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प्रियंका गांधी ने किया बिलरियागंज का दौरा, पीड़ितों से मिलकर कहा- जुर्म और नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाना मेरा कर्तव्य

आज़मगढ़/लखनऊ। अखिल भारतीय कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी आज़मगढ़ पहुंचकर सीएए और एनआरसी के खिलाफ बिलरियागंज में चल रहे आंदोलन में पुलिस हिंसा और उत्पीड़न के शिकार हुईं पीड़ित महिलाओं से मुलाकात कीं।

पीड़ित महिलाओं ने प्रियंका गांधी को बताया कि सीएए और एनआरसी के खिलाफ 4 फरवरी को 10 बजे से शांतिपूर्ण तरीके से बिलरियागंज में मौलाना अली जौहर पार्क में धरना शुरू किया गया। अगले दिन भोर में करीब 4 बजे आज़मगढ़ के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान पूरी फोर्स के साथ आए। अधिकारी महिलाओं को समझाने के लिए मौलाना ताहिर मदनी साहब को बुलाकर लाए। उन्होंने प्रियंका गांधी को बताया कि एक पुलिस अधिकारी ने खुलेआम धमकी दी और कहा कि हम बवाल करना चाहते हैं।

पीड़ित महिलाओं ने कहा कि वे लगातार प्रशासन से कह रहीं थीं कि फ़ज़र की नमाज़ अदा करके चली जाएंगी लेकिन पुलिस अधिकारियों ने लाठीचार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां महिलाओं के ऊपर चलायी गयीं। सिर्फ इतना ही नहीं पुलिस ने महिलाओं के ऊपर पथराव भी किया जिसमें करीब तीन दर्जन महिलाएं घायल हो गयीं। कई बच्चे जख्मी हुए। पुलिस पथराव में सरवरी बानो इतनी गंभीर रूप से घायल हुईं कि सात दिन से वे आईसीयू में हैं।

पीड़ित महिलाओं ने प्रियंका गांधी को बताया कि पुलिस ने पूरे धरनास्थल को टैंकर के पानी से भर दिया। तब से रोजाना पुलिस टैंकर से पानी लाती है और पार्क को भर देती है। घरों में घुसकर गद्दा और रजाई तक उठा ले गई। आलम ये था कि पुरुष पुलिस कर्मी महिलाओं को पीट रहे थे।

महासचिव से बातचीत में महिलाओं ने कहा कि कई बच्चे हैं जो नाबालिक हैं,पुलिस उनको उठाकर ले गयी है। उनके ऊपर संगीन धाराओं में मुकदमें दर्ज किए गए हैं। महासचिव से बातचीत में पीड़ित महिलाओं ने कहा कि कई बच्चे हैं जिनकी परीक्षाएं हैं, उनको भी जेल में उठाकर पुलिस ने डाल दिया है।

प्रियंका गांधी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आपके बीच में आकर मेरे दिल को तसल्ली मिली कि मैं आप सबके दुःख और संघर्ष का हिस्सा बनी।

उन्होंने कहा कि इसके पहले वे बिजनौर, मुजफ्फरनगर, लखनऊ, बनारस गयी। वहां लोगों से मिली। उत्तर प्रदेश जहाँ भी दमन होगा। अत्याचार होगा। नाइंसाफी होगी। वहां वे जाएंगी और सबके दुःख- दर्द का हिस्सा बनेंगी। यह मेरा फ़र्ज़ है। मुझे कोई भी रोक नहीं सकता।

महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि मुझे पता चला आजमगढ़ के  बिलरियागंज में पुलिसिया हिंसा हुई है। महिलाओं को लाठियों से पीटा गया। आधी रात को आंसू गैस के गोले सत्ता के इशारे पर महिलाओं के ऊपर चलाया गया। घरों में तोड़-फोड़ हुई। गलत तरीके से निर्दोष लोगों गिरफ्तारियां हुईं। मुझे पता चला और मैं बिलरियागंज आप सबके बीच में आई।

उन्होंने कहा कि मुझे पता चला कि इस जिले के सम्मानित मौलाना मदनी साहब को यहां के अधिकारी घर से बुलाकर गिरफ्तार किए। मौलाना साहब दिल के मरीज हैं। सुबह-शाम दवा लेते हैं। वे शांति की बात कर रहे थे, पर प्रशासन ने ग़लत तरीके से गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने कहा कि यहां कई छात्र जो दूसरे प्रदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी बाकायदा पहचान करके उनको गिरफ्तार किया गया। तीन नाबालिग बच्चों को पुलिस उठा ले गयी, जेल में डाल दिया।

महासचिव ने कहा कि CAA/NRC के खिलाफ चल रहे आंदोलनों में हुई पुलिसिया हिंसा को लेकर मानवाधिकार आयोग में शिकायत की है। पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव तलब किये गये हैं। प्रदेश में जहाँ भी उत्पीड़न-दमन होगा, मैं आवाज बुलंद करुँगी। उन्होंने कहा कि आज़मगढ़ बिलरियागंज के पुलिसिया उत्पीड़न की रिपोर्ट भी मानवाधिकार आयोग को वे भेजेंगी।

उन्होंने कहा कि यह देश बचाने की लड़ाई है। अपनी गौरवशाली विरासत को बचाने की लड़ाई है। संविधान बचाने की लड़ाई है। इस लड़ाई में हम भी इंच भर पीछे नहीं हटेंगे। और देश बचाने की इस लड़ाई का हिस्सा हूँ, मुझे फक्र है।

उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा भाजपा गरीब और वंचित विरोधी कानून की पैरोकार है। सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण विरोधी काननू के लिए वकील खड़ा किया। उन्होंने कहा कि आरक्षण संविधान के मौलिक अधिकारों में है। संविधान विरोधी इस कानून के खिलाफ भी कांग्रेस संघर्ष करेगी। भाजपा सरकार सामाजिक न्याय विरोधी है, दलित-पिछड़ा विरोधी है।

उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन का काम लोगों की रक्षा करना होता है। जनता की हिफाजत करना है। उत्पीड़न करना नहीं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं शांतिपूर्वक बैठी हुई थीं और जब वह खुद उठने वाली थीं तब उनके ऊपर लाठीचार्ज करने का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों को जेल में डालकर यूपी पुलिस ने अच्छा काम नहीं किया है। बिलरियागंज में अन्याय हुआ है और इस अन्याय के खिलाफ हम सब खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यूपी और केंद्र दोनों जगहों की सरकारें जनता के खिलाफ हैं, गरीबों के खिलाफ हैं और संविधान को तोड़ने का काम कर रही हैं। प्रियंका के भाषण के दौरान मौजूद लोग बेहद उत्साहित थे और लगातार तालियां बजा रहे थे।

उनका कहना था कि संविधान को बचाने के लिए हमको और आप को आगे आना होगा। जनता इस कदर उत्साह से लबरेज थी कि प्रियंका को कई बार बीच में अपना भाषण रोकना पड़ रहा था। इस बीच लगातार लोग ‘प्रियंका तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं’ जैसे नारे लगा रहे थे और बीच-बीच में भाषण के दौरान तालियां बजा रहे थे। इस मौके पर उन्होंने आरक्षण के सवाल पर भी सरकार की घेरेबंदी की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बीजेपी की सरकार का कहना है कि आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है। और उसने सुप्रीम कोर्ट में भी अपना यही पक्ष रखा है।

महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने पुलिसिया हिंसा की शिकार सरवरी बानो से बिलरिया की चुंगी अस्पताल जाकर मुलाकात की। गौरतलब है कि वह सात दिन से आईसीयू में हैं।

(प्रेस विज्ञप्ति से कुछ इनपुट लिए गए हैं।)

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This post was last modified on February 12, 2020 6:32 pm

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