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असम की संस्कृति और अस्मिता की रक्षा की गारंटी, चाय बागानों के मजदूरों को मिलेंगे रोजाना 365 रुपये: प्रियंका गांधी

“असम की धरती माँ की जय। इसके हरे-भरे बाग़ानों की जय। बाग़ानों में सुबह से शाम तक कड़ी धूप में काम करती श्रमिकों की जय। प्रदेश के नदियों, जाति जनजाति की जय। यहां की बहुरंगी संस्कृति की जय। यहाँ कि मिट्टी की जय जिसने आपको अपनी पहचान दी। आपको अस्तित्व दिया।” ये कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी तेजपुर असम में पब्लिक रैली की शुरुआती पंक्तियां हैं। जो भाजपा काल में चल रहे एकरूपता, बहुसंख्यकवाद और बहुसंख्यक राष्ट्रवाद के उलट सांस्कृतिक, भौगोलिक, सामाजिक, भाषिक विविधता के प्रति सम्मान प्रकट करती हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के संबोधन में स्पष्ट है कि उनके लिए राष्ट्र सिर्फ़ ‘नक्शा’ नहीं बल्कि उस नक्शे में बहने वाली नदियां, हरियाली, बाग बगीचे और तमाम जातियों जनजातियों के लोग-बाग, उनके श्रम और उनकी सांस्कृतिक विविधता सब मिलाकर होता है।   

दरअसल कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी आज असम के तेजपुर पहुँची। यहाँ उन्होंने चाय बागानों में जाकर चाय मजदूरों के साथ चाय की पत्तियां चुनी, असम की जनजातियों के बीच जाकर उनसे बात-चीत की और फिर तेजपुर में पब्लिक रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “असम आपकी मां है और आप अपनी पहचान व अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। भाजपा सरकार ने आपसे किए हुए वादे पूरे नहीं किए और आपकी पहचान पर भी हमला किया। हम वादे नहीं आपको गारंटी दे रहे हैं। ये 5 गारंटी आपके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए हैं।”

असम में कांग्रेस की घोषणायें

कांग्रेस महासचिव ने असम के चाय बागान मजदूरों, असम की गृहणियों, बेरोजगार युवाओं और असमी संस्कृति और अस्मिता पर फोकस करते हुए निम्न घोषणायें की-

1- हम ऐसा कानून बनायेंगे जिससे CAA यहां लागू नहीं होगा।

2- असम की गृहणियों के लिए प्रति माह 2000 रू गृहणी सम्मान राशि दी जाएगी।

3- बिजली के 200 यूनिट मुफ्त जिससे हर महीने 1400 रू की बचत होगी।

4- हम चाय के बागान के श्रमिकों को प्रति दिन 365 रू का पारिश्रमिक देंगे।

5- हम युवाओं को 5 लाख रोजगार देंगे।

चुनावी बिगुल बजते ही सारी राजनीतिक पार्टियां मैदानों में हैं। सब अपनी-अपनी विचारधारा और नीयत के अनुसार जनता के बीच जा रहे हैं उन्हें चुनावी रैलियों में संबोधित कर रहे हैं और वोट मांग रहे हैं।

इसी कड़ी में आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने तेजपुर की चुनावी रैली को संबोधित करते हुए असमी भाषा संस्कृति के तमाम विभूतियों का नाम लेकर नमन किया। आगे उन्होंने कहा कि आपके अस्तित्व के लिए उन लोगों ने अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया।

उन्होंने भाजपा का नाम लेते हुए कहा कि भाजपा के लोग इन महापुरुषों के नाम नहीं लेते क्योंकि भाजपा ने आज आपके अस्तित्व पर हमला किया है। भाजपा असम के अस्तित्व पर वॉर कर रही है। वो समझ नहीं पाये हैं कि असमी मिट्टी ने आपको क्या दिया है और आपके अस्तित्व के क्या मायने हैं।

कांग्रेस महासचिव ने आगे कहा कि “कांग्रेस ने कहा था कि वो नागरिकता संसोधन क़ानून (CAA) लागू नहीं करेंगे। लेकिन उन्होंने लागू किया। आपको याद होगा कि जब मेरे पिता ने असम एकॉर्ड किया था तो कहा था कि असम की संस्कृति को बचाकर रखेंगे और आपको केंद्र से कोई डिक्टेट नहीं करेगा। लेकिन भाजपा ने 5 सालों में इसका उल्टा किया है। उनकी क्रोनोलॉजी मैं आपको बताती हूँ। उन्होंने चुनाव से पहले आपको कहा कि “जाति-माटी-बेटी की रक्षा करेंगे। CAA लागू नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि असम एकॉर्ड का कॉलम 6 लागू होगा। फिर आपने उन पर भरोसा किया। आपके वोट मिले उन्हें। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने संसद में CAA पास किया। पिछले पांच साल आपने इनके खिलाफ़ संघर्ष किया।

5 साल में एक भी बार प्रधानमंत्री नहीं आये। लेकिन जैसे ही चुनाव घोषित हुआ कुछ दिन पहले ही कई दौरे करने लगे। आपने लॉकडाउन में बहुत कष्ट सहा। बाढ़ आपदा सहा। लेकिन न तो प्रधानमंत्री आपके संकट में आपके साथ खड़े होने आये न बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया। बाढ़ के लिए पैसा इकट्ठा किया लेकिन ये पैसा आपको मिला नहीं। जब सीएए के खिलाफ़ आंदोलन कर रहे थे आप, तब भी वो यहां नहीं आये। जब टी ड्राइव संकट में थे तब भी आपकी समस्याओं को सुलझाने के लिए यहां कोई नहीं आया। लेकिन आप क्या उम्मीद रख सकते हैं। जो प्रधानमंत्री अपने घर से पांच छः किलोमीटर दूर लाखों किसानों के आंदोलन के बावजूद अपने घर से निकलकर उन किसानों से बात नहीं कर सकते वो यहां असम की धरती पर आप सब से मिलने क्या आते।

उन्होंने आगे कहा कि “हमारी सरकार चाय बाग़ान के कामगारों को 365 दिन की मजदूरी की गारंटी देगी। बागान मालिक और कंपनियां जो आपको देती हैं उसके अलावा सरकार आपको मदद राशि देगी। यानि कुल मिलाकर आपको 365 दिन की मजदगूरी मिलेगी। मुझे यहां के बेरोजगारी को देखकर दुख हुआ। ”

कांग्रेस महासचिव ने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता यहां चार्टर्ड प्लेन में घूमने आते हैं उन्हें असम की कड़क चाय पिलानी पड़ेगी और बताना पड़ेगा कि आपकी जगह कहाँ है। जो नेता आपसे आकर वादा करता है वादा निभाना उसका धर्म होता है। आपके समर्थन के बिना कोई नेता खड़ा नहीं हो सकता। इसीलिए आपसे मैं गुजारिश करती हूँ कि अपने अधिकारों को अच्छी तरह से समझिये। चुनाव आते जाते हैं। अपने अस्तित्व, अपने अधिकारों की लड़ाई हमेशा जारी रहनी चाहिए। आपका सबसे बड़ा अधिकार आपका वोट है। बहुत सोच समझकर उसका इस्तेमाल कीजिए। आप इस चुनाव में असम के लिए लड़ रहे हैं। अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। किसी कांग्रेस भाजपा या अन्य पार्टी के लिए नहीं है ये चुनाव। ये चुनाव आपके भविष्य आपके बच्चों के लिए है।

आप अपने बच्चों के भविष्य के लिए मेहनत करते हैं । आप उम्मीद करते हैं कि सरकार आपके बच्चों के लिए स्कूल रोजगार, इलाज मुहैया करवाये। आपको रिमोट कंट्रोल सीएम नहीं चाहिए। एक मजबूत नेता, मजबूत पार्टी चाहिए जो असम के लिए काम करे।

This post was last modified on March 2, 2021 8:26 pm

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