोर्डर्स सहित देशभर में ‘पगड़ी संभाल’ दिवस मनाया जाएगा। किसानों के आत्मसम्मान में मनाए जाने वाले इस दिन पर देशभर के महिला व पुरुष प्रदर्शनकारियों से मोर्चा ने अपील की है कि उस दिन किसी भी रंग की पगड़ी पहन कर इस दिन को मनाए।

किसानों के आत्मसम्मान को चोट पहुंचाने वाले हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल का अलग-अलग जगहों पर भारी विरोध किया जा रहा है। 23 फरवरी को पगड़ी संभाल दिवस पर जेपी दलाल के अमानवीय बयानों के चलते उनके खिलाफ भिवानी में एक विशाल महापंचायत आयोजित की जा रही है।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on February 20, 2021 10:00 pm

Share