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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने कार्यकर्ताओं को लिखा ख़त, कहा- डरना हमारी फ़ितरत नहीं

(कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक बार फिर एक ख़त लिखा है। लेकिन पहली बार यह ख़त किसी सरकार या फिर उससे जुड़े किसी महकमे को नहीं बल्कि ख़ुद अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित कर लिखा गया है। इसमें उन्होंने अपने सभी कार्यकर्ताओं से कमर कस कर मैदान में आने की अपील की है। और बीजेपी से हर मोर्चे पर मुकाबले के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। इस सिलसिले में उन्होंने कुछ ख़ास बातों पर ज्यादा ज़ोर दिया है। जिसमें डर को ज़ेहन से निकाल देने तथा सोशल मीडिया पर बीजेपी और संघ की तरफ़ से कांग्रेस के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे झूठ का डटकर मुक़ाबला करने की बात शामिल है। पेश है उनका पूरा खत-संपादक)

डरना हमारी फ़ितरत नहीं- प्रियंका गांधी

सम्मानित कांग्रेसी योद्धा

नमस्कार

अक्सर ऐसा देखने में आता है कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर कुछ लोग कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस नेताओं और आजादी आन्दोलन को लेकर मिथ्या, भ्रामक और अशोभनीय बातें पोस्ट करते रहते हैं। ऐसे लोगों का मकसद गलत बातों के जरिये कांग्रेस व उसके नेताओं की नकारात्मक छवि बनाना और बदनाम करना होता है ताकि वे चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचा सकें। पिछले सात-आठ सालों में बीजेपी आईटी सेल द्वारा ऐसी हरकतों से कांग्रेस को खासा नुकसान पहुंचाया जा चुका है। इसे हर हाल में रोकना है।

आप कांग्रेस के जाँबाज़ सिपाही हैं। आपके मजबूत कंधों पर कांग्रेस को फिर से पुनर्प्रतिष्ठित करने की महती जिम्मेदारी है। इसके लिये आपको करना यह है कि सोशल साइट्स पर जो लोग भी कांग्रेस और उसके नेताओं के खिलाफ बिना सही तथ्य के झूठा, भ्रामक और अशोभनीय बातें पोस्ट करते हैं उन्हें चिन्हित करिये और उनके पोस्ट व अकाउंट प्रोफ़ाइल का स्क्रीनशॉट लेकर स्थानीय थाने या पुलिस के साइबर सेल को देकर एफआईआर लिखावें। ये सब चीजें कांग्रेस की जिला इकाई व प्रदेश कमेटी के जिम्मेवार पदाधिकारियों को भी उपलब्ध कराकर उनसे भी कार्रवाई कराने की मांग करें।

दोस्त, आपका यह प्रयास कांग्रेस को नकारात्मक छवि से उबरने में बड़ी मदद करेगा। हाँ, यह सब करते हुए आपको इस बात का सदैव ध्यान रखना चाहिए कि आपके सोशल अकाउंट पर किसी के भी प्रति झूठ, भ्रामक और बिना तथ्य के या अतार्किक बातें न लिखी जायें। कुछ भी लिखते समय भाषा की मर्यादा बनी रहे, इस पर भी बहुत ध्यान देना है।

एफआईआर दर्ज कराने के पहले और बाद में भी हमेशा यह याद रखिये कि “माफी से ‘सावरकर’ की पैदाइश होती है।” इसलिये ‘कालनेमि’ और ‘मारीच’ के किसी वंशज को आगे से माफ नहीं करना है।

बीते दिनों गोरखपुर में जिला कांग्रेस कमेटी, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के साथियों ने इस संबंध में अच्छा कार्य किया है। उन सभी को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।

कृपया यह बात अपने अन्य साथी योद्धाओं तक भी पहुंचायें।

This post was last modified on May 24, 2020 11:57 am

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Published by
Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi