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अमेरिका की पीठ पर एक और वामपंथी सवार, पेरू में पेड्रो कैस्टिलो की जीत!

नई दिल्ली। पेरू के राष्ट्रपति चुनाव में फ्रंटरनर और वामपंथी उम्मीदवार पेड्रो कैस्टिलो जीत के बिल्कुल करीब पहुंच गए हैं। हालांकि विरोधियों ने कुछ कानूनी अड़चनें खड़ी कर दी हैं जिसको लेकर देश में बड़े स्तर पर तनाव पैदा हो गया है। और इन्हीं बातों के चलते अभी आखिरी नतीजा घोषित नहीं हो पाया है।

शुक्रवार को बेहद तनाव में जारी मतगणना के बीच कानूनी बाधाएं पैदा किए जाने पर कैस्टिलो ने अपने समर्थकों से कहा कि “हम सभी पेरूवियन लोगों से अलर्ट रहने की अपील करते हैं।”

स्थानीय मीडिया के मुताबिक निर्वाचन अधिकारी दक्षिणपंथी प्रतिद्वंदी कीको फूजीमोरी को 200000 वोटों की वैधता को चुनौती देने के लिए नियमों में तब्दीली पर विचार कर रहे हैं।

कैस्टिलो के पक्ष में एक बात जो जाती है और फूजीमोरी को लिए वह किसी धक्के से कम नहीं होगी वह यह कि आर्गेनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स के इलेक्टोरल आब्जर्वेशन मिशन ने कहा है कि मत ‘एक सकारात्मक चुनावी प्रक्रिया’ है जिसमें कोई गंभीर अनियमितता देखने को नहीं मिली है।

पूर्व पेरूवियन विदेश मंत्री रुबेन रामिरेज की अध्यक्षता वाले समूह ने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट में कहा है कि “मिशन को कोई गंभीर अनियमितता नहीं मिली है।”

आप को बता दें कि 99.6 फीसदी वोट गिने जाने के बाद कैस्टिलो फूजीमोरी से 60 हजार वोटों से आगे हैं।

कैस्टिलो एक प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक थे। जिन्हें गरीबों और ग्रामीण पेरूवियन का समर्थन मिला है। उन्होंने विपक्ष की उस योजना पर चिंता जाहिर की है जिसमें अनडिजर्व इलाके के वोटों को खारिज करने की बात की जा रही है। खास बात यह है कि इन्हीं इलाकों से उन्हें बहुमत आबादी का समर्थन मिला है। इसके साथ ही उन्होंने निर्वाचन संस्था से पूरी प्रक्रिया के बारे में सफाई मांगी है।

कैस्टिलो के इस बयान के बाद कापर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध पेरू में तनाव पैदा हो गया है। और यह पिछले रविवार को पड़े वोट के बाद से ही जारी है। कैस्टिलो को 50.2 फीसदी वोट मिले हैं जो फूजीमोरी से थोड़े ही ज्यादा हैं जिसने उन पर बगैर किसी सबूत के फ्राड का आरोप लगाया है।

चाकू की धार पर चुनाव

पेरू की निर्वाचन ज्यूरी ने मीडिया की इस रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं की है जिसमें कहा गया है कि वह नियमों को बदलने पर विचार कर रही है।

कैस्टिलो की फ्री पेरू पार्टी के मुखिया व्लादिमीर कैरोन कुछ ज्यादा ही कड़ाई से पेश आए। उन्होंने ट्विटर पर कहा कि वोट की रक्षा के लिए “लोगों को खड़े हो जाना चाहिए।” इसके पहले उन्होंने चाकू की धार पर हुए इस चुनाव में कैस्टिलो की जीत का दावा कर दिया था।

देश के निर्वाचन पदाधिकारियों को अभी विजयी उम्मीदवार की पुष्टि करना बाकी है। लेकिन ज्यादातर पर्यवेक्षक और कुछ स्थानीय लेफ्ट झुकाव वाले नेताओं, जिसमें अर्जेंटीना और बोलविया के नेता भी शामिल हैं, ने कैस्टिलो को विनर के तौर पर बधाई दे दी है। जिसने पेरू सरकार को इसका विरोध करने का मौका दे दिया है।

कैरोन ने बताया कि “दुनिया के ढेर सारे राष्ट्रपति पेड्रो कैस्टिलो को जीत की बधाई दे रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो उनके पास ठोस अंतरराष्ट्रीय वैधता है।”

फूजीमोरी ने अभी तक नतीजों को स्वीकार नहीं किया है और उनके समर्थक नतीजों के खिलाफ विरोध करने का आह्वान किए हैं।

जेल में बंद पूर्व राष्ट्रपति अलबर्टो फूजीमोरी की बेटी ने बगैर सबूत वाले फ्राड के आरोपों को दुगुना कर दिया है। और उनकी पार्टी के सदस्यों का कहना है कि वह तब तक नहीं मानेंगे जब तक सभी वोटों की गिनती नहीं हो जाती। और अपील की सुनवाई नहीं हो जाती, जिसके लिए और कई दिन लग सकते हैं।

कैस्टिलो ने खुद भी अब विनर के तौर पर दावा करना बंद कर दिया है।

पेरूवियन के बीच चुनाव बिल्कुल वर्गीय लाइन पर विभाजित हो गया है। उच्च आय वाले नागरिक फूजीमोरी को सपोर्ट कर रहे हैं। जबकि ढेर सारे निम्न आय वाले पेरूवियन कैस्टिलो के पक्ष में हैं। जिसमें देश के मुख्य खदान क्षेत्र के इलाके भी शामिल हैं। आपको बता दें कि पेरू दुनिया का नंबर दो का कापर उत्पादक देश है।

राष्ट्रपति का प्रत्याशी बनने से पहले कस्टिलो फ्री पेरू पार्टी के सदस्य नहीं थे। यह अभी भी साफ नहीं है कि सत्ता में आने के बाद क्या वह अर्थव्यवस्था के मामले में घोर वामपंथी नीतियों को अपनाएंगे।

हाल के दिनों में उन्होंने पेड्रो फ्रांके को अपना आर्थिक सलाहकार बनाया है जो विचार से माडरेट लेफ्ट हैं।       

This post was last modified on June 13, 2021 9:31 am

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