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छत्तीसगढ़: रिश्वत देने से इंकार करने पर एक्टिविस्ट प्रियंका और एचआईवी पीड़ितों की पुलिस ने की थी पिटाई

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के अपना घर मामले में गिरफ्तार प्रियंका शुक्ला को जमानत मिल गयी है। इस मामले में गांधीवादी कार्यकर्ता हिमांशु कुमार की प्रियंका शुक्ला से बात हुई है। उन्होंने इसका पूरा विवरण दिया है। पेश है पूरी रिपोर्ट-

अभी मेरी प्रियंका शुक्ला से बात हुई है जिसके अनुसार

छत्तीसगढ़ की मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील प्रियंका शुक्ला की गिरफ्तारी का मामला यह है कि

छत्तीसगढ़ में एचआईवी संक्रमित बच्चियों का एक सेंटर है

इसे एक संस्था चलाती है

संस्था को आगे ग्रांट देने के लिए महिला बाल विकास अधिकारी ने रिश्वत मांगी

संस्था ने रिश्वत देने से मना कर दिया

महिला बाल विकास अधिकारी ने केंद्र को बंद कर दिया

केंद्र में रहने वाली बच्चियों ने कहा कि समाज हमारे साथ भेदभाव करता है हम वापस नहीं जाना चाहते यही रहना चाहते हैं

प्रियंका इस संस्था की समाज के सहयोग से आर्थिक मदद कर रही थीं तथा कानूनी मदद भी दे रही थीं

कल महिला बाल विकास अधिकारी पुलिस को लेकर इस संस्था की बच्चियों को जबरदस्ती वहां से हटाने के लिए गईं

प्रियंका अपने लैपटॉप पर पत्र टाइप कर रही थीं। उन्हें पीटा गया। बच्चियों को भी घसीटा गया और पीटा गया। बच्चियों का खून भी वहां फर्श पर गिरा है।

प्रियंका को कल शाम को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जहां उन्हें मुचलके पर जमानत दे दी गई।

अभी प्रियंका को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।

इस मामले में सरकार को दोषी अधिकारियों और मारपीट करने वाले पुलिस वालों के खिलाफ तुरंत मुकदमा कायम करना चाहिए वरना कांग्रेस सरकार के ऊपर बहुत बुरा दाग लगेगा।

This post was last modified on August 18, 2020 6:06 pm

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