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अमेरिकी चुनाव: कोविड पर बेडेन ने की ट्रम्प की घेरेबंदी! भ्रष्टाचार, हेल्थकेयर और नस्लवाद पर भी तीखी बहस

नई दिल्ली। 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के लिए कल डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बेडेन और रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप तीसरी और आखिरी बार आमने-सामने हुए। बहस के दौरान ट्रंप ने बेडेन और उनके परिवार पर ढेर सारे भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हालांकि उससे संबंधित उन्होंने कोई प्रमाण नहीं पेश किया। कल की बहस में कोविड महामारी केंद्र में थी। और उसको लेकर बेडेन ने जमकर ट्रम्प पर हमला बोला।

हालांकि पिछली बहसों के मुकाबले ट्रम्प इस बार ज्यादा संयत दिख रहे थे। वह लगातार ऐसी हरकत करने से बचते दिखे जिससे उनके मतों को नुकसान पहुंच सकता था। दोनों प्रत्याशियों के बीच पहली बहस के दौरान यही हुआ था जब ट्रम्प ने बेहद हमलावर रुख अपनाया था और लगातार बेडेन के भाषण के दौरान उसमें हस्तक्षेप किया था जिससे बहस बहुत जल्दी ही डिरेल हो गयी थी। बावजूद इसके कल की बहस में भी दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर व्यक्तिगत आरोपों-प्रत्यारोपों की झड़ी लगा दी। और इस तरह से दोनों प्रत्याशियों के बीच एक दूसरे के सम्मान को बनाए रखने की न्यूनतम औपचारिकताएं भी धराशाई होती दिखीं।

टेनीज के नैशविले में आयोजित यह बहस ट्रम्प के लिए महामारी के दबाव से निकलने का आखिरी अवसर था। गौरतलब है कि अब तक वहां महामारी 2,210,00 की जान ले चुकी है। और उसका कहर अभी भी जारी है। और इस लिहाज से राष्ट्रपति चुनाव अभियान का यह प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। अभी तक आए जनमत सर्वेक्षण ट्रम्प को पीछे दिखा रहे हैं। बावजूद इसके कुछ ऐसे राज्य जो चुनाव के लिहाज से बेहद निर्णायक साबित होने जा रहे हैं वहां दोनों पक्षों के बीच तीखी लड़ाई है।

जलवायु परिवर्तन पर बहस करते हुए ट्रम्प ने कहा कि “भारत को देखिए…..यह कितना गंदा है। उनकी हवा गंदी है।” कार्बन उत्सर्जन को कम करने के अपने प्रशासनिक फैसले को उचित ठहराने के क्रम में उन्होंने यह बात कही।

कोरोना वायरस मामले में प्रशासन की भूमिका बहस के केंद्र में थी। बेडेन ने कहा कि “कोई भी शख्स जो इतनी सारी मौतों के लिए जिम्मेदार है उसे किसी भी हालत में अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं बने रहना चाहिए।” इस पर ट्रम्प ने अपने प्रशासनिक कदमों को उचित ठहराया। साथ ही कहा कि महामारी का सबसे बुरा दौर गुजर गया है। उन्होंने कहा कि “हम किनारे के करीब हैं। और अब यह जा रहा है।” गौरतलब है कि ट्रम्प कोविड महामारी को बहुत समय तक हल्के में लिए थे। और इस बात को समय-समय पर सार्वजनिक करने से भी वह कभी हिचकिचाए नहीं।

इसके साथ ही ट्रम्प ने कहा कि कोविड वैक्सीन अब कुछ ही हफ्तों दूर है। जबकि प्रशासनिक अधिकारियों समेत ज्यादातर विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन 2021 के मध्य से पहले आ पाना मुश्किल है।

चुनाव को अपनी तरफ मोड़ने की क्षमता रखने वाले ओहियो समेत ढेर सारे राज्यों ने बृहस्पतिवार को सिंगल डे में कोरोना संक्रमण का रिकार्ड दर्ज किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि महामारी एक बार फिर तेजी से फैल रही है।

बहस का शुरुआती दौर कोरोना पर केंद्रित होने के बाद बृहस्पतिवार की लड़ाई के रैपिड सवालों के दौर में दोनों पक्ष एक दूसरे पर विदेशों से अनुचित रिश्ते रखने के आरोप लगाए।

टम्प ने अपने पुराने आरोपों को एक बार फिर दोहराते हुए कहा कि बेडेन और उनके पुत्र हंटर चीन और यूक्रेन के साथ अनैतिक कार्यवाहियों में संलग्न हैं। हालांकि उसको साबित करने के लिए उन्होंने कोई प्रमाण नहीं दिया। और बेडेन ने भी उसे झूठा और बदफलूसी भरा वक्तव्य करार दिया।

उन्होंने कहा कि ट्रम्प का हंटर बेडेन के यूक्रेन के साथ व्यवसायिक रिश्ते पर गंदगी फेंकना राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग का आधार बन सकता है। राष्ट्रपति और उनके बच्चे खुद हितों की टकराहट के आरोपी रहे हैं जब से उन्होंने 2017 में ह्वाइट हाउस में प्रवेश किया है। क्योंकि उनका परिवार अंतरराष्ट्रीय रीयल इस्टेट और होटेल व्यवसायों में शामिल हैं।

बेडेन ने अपने परिवार की रक्षा करते हुए कहा कि उसने किसी दूसरे देश से एक भी पैसा नहीं बनाया। “यह उसके परिवार या फिर मेरे परिवार की बात नहीं है। यह आपके परिवार के बारे में है और आपका परिवार बुरी तरीके से चोट पहुंचा रहा है।”

इसके साथ ही बेडेन ने न्यूयॉर्क टाइम्स की खोजी रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्रम्प पर टैक्स चोरी का आरोप लगाया। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्रम्प का टैक्स रिटर्न दिखाता है कि पिछले 20 सालों से उन्होंने किसी भी तरह का संघीय आयकर नहीं दिया है।

बेडेन ने कहा कि “अपने टैक्स रिटर्न को जारी कीजिए या फिर भ्रष्टाचार के बारे में बोलना बंद कीजिए।”

ट्रम्प जिन्होंने दशकों की टैक्स रिटर्न जारी करने की परंपरा को तोड़ दिया है, ने कहा कि उन्होंने करोड़ों रुपये अदा किए हैं। उसके बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रही ऑडिट के पूरी होने के तुरंत बाद वह उसे जारी कर देंगे।

इसके अलावा प्रत्याशियों के बीच हेल्थ केयर, चाइना नीति, और- महीनों के नस्ल विरोधी आंदोलन के बाद- नस्लीय रिश्ते मुद्दे थे। बेडेन ने कहा कि ट्रम्प इतिहास के सबसे बड़े नस्लवादी राष्ट्रपति हैं।

इसका जवाब देते हुए ट्रम्प ने बेडेन को 1994 के अपराध विधेयक का निर्माता करार दिया जिसमें अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वालों की सजाएं बढ़ा दी गयी थीं। इसके साथ ही उन्होंने इस बात का दावा किया कि 1860 के दशक में अब्राहम लिंकन को अगर अपवाद स्वरूप छोड़ दिया जाए तो वह किसी भी अन्य राष्ट्रपति के मुकाबले अफ्रीकी अमेरिकियों के लिए सबसे ज्यादा काम किए हैं।

हेल्थकेयर संबंधी विडंबनाएं

बेडेन ने ट्रम्प के उन प्रयासों की निंदा की जिसके तहत उन्होंने हेल्थेकेयर एक्ट को अवैध ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट को मनाने का प्रयास किया था। गौरतलब है कि लोगों की स्वास्थ्य रक्षा से संबंधित यह कानून बराक ओबामा और बेडेन के रेजीम में पास किया गया था।

बेडेन ने कहा कि लोग उचित दर पर स्वास्थ्य सुविधा हासिल करने के लायक हैं। कानून के मुताबिक इंश्योरेंस कंपनियां पूर्व नियोजित शर्तों के साथ लोगों की कवरेज करने के लिए स्वतंत्र हैं।

ट्रम्प ने कहा कि वह एसीए को उससे भी बेहतर किसी चीज से प्रतिस्थापित करना चाहते हैं और वह उसी तरह का प्रोटेक्शन देगा। जबकि प्रशासन सालों के वादे के बावजूद हेल्थकेयर का कोई विस्तृत प्रस्ताव नहीं तैयार कर पाया है।

तुलनात्मक रूप से अभी कुछ ही मतदाता बचे हैं जिनको मत के लिए अपना दिमाग बनाना है। लेकिन यह बात तय है कि ट्रम्प की अब उन्हें प्रभावित करने की क्षमता खत्म हो गयी है। 47 मिलियन अमेरिकी जो अपने आप में एक रिकार्ड हैं, पहले ही अपने मतों का इस्तेमाल कर चुके हैं। यह 2016 के शुरुआती मतों के पार जाता है।

कल की बहस को तकरीबन 73 मिलियन लोगों ने देखा। इस बहस के दौरान तकरीबन 200 लोग शारीरिक रूप से मौके पर मौजूद थे और हाल में घुसने से पहले कोविड मानकों के मुताबिक उन सभी का तापमान लिया गया था। और सभी ने मास्क पहन रखे थे।

(‘द हिंदू’ में प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित।)

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This post was last modified on October 23, 2020 11:42 am

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