Sunday, December 4, 2022

आज निकलेंगे राहुल गांधी भारत जोड़ने की यात्रा पर

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत कल आज कन्याकुमारी से हो रही है। राहुल गांधी की इस यात्रा को महात्मा गांधी की परंपरा से जोड़कर देखा जा रहा है। जब गांधी अंग्रेजों के जुल्मतों के ख़िलाफ़ पैदल मार्च निकाल कर जन अभियान और जन जागरुकता का काम व्यापक फ़लक़ पर करते हुये देश के समग्र वर्ग जाति व लिंग के लोगों को अंग्रेजों के ख़िलाफ़ संघर्ष करने के लिये आज़ादी की लड़ाई में कूदने को प्रेरित किया करते थे। 

आज़ादी की 75 वीं सालगिरह के साये में कांग्रेस की आज से शुरू होने वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान क़रीब पांच महीने में दक्षिण में कन्याकुमारी से लेकर उत्तर में कश्मीर तक 3,570 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। यह 12 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों से होकर गुज़रेगी। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों में छोटे स्तर पर ‘भारत जोड़ो यात्राएं’ निकाली जाएंगी।

यात्रा के दौरान लोगों से संवाद पर ज़ोर होगा 

परसों मध्यप्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कान्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने यात्रा के उद्देश्यों पर स्पष्ट कहा कि यात्रा का उद्देश्य सभी भारतीयों के बीच एकता कायम करना, आम जन से जुड़े मुद्दों को उठाना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। मौजूदा समय की राजनीति में व्याप्त चुनौतियों व संकटों को रेखांकित करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आज देश को जाति, धर्म, भाषा आदि के आधार पर बांटा जा रहा है। अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति पर भाजपा चल रही है। चुनी हुई सरकारों को अनैतिक तरीकों से गिराने का काम हो रहा है। सरकार के विरुद्ध आवाज़ उठाने वालों को देशद्रोही करार दिया जा रहा है। आदिवासी, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग अधिकारों से वंचित हैं। यात्रा के दौरान आमजन से जुड़े मुद्दों पर संवाद करके समाधान का रास्ता तलाशा जाएगा। 

कन्याकुमारी से कश्मीर तक

संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने मीडिया के साथ सूचनाएं साझा करते हुए बताया है कि राहुल गांधी के नेतृत्व ‘भारत जोड़ो यात्रा’ 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू होगी और जम्मू कश्मीर तक चलेगी। यात्रा तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश होते हुए जम्मू-कश्मीर पहुंचेगी। 

प्रस्तावित कार्यक्रम अनुसार 150 दिन में 3500 किमी से ज्यादा की पदयात्रा होगी। जिस राज्य से यात्रा गुज़रेगी, वहां के सौ यात्री इसमें शामिल होंगे और अन्य राज्यों के भी इतने ही यात्री आएंगे। यात्री टेंटों में ठहरेंगे और इसकी व्यवस्था संबंधित प्रदेश कांग्रेस कमेटी करेगी। वहीं, यात्रा के समन्वयक पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बताया है कि सात सितंबर को प्रदेश भर में सर्वधर्म प्रार्थना सभा होगी। आठ सितंबर से स्थानीय स्तर पर पदयात्रा प्रारंभ की जाएगी। पदयात्रा के लिए पार्टी के सहयोगी संगठनों को जिम्मेदारी दी गई है।

राहुल गांधी की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगी कांग्रेस सेवा दल

यात्रा के दौरान राहुल गांधी की सुरक्षा के सवाल पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा पहले ही हटा चुकी है, ऐसे में राज्य सरकारों पर निर्भर करेगा कि वे क्या सुरक्षा के इंतजाम करते हैं। वैसे कांग्रेस का सेवा दल पूरी व्यवस्था संभालेगा। इस दौरान राहुल गांधी अपनी यात्रा के दौरान गांव, शहरों के लोगों से चर्चा करेंगे। 

इससे कुछ दिनों पहले कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष जयराम नरेश ने मीडिया में बयान जारी करके कहा था कि, ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उन सभी से इस ‘भारत जोड़ो’ यात्रा में शामिल होने की अपील करती हैं जो भय, कट्टरता और पूर्वाग्रह की राजनीति और रोजी रोटी छीनने वाली अर्थतंत्र, बढ़ती बेरोज़गारी और पैर पसारती असमानताओं की परिस्थितियों को बदलने का विकल्प प्रदान करने के इस विशाल राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा बनना चाहते हैं।

पदयात्री नहीं भारत यात्री 

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने गत 23 अगस्त को संवाददाता सम्मेलन में पदयात्रियों को भारत यात्री बताते हुए कहा था, कि राहुल गांधी के पद यात्रा में ‘‘100 पदयात्री होंगे, जो शुरू से आखिर तक चलेंगे। वो ‘भारत यात्री’ होंगे। जिन प्रदेशों से यह यात्रा नहीं गुजर रही है, उसके 100-100 लोग इसमें शामिल होंगे, ये लोग अतिथि यात्री होंगे। एक समय इसमें 300 पदयात्री शामिल रहेंगे।’’ उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘‘राहुल गांधी देश के बड़े नेता हैं और यात्रा में ‘भारत यात्री’ होंगे।’’

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा पर जहां एक ओर आरएसएस भाजपा व केंद्र सरकार हमलावर है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के नेताओं ने इस यात्रा को लेकर किसी भी राजनीतिक एंगल से इनकार किया है और ज़ोर देकर कहा कि यात्रा “शांति के लिए है और विभाजित करने के लिए नहीं है। गौरतलब है कि साल 2014 के लोकसभा चुनावों और मोदी – शाह की जोड़ी के राष्ट्रीय फलक पर उभार के बाद कांग्रेस चुनाव हार चुकी है। और इसी क्रम में राहुल गांधी के पद यात्रा को 2024 आम चुनावों से पहले बड़े पैमाने पर जन संपर्क अभियान चलाने की योजना के तौर पर पेश किया जा रहा है। 

कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा में राहुल गांधी के साथ कुल 117 नेता कन्याकुमारी से कश्मीर तक पद यात्रा करेंगे। इन्हें ‘भारत यात्री’ नाम दिया गया है और इनमें लगभग सभी वर्गों और प्रदेशों का प्रतिनिधित्व है। ये भारत यात्री रात में एक शिपिंग कंटेनर केबिन में सोएंगे। 

कांग्रेस की ओर से जारी सूची के अनुसार, पवन खेड़ा और कन्हैया कुमार के अलावा पार्टी के संचार विभाग के सचिव वैभव वालिया, पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंघला, भारतीय युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष केशव चंद यादव, पूर्व महासचिव सीताराम लांबा और उत्तराखंड महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख राहुल राव, महासचिव संतोष कोलकुंडा और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेता शाहनवाज आलम को ‘भारत यात्री’ की सूची में जगह दी गई है। इस सूची में उत्तर प्रदेश से 10, मध्य प्रदेश से 10, महाराष्ट्र से नौ, राजस्थान से नौ, तमिलनाडु से तीन भारत यात्री होंगे। अन्य कई राज्यों को भी इसमें प्रतिनिधित्व दिया गया है।

150 से अधिक समाजिक संगठनों का समर्थन 

इससे पहले 22 अगस्त को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने कांग्रेस के ‘भारत जोड़ो’ अभियान पर दिल्ली में कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों से मुलाकात करके संबोधित किया था। कांग्रेस मीडिया प्रवक्ता के मुताबिक, 22 अगस्त के कांस्टीट्यूशन क्लब के कार्यक्रम में आर्थिक-सामाजिक मुद्दों व आगामी ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के साथ सामाजिक संगठनों को जोड़ने पर चर्चा हुई थी। 

राहुल गांधी ने उस कार्यक्रम में कहा था कि अगर उनके साथ इस अभियान में कोई नहीं भी चला तो भी वह रुकेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि मेरे साथ कोई चले, ना चले, मैं अकेला चलूंगा। उक्त कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा था कि देश की राजनीति पोलराइज हो गई है। हम अपनी यात्रा में बताएंगे कि कैसे एक तरफ संघ की विचारधारा है और दूसरी तरफ हम लोगों की सबको साथ जोड़ने की विचारधारा है। हम इस विश्वास को लेकर यात्रा शुरू कर रहे हैं कि भारत के लोग तोड़ने की नहीं जोड़ने की राजनीति चाहते हैं। नफ़रत करने वालों और देश में विभाजन फैलाने वालों के अलावा भारत जोड़ो यात्रा में सबका स्वागत है। 

राहुल गांधी से मुलाकात व बातचीत के बाद क़रीब 150 सिविल सोसायटी संगठनों ने कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के समर्थन का एलान किया है। सिविल सोसायटी संगठनों ने बयान जारी कर कहा है कि पांच महीने चलने वाली इस यात्रा के लिए कांग्रेस ने हमसे समर्थन मांगा है। कॉन्कलेव में भारत के करीब 150 सिविल सोसायटी संगठनों ने हिस्सा लिया और सबने भारत जोड़ो यात्रा के साथ एकजुट होने का फैसला किया है। 

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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