Wed. Jun 3rd, 2020

नितिन गडकरी पर चुनाव में अपनी संपत्ति को छुपाने का आरोप, पटोले ने दायर की बांबे हाईकोर्ट में याचिका

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नागपुर। केंद्रीय मंत्री और नागपुर से सांसद नितिन गडकरी के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में एक ‘चुनाव याचिका’ दायर की गई है। यह याचिका लोकसभा चुनाव में नागपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे नाना पटोले ने दायर की है। याचिका को शुक्रवार को अदालत में दायर किया गया। और इस केस का नंबर EP /13727 /2019 है। याचिका के माध्यम से नाना पटोले ने नितिन गडकरी की जीत को चुनौती दी है। उन्होंने नितिन गडकरी पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। लिहाजा कोर्ट से नितिन गडकरी की जीत को रद्द करने की मांग की गयी है।

अभी तक मिली जानकारी के अनुसार नाना पटोले ने अपनी इस चुनावी याचिका में नितिन गडकरी की धापेवाड़ा स्थित जमीन को पहला मामला बताया है। नाना पटोले का आरोप है कि नितिन गडकरी ने धापेवाड़ा की जमीन को हिंदू अविभाजित परिवार के अंतर्गत बताया है। जबकि सच्चाई यह है कि उसके मालिक वो खुद हैं। आपको बता दें कि धापेवाड़ा की जमीन मौजा धापेवाड़ा खुर्द में स्थित है और उसका नंबर 264 है।

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उसके मालिक नितिन जयराम बापू गडकरी हैं और 7/12 में भी HU नहीं लिखा है ऐसे में जमीन हिंदू अविभाजित परिवार की नहीं है। यह जमीन नितिन गडकरी के नाम से है जबकि नितिन गडकरी ने अपने हलफनामे में साफ तौर पर कहा है कि उनके पास कोई भी कृषि जमीन नहीं है। साथ ही उन्होंने अपने इस हलफनामे में कहा है। उनका मुख्य व्यवसाय कृषि है।

इस याचिका में एक और आरोप लगाया गया है कि नितिन गडकरी की तनख्वाह और पेंशन का गलत आकलन किया गया है और उसको गलत तरीके से इनकम टैक्स विभाग के पास दर्शाया गया है। और इसी गलत जानकारी को इलेक्शन में शपथ पत्र के तौर पर पेश कर दिया गया है।

याचिका में नितिन गडकरी पर अपने आपराधिक मुकदमों को भी छुपाने का आरोप लगाया गया है। जिन संपत्तियों की वजह से उन्हें इनकम /फायदा /उत्पन्न हुआ है उसे दिखाया ही नहीं गया है। इन संपत्तियों से जुड़े जो आपराधिक मामले हैं गडकरी ने उन्हें भी छुपा दिया है।

इसके अलावा कुछ महीने पहले धापेवाड़ा के बॉयलर प्लांट में जहां एक मजदूर की मौत हुई थी उसे भी नितिन गडकरी ने अपने हलफनामे में नहीं दर्शाया है। वह बॉयलर कानूनी है या गैरकानूनी और उस बॉयलर से कितनी आमदनी होती है। यह भी नितिन गडकरी ने अपने हलफनामे में छुपाया है।

 ऐसे में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रहे नाना पटोले ने अदालत के सामने प्रार्थना की है कि नितिन गडकरी ने अपने हलफनामे में सत्य जानकारी नहीं दी है और जनता को गुमराह किया है। और यह सब कुछ भ्रष्ट आचरण के दायरे में आता है। लिहाजा नितिन गडकरी की चुनाव में हुई जीत को रद्द किया जाये।

(कुछ इनपुट नागपुर तहलका से लिया गया है।)

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