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महापंचायत में बोलीं प्रियंका गांधी- बेटों को सरहद पर भेजने वाले किसानों को अपमानित किया गया

“इंसानों की तरह देश का भी एक हृदय होता है। उस हृदय के धड़कने से देश जीवित होता है। मेरा मानना है कि इस देश का हृदय किसान हैं। जो ज़मीन से जुड़ा है। ज़मीन को सींचकर उपजाऊ बनाता है। इस देश का अन्नदाता ही इस देश को जीवित करता है, लेकिन आज जब चौधरी राकेश टिकैत की आंखों में आंसू आता है तो हमारे प्रधानमंत्री जी के होंठों पर मुस्कान आती है। उन्हें मजाक सूझता है। आज किसान के घरों से लूट हो रही है और प्रधानमंत्री जी के दो पूंजीपति मित्रों को पूरी छूट दी गई है।” उपरोक्त बातें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में आयोजित किसान महापंचायत में किसानों को संबोधित करते हुए कहीं।

प्रियंका गांधी ने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस पर बढ़े टैक्स की बाबत कहा कि साल 2018 में डीजल 60 रुपये में था आज कहीं 80 रुपये कहीं 90 रुपये में है। डीएपी 1100 रुपये में मिलता था आज 1200 रुपये में है। बिजली के बिल बढ़ते चले जा रहे हैं। गैस सिलेडरों की कीमत बढ़ती चली जा रही है, लेकिन आपके गन्ने का दाम नहीं बढ़ रहा है। वो वहीं का वहीं है। मैं कुछ दिन पहले बिजनौर गई तो किसानों ने मुझे पर्चियां दिखाईं। नया दाम और पुराने पर्चियों के दाम में जीरो बढ़ोत्तरी हुई है।”

उन्होंने कहा, “आपको मालूम होगा कि भाजपा सरकार ने पिछले साल डीजल पर जो टैक्स लगाया है उससे साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये कमाए। मैं पूछना चाहती हूं कहां गए वो रुपये। 2014 से अब तक मोदी सरकार ने डीजल-पेट्रोल पर टैक्स बढ़ाकर 21 लाख 50 हजार करोड़ रुपये कमाए। मैं पूछना चाहती हूं, कहां गया वो पैसा। जिसका हक़ है, जो दिन रात इस देश के लिए काम करता है जो अपने पसीने से, अपने ख़ून से इस देश को सींचता है उसको क्यों नहीं मिला ये पैसा। नौजवान बेरोजगार को क्यों नहीं मिला।”

आज उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर जिले के बघरा में देव कॉलेज मैदान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने किसान महापंचायत को संबोधित किया। प्रियंका गांधी ने किसानों से कहा, “आज देश की जो स्थिति है मुझसे ज़्यादा अच्छे से आप जानते हैं। 90 दिनों से लाखों किसान राजधानी दिल्ली की सीमा पर संघर्ष कर रहे हैं। अब तक 215 किसान शहीद हो चुके हैं। बिजली काटी गई पानी रोका गया। उन्हें मारा गया। पीटा गया। वे शांति से बैठे थे। देश की सीमा से ज़्यादा चाकचौबंद, दिल्ली की सीमा को कर दिया गया। जो किसान अपने बेटों को देश की सीमा की रक्षा के लिए भेजता है उस किसान को अपमानित किया गया। देशद्रोही, आतंकी कहा। प्रधानमंत्री ने संसद में किसानों को परजीवीवी कहा आंदोलनजीवी कहा।”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने किसानों से आगे कहा कि मोदी जी ने चुनाव के वक़्त किसानों से कहा था कि सत्ता में आएंगे तो आपके गन्ना का 14 दिन में भुगतान होगा। मैं आपसे पूछना चाहती हूं कि आपके गन्ने का भुगतान हुआ? मोदी ने आप किसानों से कहा था कि हम सत्ता में आएंगे तो किसानों की आय दोगुनी होगी। मैं आपसे पूछना चाहती हूं कि आपकी आय दोगुनी हुई? क्या गन्ने का दाम साल 2017 से बढ़ा है। आप गन्ने के किसान हैं, आप बताइए क्या गन्ने का दाम बढ़ाया इन्होंने। आपका बकाया कितना है। आप जानते होंगे कि यूपी में गन्ना किसानों का 10 हजार करोड़ रुपये बकाया है, और पूरे देश के गन्ना किसानों का बकाया देखें तो 15 हजार करोड़ रुपये है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि ये देश के ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने आपका बकाया पूरा नहीं किया, लेकिन अपने लिए दुनिया में भ्रमण करने के लिए इन्होंने दो हवाई जहाज खरीदे हैं। इन दो हवाई जहाजों की कीमत 16 हजार करोड़ रुपये है, जबकि 15 हजार करोड़ रुपये में वो इस देश के एक-एक गन्ना किसानों का बकाया चुका सकते थे। 20 हजार करोड़ रुपये का संसद का सौंदर्यीकरण करवा रहे हैं। 20 हजार करोड़ रुपये इंडिया गेट के सौंदर्यीकरण में खर्च कर रहे हैं, लेकिन गन्ना किसान का बकाया चुकाने के लिए पैसा नहीं है। जो भरोसा आपने किया था वो भरोसा टूट चुका है।

किसान आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा, “किसान पिछले 90 दिनों से ठंडी दिल्ली के बाहर सड़कों पर बैठा है। किसान विरोधी कृषि क़ानूनों को वापिस कराने की मांग लेकर। और प्रधानमंत्री कहते हैं किसान की भलाई के लिए बनाए हैं कृषि क़ानून, लेकिन जब किसान कह रहा है नहीं चाहिए तो वापस क्यों नहीं लेते। क्या आपकी समझ करोड़ों किसानों से ज़्यादा है। आप कहते हैं किसान नहीं जानते क़ानून क्या है।”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कृषि क़ानूनों की कामियों को गिनाते हुए आगे कहा, “साल 1955 में प्रधानमंत्री नेहरू ने आवश्यक वस्तु अधिनियम क़ानून बनाया, क्योंकि वो जमाखोरी पर पाबंदी लगाना चाहते थे। वो मंहँगाई पर नियंत्रण रखना चाहते थे, लेकिन इस सरकार ने नया क़ानून लाकर जमाखोरी को वैध बना दिया। नये कृषि क़ानून के आने के बाद अब कॉरपोरेट और उद्योगपति चाहे जितना चाहें, उतना जमाखोरी कर सकते हैं। पहले कृषि क़ानून से जमाखोरी, कालाबाज़ारी, महंगाई बढ़ेगी।

दूसरा कृषि क़ानून कॉरपोरेट को मंडी खोलने की अनुमति देता है। इससे बड़ी-बड़ी कॉरपोरेट मंडिया खुलेंगी। सरकार, सरकारी मंडियों पर टैक्स लगाएगी और कॉरपोरेट मंडियों पर टैक्स नहीं लगेगा। इससे सरकारी मंडिया बंद हो जाएंगी। जैसे-जैसे सरकारी मंडियां बंद होंगी एमएसपी बंद हो जाएगा। फिर कॉरपोरेट किसानों के अनाजों की खरीद कीमत तय करेगा। तीसरा क़ानून कॉन्ट्रैक्ट खेती को बढ़ावा देता है। खरबपति आपके गांव जाएंगे। आपसे कहेंगे गन्ना उगाओ 5 सौ रुपये कुंटल देंगे, लेकिन पैदावार के बाद वो आपको कहेंगे फसल ठीक नहीं है 200 रुपये से ज़्यादा नहीं देंगे। आप कर्जा लेकर खेती करोगे, लेकिन कॉन्ट्रैक्ट करके पीछे हटने वाले कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने वाले कॉरपोरेट के खिलाफ़ आप अदालत नहीं जा पाओगे। ज़्यादा से ज़्यादा एसडीएम तक जा सकते हैं आप इस क़ानून के बाद। इस तरह ये क़ानून आपको कॉरपोरेट फ्राड के खिलाफ़ अदालत जाने से रोकता है।

कांग्रेस नेता ने कहा, “तीनों कृषि क़ानून किसानों के विरोधी हैं और इनके पूंजीपति दोस्तों के लिए बनाए गए हैं। देश देख रहा है, जनता देख रही है देश की सारी संपत्ति बिक रही है। इनके मित्र खरीद रहे हैं। इनके पूंजीपति मित्र मीडिया चला रहे हैं, चुनाव चला रहे हैं। बदले में वह हवाई अड्डे, बिजली घर, बैंक, एलआईसी सब उन्हीं कॉरपोरेट दोस्तों को बेच दे रहे हैं। लाखों किसान आज दिल्ली के दरवाजे पर खड़े हैं, लेकिन जो प्रधानमंत्री अमेरिका जाकर ट्रंप के लिए चुनावी रैली कर सकते हैं, चीन-पाकिस्तान जा सकते हैं, दुनिया के हर देश में घूम सकते हैं।

वो प्रधानमंत्री 2-3 किलोमीटर की दूरी पर धरना दे रहे किसानों की बात सुनने नहीं जा पाए। उल्टा किसानों को रोकने के लिए बिजल- पानी की सप्लाई रुकवा दी। इंटरनेट बंद कर दिया। सड़कें खुदवा दीं। नुकीली कीलें और सरिया सड़कों पर गड़वा दिए। 12 लेयर की बैरिकेडिंग करके कंटीले तार लगवा दिए, ताकि किसान दिल्ली के अंदर न जा सकें। क्या आप किसानों को अपना दुश्मन समझते हैं।”

कांग्रेस महासचिव ने कहा, “प्रधानमंत्री जी जिन्होंने आपको सत्ता दी, उनका आदर कीजिए। किसान आपको रोटी दे रहा है। किसान का बेटा प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगा है और आपके लोग किसानों को खालिस्तानी, आतंकवादी बता रहे हैं। सात साल में जितना वादा किया आपने सब तोड़ दिया। किसान की कमर तोड़ दी। गरीबों की मदद नहीं की। छोटे उद्योगों को चौपट कर दिया।

संबोधन के आखिर में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि आपकी लड़ाई में कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता आपके साथ है। मैं और मेरे भाई राहुल गांधी आपके साथ हैं। जब आप संकट में होंगे मैं आपके पास आऊंगी। सदन में किसानों की शहादत का सत्ता पक्ष ने अपमान किया है। कांग्रेस ने शहीद किसानों की शहादत के लिए दो मिनट का मौन रखा तो उनका मजाक उड़ाया गया। किसानों की बात करने के लिए राहुल गांधी का मजाक उड़ाया गया, लेकिन मैं और मेरे भाई और कांग्रेस के हर नेता, हर कार्यकर्ता आपके साथ हैं।

कार्यक्रम के आखिर में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए 216 किसानों की याद में पूरी महापंचायत को दो मिनट का मौन रखवाया। प्रियंका गांधी इससे पहले 10 फरवरी को सहारनपुर और 15 फरवरी को बिजनौर में किसान पंचायत को संबोधित कर चुकी हैं। महापंचायत की शुरुआत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने किसानों से कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों के सम्मान को झुकने नहीं देगा।”

आज के कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, आराधना मिश्रा, चौधरी हरेंदर मलिक, पंकज मलिक, दीपेंदर हुड्डा, विवेक बंसल, इमरान मसूद, गजराज सिंह, सुप्रिया श्रीनेत, चौधरी रविंद्र मलिक, विजेंदर सिंह, संजय कपूर, सैयद उद्दमा, बाबा श्याम सिंह, मसूद अख़्तर, आचार्य प्रमोद कृष्णन, चौधरी संजय सिंह, नरेश सैनी, मसूद अख़्तर और प्रदेश के अन्य कांग्रेस नेता किसान महापंचायत में मौजूद रहे।

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This post was last modified on February 20, 2021 10:53 pm

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