अफगानिस्तान में तालिबान और सरकारी पक्ष के बीच चल रही लड़ाई को कवर करने गये द रॉयटर्स के मशहूर फ़ोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या कर दी गई है। दानिश पुलित्जर अवार्ड से नवाजे गये प्रतिभाशाली भारतीय फोटो पत्रकार थे और अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसी रायटर के लिए काम करते थे।
जानकारी के अनुसार सिद्दीकी ने हाल ही में एक पुलिसकर्मी को बचाने के लिए अफगान विशेष बलों द्वारा चलाए जा रहे एक मिशन को कवर किया था जिसके बाद से ही वह आतंकवादियों के निशाने पर थे। उनकी रिपोर्ट में अफगान बलों के वाहनों को रॉकेट से निशाना बनाए जाने की ग्राफिक छवियां शामिल थीं। जब यह वारदात हुई, उस वक्त वह अफगान सुरक्षा बलों के साथ एक रिपोर्टिंग असाइनमेंट पर थे, और अफगानिस्तान में लगातार हो रही हिंसा की तस्वीरें दुनिया के सामने ला रहे थे। भारतीय पत्रकार के साथ हुई इस दर्दनाक घटना की जानकारी अफगानिस्तान के राजदूत फरीद ममुंडजे ने दी।
गौरतलब है कि दक्षिणी शहर कंधार में और उसके आसपास भीषण लड़ाई की सूचना मिली है। तालिबान ने शहर के पास के प्रमुख जिलों पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा तालिबान द्वारा स्पिन बोल्डक जिले में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के सीमा से सटे क्षेत्रों पर कब्जा करने के लिए भी भारी हिंसा की जा रही है।
ममुंडजे ने ट्वीट करते हुए लिखा कि गुरुवार रात कंधार में मेरे एक दोस्त दानिश सिद्दीकी की हत्या की दुखद खबर से गहरा दुख हुआ। भारतीय पत्रकार और पुलित्जर पुरस्कार विजेता अफगान सुरक्षा बलों में शामिल थे। मैं उनसे दो हफ्ते पहले उनके काबुल जाने से पहले मिला था। उनके परिवार और संबंधी के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।
बता दें कि दानिश सिद्दीकी ने दिल्ली जामिया मिल्लिया इस्लामिया से इकोनॉमिक्स में स्नातक किया था। साल 2007 में जामिया स्थित एजेके मास कम्युनिकेशन सेंटर से मास कॉम किया था। दानिश ने एक टीवी चैनल में बतौर पत्रकार अपना करियर शुरू किया। इसके बाद उनका रुझान फोटो जर्नलिज्म की तरफ बढ़ता चला गया और 2010 में वह अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के साथ जुड़ गए।
साल 2018 में दानिश सिद्दीकी को पुलित्जर पुरस्कार से नवाजा गया था, ये अवॉर्ड उन्हें रोहिंग्या मामले में कवरेज के लिए मिला था। दानिश सिद्दीकी ने अपने करियर की शुरुआत एक टीवी जर्नलिस्ट के रूप में की थी, बाद में वह फोटो पत्रकार बन गए थे।
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