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बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं के समर्थन में मशालों के साथ खड़ा हो गया पूरा देश

जनता ने अब सत्ता की भाषा में सवाल पूछना शुरु कर दिया है। पांच सितंबर को शाम पांच बजे पांच मिनट तक बेरोज़गारी की थाली पीटने के देशव्यापी अभियान के बाद अब 9 सितंबर को रात्रि 9 बजे 9 मिनट तक अँधेरे के खिलाफ़ मशाल जलाकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम से पहले #9बजे9मिनट ट्विटर पर पहले नंबर पर ट्रेंड कर रहा था।

वहीं आज सारा दिन #9बजे9मिनट ट्विटर पर पहले नंबर पर ट्रेंड कर रहा था। खुद अखिलेश यादव ने इस बात को अपने ट्विटर हैंडल पर साझा करते हुए लिखा-

और उसके बाद अपनी पत्नी डिम्पल के साथ वह खुद मोमबत्ती लेकर बाहर आ गए। साथ में उनकी अपनी साइकिल भी थी।

कार्यक्रम के समर्थन में वायरल हुए कुछ ट्वीट्स देखिए

यश मेघवाल कहते हैं- “लोकतंत्र की भावना में, बेरोजगारी के परिदृश्य को उजागर करने के लिए हम 9 बजे 9 मिनट विरोध प्रदर्शन करेंगे।”

हंसराज मीना कहते हैं- “हम संविधान बचाने के लिए, आरक्षण बचाने के लिए, सरकारी नौकरी बचाने के लिए निजीकरण रोकने के लिए आज मशाल लेकर निकले हैं।”

इलाहाबाद से इनौस के सचिव सुनील मौर्या कहते हैं- “ये सरकार हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का वादा करके सत्ता में आई थी। लेकिन नौकरी देने को कौन कहे नौकरियां तो छीनी जा रही हैं खत्म की जा रही हैं। सरकार ने नौकरी खत्म कर दी। वो लगातार सरकारी विभागों और सरकारी संपत्तियों को बेच रहे हैं। इससे तो नौकरी ही नहीं बचेगी तो मिलेगी कैसे। सरकार की इस अँधेरगर्दी के खिलाफ़ पूरे देश में आज हम बत्तियां बंद करके मशाल जुलूस निकाल रहे हैं। ताकि सरकार को सही रास्ते पर ला सकें।”

सुनील ने बताया कि छात्रों-नौजवानों का समूह जब सड़क पर उतर कर मार्च करना चाहा तो पुलिस ने उसे रास्ते में कोविड और सोशल डिस्टेंसिंग का हवाला देकर आगे बढ़ने से रोक दिया। फिर सारे छात्र उसी जगह पर रुक गए और वहीं उन्होंने सभा शुरू कर दी।

राकेश यादव कहते हैं – “ पिछले 45 सालों के इतिहास में बेरोजगारी उच्चतम स्तर पर है। 270 लाख लोग बेरोजगार हैं जिसमें पीएचडी और इंजीनियर की डिग्रीधारक भी शामिल हैं। ये सरकार लगातार एसएससी, यूपीएससी, रेलवे जैसे विभागों से नौकरी खत्म कर रही है। जब तक तोड़ेंगे नहीं, हम छोड़ेंगे नहीं।”

देश के तमाम शहरों में निकला मशाल जुलूस

इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, रायपुर, छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, गुड़गांव, कोलकाता समेत कई शहरों में मशाल जुलूस निकाला गया। जिसमें छात्र संगठनों से लेकर कई स्वतंत्र संगठनों और छात्रों ने भी शिरकत की। एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस और सछास के कार्यकर्ताओं ने कई शहरों में मशाल जुलूस निकाला।

जम्मू कश्मीर में 9 बजे 9 मिनट अभियान के समर्थन में कार्यक्रम

इंडिया गेट पर मशाल जुलूस

विरोध से डरी सरकार ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को करवाया गिरफ्तार

9 तारीख को 9 मिनट अभियान के समर्थन में कार्यक्रम करने सड़क पर निकले यूथ कांग्रेस के नेताओं को लखनऊ में यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। युवक कांग्रेस के नेता आज बेरोज़गार युवाओं के पक्ष में मोमबत्ती, टॉर्च जलाकर विरोध-प्रदर्शन करने जा रहे थे।

गिरफ्तार नेताओं में ज्ञानेश शुक्ला, शाहनवाज़ आलम, मंगल आजमी, शिवम सहित और भी कई नेता शामिल हैं।

इसके अलावा इलाहाबाद में भी कार्यक3म के समय पर भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा और पुलिस लगातार कार्यक्रम खत्म करवाने का दबाव बनाती रही। बावजूद इसके कार्यक्रम सफलता पूरवक संपन्न हुआ।

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प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव ने समर्थन में किया ट्वीट

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मुहिम के समर्थन में ट्वीट करते हुए लिखा -“देश के युवाओं को रोजगार चाहिए। उनकी रुकी हुई भर्तियों की ज्वाइनिंग, परीक्षाओं की डेट, नई नौकरियों की नोटिफिकेशन, सही भर्ती प्रक्रिया और ज्यादा से ज्यादा नौकरियां चाहिए। इसके बदले सरकार कोरे भाषण, लाठियां और उपेक्षा देती है। आखिर कब तक? #9बजे9मिनट।”

वहीं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कार्यक्रम को समर्थन देने की अपील करते हुए लिखा- “मुट्ठियां जब बंध जाती हैं नौजवानों की। नींद उड़ जाती है ‘ज़ुल्मी हुक्मरानों’ की।

आइए युवाओं व उनके परिवार की बेरोज़गारी-बेकारी के इस अंधेरे में हम आज रात 9 बजे, 9 मिनट के लिए बत्तियां बुझाकर क्रांति की मशाल जलाएं, उनकी आवाज़ में आवाज़ मिलाएं! #9Baje9Minute। #9बजे9मिनट। #NoMoreBJP”

संजय सिंह आम आदमी पार्टी ने समर्थन करते हुए ट्वीट किया –  “मुल्क का नौजवान बेरोज़गारी से त्रस्त है। सरकार का मुखिया मोर नचाने में व्यस्त है। मैंने भी इस अभियान में हिस्सा लेकर नौजवानों की आवाज़ बुलंद की, नौजवानों की आवाज़ गूंगी-बहरी सरकार तक पहुंचाने कि कोशिश की। #9बजे9मिनट

सभी नौजवानों को रोज़गार दो, नहीं तो 10,000 बेरोज़गारी भत्ता दो।

इलाहाबाद में विभिन्न संगठनों से जुड़े छात्र-नौजवान आज सुभाष चौराहा सिविल लाइंस में इकट्ठा होकर रात 9 बजे 9 मिनट मशाल जुलूस निकालकर बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ प्रतिवाद जताया।

युवाओं ने कहा कि एसएससी सीजीएल 2018, एसएससी, सीएचएसएल 2018, एसएससी, एमटीएस 2019, रेलवे एनटीपीसी 2019, रेलवे ग्रुप डी 2019, बैंक, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा आयोग (यूपीएसएसएससी), उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, चयन बोर्ड, लोकसेवा आयोग,  आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की सभी प्रक्रिया अविलंब पूरी करने व भारतीय रेल, LIC, HPCL, कोल इंडिया, एयर इंडिया, एयरपोर्ट आदि को बेचे जाने पर तुरंत रोक लगाने,  खत्म किए गए पदों पर बिना देरी भर्ती करने व भर्ती में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की। युवाओं ने कहा कि सरकार सभी युवाओं को रोज़गार दे नहीं तो 10,000 रूपए प्रति माह भत्ता देने का कानून बनाए।

युवाओं ने कहा कि आज सरकार सभी  क्षेत्रों का निजीकरण कर रही है और नौजवानों को रोजगार देने के बजाय रोजगार छीनने का काम कर रही है। छात्र-नौजवान बहुत परेशान हैं लेकिन उनके सवाल पर लड़ने वाली कोई ताकत नहीं दिख रही है।

सभी आयोग व बोर्ड नौकरी देने से पीछे हटते हुए दिख रहे हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है और सरकार कोर्ट-कोर्ट खेल रही है और नौजवानों को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि आज न सिर्फ रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा सब लोगों से छीन लिया गया है बल्कि जो भी आवाज उठाएगा उसको लाठी के बल पर दबाने का काम किया जा रहा है।

कार्यक्रम में इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य  सचिव सुनील मौर्य,  युवा स्वभिमान मोर्चा संयोजक डॉ आर पी गौतम, आईसीएम के रितेश विद्यार्थी, न्याय मोर्चा के सह संयोजक सुमित गौतम, आइसा के नीरज,  प्रदीप ओबामा, विष्णु सिंह, अमर बहादुर गौतम राकेश, सोनू वर्मा, अरविंद पाल, अनुराग, आशीष, शैलेश कुमार, मुश्ताक,   सुभाष चंद्र, अनिरुद्ध, शशि सिद्धार्थ, करण कुमार आदि शामिल रहे।

This post was last modified on September 9, 2020 10:41 pm

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Published by
Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi