Wednesday, October 27, 2021

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छात्र-छात्राओं पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई के खिलाफ प्रियंका गांधी धरने पर

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जामिया यूनिवर्सिटी और एएमयू में पुलिस की बर्बर कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी धरने पर बैठ गई हैं। उनके साथ कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी शामिल हैं। शाम चार से छह बजे तक यह धरना चलेगा।

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि इस सरकार ने युवाओं और छात्रों के अधिकारों पर हमला किया है। इसलिए प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इंडिया गेट पर धरना दे रहे हैं। इससे पहले जामिया मिलिया की घटना पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार ने संविधान और छात्रों पर हमला किया है। हम संविधान के लिए लड़ेंगे, हम सरकार के खिलाफ लड़ेंगे।

नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। केंद्र सरकार ने प्रदर्शनों को रोकने के लिए दमन का रास्ता इख्तियार किया है। जामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों पर हिंसात्मक बल प्रयोग के बाद अब पुलिस दिल्ली यूनिर्सिटी में भी घुस गई है।

दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने डीयू की आर्ट्स फैकल्टी को घेर लिया। जवान आर्ट्स फैकल्टी के अंदर भी घुस गए। यहां एबीवीपी के छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से मारपीट की है। इस मारपीट के दौरान पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन वह मूक दर्शक बनी रही। यहां छात्र  आर्ट्स फैकल्टी के बाहर धरना दे रहे हैं। यह छात्र जामिया में पुलिस दमन और नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं।  

छात्रों पर पुलिस हमले का मामला एससी पहुंचा, उच्च न्यायालय ने कहा पहले हिंसा रोकें

नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ हुई हिंसा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी। वकील इंदिरा जय सिंह ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है। उनकी अर्जी को संज्ञान में लेते हुए प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा है कि वह चाहते हैं कि हिंसा रुके। अर्जी पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने सरकार को आदेश दिया है कि वह सभी को मेडिकल सुविधा देने का इंतजाम करें।

इंदिरा जय सिंह ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सहित सारे देश में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हिंसा की जा रही है। कई लोग अस्पताल में पड़े हैं और उनके खिलाफ ही FIR दर्ज की गई है, गिरफ्तार हुए हैं। यह मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन है। जामिया में पुलिस ने ही बसें जलाईं हैं। इसके साथ ही कई वकीलों ने कहा कि कई छात्र गायब हैं। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि हिंसा रुकनी चाहिए, हम यह चाहते हैं। बोबडे ने कहा कि हमारे पास अनुभव है कि दंगा कैसे होता है। हम ऐसे माहौल में कोई फैसला नहीं दे सकते हैं। हम पहले सुनवाई करेंगे फिर देखेंगे कि किसने दंगा किया।

जामिया के साथ कई आईआईटी

जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ हुई बर्बर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आईआईटी कानपुर, आईआईटी मद्रास, आईआईटी बांबे के छात्रों ने समर्थन किया है।  

प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार पर पुलिस का पहरा

असम में छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन पर फोर्स के दमन के बाद पुलिस का यही रवैया दिल्ली के जामिया और दिल्ली यूनिवर्सिटी में रहा। अब लखनऊ के नदवा कॉलज के छात्रों को पुलिस ने रोक दिया है। यह छात्र जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ पुलिस ज्यादती के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। पुलिस टकराव के दौरान छात्रों ने पथराव भी किया है। वहीं नागरिकता बिल पर हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए लखनऊ यूनिवर्सिटी में एग्जाम टालने की खबर है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में एक दिन के लिए छुट्टी कर दी गई है। यहां भी छात्र प्रदर्शन करने वाले हैं।

पीएम मोदी आए सामने

देश के तमाम मुद्दों पर खामोश रहने वाले पीएम मोदी ने नागरिकता कानून के खिलाफ देश भर में हो रहे प्रदर्शनों पर पहली बार सामने आए हैं। मोदी ने इस मुद्दे पर ट्विट किया  है। उन्होंने अपने ट्विट में कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून पर हिंसक विरोध प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक हैं। बहस, संवाद और असहमति लोकतंत्र का जरूरी हिस्सा होता है, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान और सामान्य जनजीवन को बाधित करना कहीं से भी सही नहीं है।

जामिया मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलेगा विपक्ष

विपक्ष ने जामिया यूनिवर्सिटी में पुलिस के घुसकर छात्र-छात्राओं को मारने-पीटने के मामले में मोदी सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद के साथ ही वामपंथी नेता सीताराम येचुरी और डी राजा ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में जामिया मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। आजाद ने कहा कि पुलिस बिला इजाजत कैंपस में घुसी और लाइब्रेरी में जाकर, बाथरूम में घुसकर छात्रों को पीटा। अंधेरे में लड़कियां बचाओ-बचाओ चिल्ला रही थीं। आजाद ने कहा कि विरोध प्रदर्शन छात्र जीवन का हिस्सा हैं। जिस यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन नहीं, मैं मानता हूं कि वहां के बच्चे गूंगे के सामान हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलेगा।

दिल्ली पुलिस की प्रेस कान्फ्रेंस में सफाई

दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जामिया यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट के मामले में सफाई दी है। दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रांधवा ने पुलिस का पक्ष रखते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने छात्रों से कहा है कि वह चिंता न करें। किसी के बहकावे में भी न आएं। उन्होंने कहा कि एक्शन उन्हीं पर होगा जो इस मामले में शामिल पाए जाएंगे।

पुलिस के खिलाफ जामिया यूनिवर्सिटी लिखाएगी एफआईआर

केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया में पुलिस कार्रवाई पर वीसी डॉ. नजमा अख्तर ने खेद जताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई से वह आहत हैं। उन्होंने कहा कि आगजनी की घटना में यूनिवर्सिटी का कोई भी छात्र शामिल नहीं है। जिन बच्चों के साथ हिंसा हुई है, उनके लिए भी उन्होंने चिंता जताई। वीसी ने कहा कि यूनिवर्सिटी में पुलिस के बिला इजाजत घुसने के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

युवाओं की एकजुटता से डरती हैं सरकारेंः कन्हैया कुमार

जेएनयू के पूर्व छात्र कन्हैया कुमार ने कहा है कि युवाओं की एकजुटता से सरकारें डरती हैं और अपने लोग भेजकर हिंसा करवाती हैं। कन्हैया ने ट्विट कर कहा है कि कल जामिया के विद्यार्थियों पर हुए बर्बर हमले का आज देश के हर कोने में विद्यार्थी विरोध कर रहे हैं। हमें बस यह सुनिश्चित करना है कि हिंसा भी न हो और प्रतिरोध भी न रुके।

भारत सभी का हैः ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा है कि जब सबका साथ नहीं रहेगा तो सबका विकास कैसे होगा। उन्होंने कहा है कि एनआरसी जब तक वापस नहीं लिया जाता सरकार का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि केवल बीजेपी यहां रहेगी और बाकी सभी को छोड़ने के लिए मजबूर किया जाएगा, यही उनकी राजनीति है, लेकिन ऐसा नहीं हो सकेगा। भारत सभी का है।

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