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Tuesday, September 28, 2021

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राहुल गांधी ने दिल्ली में मृत दलित बच्ची के परिजनों से की मुलाकात, कहा- इस न्याय के रास्ते में उनके साथ हूं

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“माता-पिता के आँसू सिर्फ़ एक बात कह रहे हैं- 

उनकी बेटी, देश की बेटी न्याय की हक़दार है।

और इस न्याय के रास्ते पर मैं उनके साथ हूँ।” 

उपरोक्त बातें कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उस दलित परिवार से मिलने के बाद कही है जिसकी बेटी की हत्या कर दी गयी है। 

राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि मैंने परिवार से बात की और परिवार सिर्फ़ न्याय मांग रहा है। परिवार कह रहा है कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और उनकी पूरी मदद होनी चाहिए। जब तक उनको न्याय नहीं मिलेगा तब तक राहुल गांधी उनके साथ खड़ा है और एक इंच पीछे नहीं हटेगा। “

इससे पहले कल पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि “दलित की बेटी भी देश की बेटी है।”

वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपनी जिम्मेदारी नहीं संभाल पाने का आरोप लगाते हुये कहा है कि “दिल्ली, नांगल में नाबालिग बच्ची के साथ हुई घटना दर्दनाक एवं निंदनीय है। सोचिए क्या बीत रही होगी उसके परिवार पर? दिल्ली में कानून व्यवस्था के जिम्मेदार गृहमंत्री जी यूपी सर्टिफिकेट बांटने गए थे, लेकिन खुद की जिम्मेदारी नहीं संभाल पा रहे हैं। हाथरस से नांगल तक: जंगलराज है।”

जबकि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने इस घटना पर संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को कसूरवार बताते हुये कहा है कि “आम आदमी पार्टी के नेता ने दिल्ली को पेरिस बनाने का वादा करके दिल्ली का बुरा हाल कर दिया। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जून 2020 में बलात्कार के 580 मामले सामने आए थे। इस वर्ष जून में ये मामले बढ़कर 833 हो गए। केजरीवाल सरकार के शासन में दिल्ली में बच्चियों और महिलाओं से दुष्कर्म के मामले लगातार बढ़े हैं।”

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली की घटना पर कल मंगलवार को कहा कि ” महिलायें हर दिन ख़ौफनाक अनुभव का सामना कर रही हैं क्योंकि केंद्र सरकार हालात को बेहतर बनाने के लिए ज्यादा कुछ नहीं कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि देश में कानून व्यवस्था की स्थिति चरमरा रही है। 

अभिषेक बनर्जी ने ट्विटर पर लिखा कि, “श्रीमान अमित शाह की निगरानी के तहत राष्ट्रीय राजधानी में नौ साल की एक बच्ची से कथित तौर पर बलात्कार किया गया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।’

इतना ही नहीं भ्रष्टाचार और नरेंद्र मोदी के क़रीबी दिल्ली के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना को आड़े हाथ लेते हुये उन्होंने कहा कि “क्या दिल्ली के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना अन्य कार्यों में व्यस्त हैं। अनुसूचित जाति समुदाय की हमारी महिलाओं और लड़कियों द्वारा प्रतिदिन सामना किए जा रहे खौफनाक अनुभव से केवल यह प्रदर्शित होता है कि गृह मंत्री कितने असंवेदनशील हैं।”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी आज साढ़े 11 बजे पीड़ि‍त परिवार से मिलने जा रहे हैं। इससे पहले कल उन्होंने घटना की निंदा की और कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार की ज़रूरत है। केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा है कि, “दिल्ली में नौ साल की मासूम के साथ हैवानियत के बाद हत्या बेहद शर्मनाक है। दिल्ली में कानून-व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की जरुरत है। दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा मिलनी चाहिए। कल (बुधवार) पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा हूं, न्याय की इस लड़ाई में परिवार की हरसंभव मदद करेंगे।’

इससे पहले कल मंगलवार को भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भी दलित बच्ची को न्याय दिलाने के लिये किये जा रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि मामले की उचित तरीके से जांच होनी चाहिए। यह झूठ था कि लड़की की मौत करंट लगने से हुई थी। उन्होंने परिवार की मौजूदगी के बिना उसका अंतिम संस्कार कर दिया। हमने सुना है कि लड़की के माता-पिता पर भी उसी के मुताबिक बयान देने का दबाव डाला गया। 

इसके अलावा पहलवान और राष्ट्रीय हैवीवेट चैंपियन प्रिंस आदवंशी ने कहा कि वह 90 अन्य पहलवानों के साथ लड़की के परिवार को उनकी लड़ाई में समर्थन देने के लिए विरोध स्थल पर पहुंचे थे। 

क्या है मामला

पीड़िता के माता-पिता का आरोप है कि रविवार को कूलर से पानी लेने गयी उनकी बच्ची के साथ बलात्कार किया गया और एक पुजारी ने यह झूठ बोलकर उसका जबरन अंतिम संस्कार करा दिया कि उसकी मौत बिजली का करंट लगने से हुई है। बच्ची के माता-पिता ने कुछ और लोगों के साथ मिलकर मंगलवार को पुराना नांगल इलाके में घटनास्थल पर धरना दिया और दोषियों को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भी शामिल हुए।

बच्ची की मां ने  मीडिया से कहा कि “घटना के वक्त मेरी बेटी श्मशान से पानी लेने गई थी। पुजारी ने मुझे क्षण भर के लिए उसका शव दिखाया। उसके होंठ नीले थे। पुजारी ने हमारी मर्जी के बगैर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पुजारी झूठ बोल रहे हैं कि बच्ची को करंट लगा था। पुजारी ने उसके साथ बलात्कार किया है”। 

मरहूम बच्ची की मां ने आगे कहा कि “हमारे समुदाय के लोगों ने जलती चिता को बुझाया और मेरी बेटी की लाश के पांव पकड़कर उसे बाहर खींचा। हमें उसके लिए न्याय चाहिए और आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।’ 

वहीं बच्ची के पिता ने आरोप लगाया है कि “एक व्यक्ति ने उनकी पिटाई की और पुलिस में शिकायत करने को लेकर धमकाया”।

बच्ची के पिता ने अपने बयान में आगे कहा कि ” घटना के वक्त मैं बाज़ार में था। मुझे इसके बारे में शाम क़रीब 7:30 पर पता चला, जब उसका शव जल रहा था। आस पास के इलाके के एक व्यक्ति ने मेरी पिटाई की और पुलिस में शिकायत नहीं करने को कहा। उसने मुझे 20,000 रुपये की भी पेशकश की, लेकिन मैंने इनकार कर दिया। मुझे संदेह है कि पुजारी ने उस व्यक्ति को घटना के बारे में बताया होगा। हमारी सिर्फ एक मांग है कि दोषी को फांसी दी जाए।”

लाश जलने के कारण पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट में नहीं मिला मौत का कारण 

दिल्ली कैंट थाना इलाके में श्मशान में नौ साल की दलित लड़की की संदिग्ध मौत के कारणों की जांच के लिए गठित तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने पुलिस को सूचित किया कि वे मौत के कारण का पता लगाने में असमर्थ हैं। गौरतलब है कि लड़की के शरीर को दाह संस्कार के बीच में ही चिता से निकाल लिया गया था और केवल जले हुए अवशेष ही बरामद किए जा सके, जिसमें सिर और पैर का कुछ हिस्सा है। आने वाले दिनों में पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की संभावना है। 

दिल्ली पुलिस का बयान 

दिल्‍ली पुलिस ने लड़की की मौत के मामले में एक 55 साल के पुजारी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के डीसीपी इंजीत प्रताप सिंह ने कहा कि गिरफ्तार किए गए चारों की पहचान श्मशान के पुजारी 55 वर्षीय राधेश्याम और सलीम, लक्ष्मी नारायण और कुलदीप के रूप में हुई है।

जबकि लड़की के माता-पिता का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें बेटी के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर किया। उन्हें संदेह है कि बेटी को मारने से पहले उसके साथ बलात्कार किया गया था। 

दिल्ली पुलिस ने बच्ची की मां के बयान के आधार पर पोक्सो एक्ट, SC एक्ट, हत्या और रेप समेत कई धाराओं में मामला दर्ज करते हुए पुजारी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में बताया था कि बच्ची अपने माता-पिता के साथ गांव में श्मशान घाट के सामने किराए के घर में रहती थी। रविवार शाम साढ़े पांच बजे वह अपनी मां को सूचित कर श्मशान घाट में लगे पानी के कूलर से ठंडा पानी लेने गई थी। 

डीसीपी ने बताया है कि रविवार शाम छह बजे श्मशान घाट के पुजारी राधेश्याम और बच्ची की मां को जानने वाले दो-तीन अन्य लोगों ने उसे वहां बुलाया और बेटी का शव दिखाकर दावा किया कि कूलर से पानी लेने के दौरान करंट लगने से उसकी मौत हो गई। उसकी बाईं कलाई और कोहनी के बीच जलने के निशान थे और उसके होंठ भी नीले पड़ गए थे। 

डीसीपी इंजीत प्रताप सिंह ने आगे बताया कि, “चार लोगों ने लड़की की मां से कहा कि वह पुलिस को मौत की सूचना न दें। उसने उससे कहा कि पुलिस मामला दर्ज करेगी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा, जहां डॉक्टर उसके महत्वपूर्ण अंगों को निकालकर बेच देंगे। इसके बाद चार लोगों ने अंतिम संस्कार किया”। 

पुलिस के मुताबिक रविवार रात करीब 200 ग्रामीण श्मशान घाट पहुंचे और सोमवार शाम तक धरना दिया और मांग की कि गिरफ्तार लोगों पर बलात्कार और हत्या का मामला दर्ज किया जाए। इसमें कुछ नेता भी शामिल हुए। 

जबकि दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कहा था कि बच्ची की मां के बयान के आधार पर प्राथमिकी में बलात्कार की धारा जोड़ दी गई है और पुजारी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और विभिन्न प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है। मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने ट्वीट करके कहा था कि , – “हम लोगों से अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील करते हैं। भारतीय दंड संहिता, एससी/एसटी कानून और पॉक्सो कानून के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है। एसीपी रैंक के अधिकारी मामले की जांच करेंगे। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।” 

दिल्ली महिला आयोग ने मांगी पूरी फाइल

पूरे घटनाक्रम पर दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने कहा है कि उसने घटना की जांच शुरू कर दी है और पुलिस को तलब किया है। दिल्ली महिला आयोग ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और इसमें “तत्काल ध्यान देने” की ज़रूरत है और दक्षिण पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त को पांच अगस्त या उससे पहले पेश होने तथा मामले की पूरी फाइल एवं प्राथमिकी की प्रति उपलब्ध कराने को कहा है।

दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस उपायुक्त को बच्ची के परिवार वालों के बयान की प्रति, गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण और कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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