Tuesday, December 7, 2021

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झारखंड में भी बेहद असरदार रहा देशव्यापी रेल रोको आंदोलन

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18 अक्टूबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा पूर्व घोषित देशव्यापी रेल रोको कार्यक्रम के तहत रांची में किसान संगठनों और वामदलों के कार्यकर्ताओं ने रेल पटरी पर उतरकर प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल किसान संघर्ष समन्वय समिति, भाकपा माले, माकपा, भाकपा, मासस के कार्य कर्ताओं ने रांची के नामकुम स्टेशन के सामने पटरी पर बैठकर घंटों प्रदर्शन किया।

इस कार्यक्रम के तहत खड़गपुर-हटिया स्पेशल ट्रेन को एक घंटे तक रोके रखा गया। वहां तैनात आर पी एफ के जवानों द्वारा काफी प्रयास के बाद आन्दोलनकारियों को रेल पटरी से हटाया जा सका।आन्दोलनकारियों ने प्लेटफार्म पर ही सभा की और कहा कि लखीमपुर खीरी में आंदोलनरत किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर की गई हत्या के जिम्मेवार केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी को भारत सरकार में मंत्री पद से हटाकर तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

रेल रोको कार्यक्रम का नेतृत्व झारखंड राज्य किसान संघर्ष समन्वय समिति के राज्य संयोजक सुफल महतो, किसान महासभा के नेता भुवनेश्वर केवट, अखिल भारतीय किसान सभा नेता अजय सिंह, किसान संग्राम समिति के सुशांतो मुखर्जी, आदिवासी अधिकार मंच के अध्यक्ष प्रफुल्ल लिंडा ने किया। आन्दोलनकारी कार्यक्रम के तहत राज्यमंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त कर गिरफ्तार करो, कृषि कानून रद्द करो, गृहराज्यमंत्री के बेटे सहित दोषियों को कड़ी से कड़़ी सजा दो, आदि नारे लगा रहे थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसान संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड में जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। वक्ताओं ने कहा कि स्पष्ट है कि अजय मिश्रा के केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री होने के कारण, इस मामले में न्याय सुनिश्चित करना मुश्किल है।

ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं है कि उनका बेटा, आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। सच तो यह है कि अजय मिश्रा टेनी किसी आम उपद्रवी की तरह किसानों को जनसभा से धमकियां देने से भी नहीं हिचकिचाते हैं। अपने आपराधिक इतिहास का भी हवाला दिया जाना किसान आंदोलन को चुनौती देना है। अजय मिश्रा को मंत्री के रूप में बनाए रखकर नरेंद्र मोदी केंद्रीय मंत्रिपरिषद को शर्मसार किया है।

अवसर पर किसान और वाम नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दर्जनों जगहों पर पुलिस ने कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया और घर में नजरबंद किया जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं।
कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड राज्य किसान संघर्ष समन्वय समिति के राज्य संयोजक सुफल महतो ने कहा कि लखीमपुर किसान हत्याकांड के खिलाफ देशव्यापी रेल रोको सफल रहा, अब गृहराज्यमंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त कर गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 26 अक्टूबर को किसान आन्दोलन के 12 माह पूरे होने के अवसर पर सभी राज्यों, जिलों में व्यापक किसानों का विरोध कार्यक्रम होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माले नेता भुवनेश्वर केवट ने कहा कि कृषि कानून रद्द नहीं हुआ तो मोदी सरकार को भी जाना होगा। देश में कृत्रिम खाद्य संकट पैदा कर देश को आर्थिक रूप से गुलाम बनाने की साजिश की जा रही है। महंगाई मूल्यवृद्धि ने देश के आवाम को जीना मुश्किल कर दिया है। सुशांतो मुखर्जी ने कहा कि मोदी सरकार किसानों की हत्यारी सरकार है। अजय सिंह ने कहा कि किसान आन्दोलन ऐतिहासिक रूप ले लिया है।

प्रफुल्ल लिंडा ने कहा कि मोदी सरकार में सर्वाधिक महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण बढ़ा है। देशव्यापी रेल रोको कार्यक्रम के तहत रांची के अलावा पलामू, कोडरमा, गोड्डा, साहेबगंज, गिरिडीह आदि रेलवे स्टेशनों पर रेल रोक कर कार्यक्रम किया गया और राज्य के विभिन्न स्टेशनों पर प्रदर्शन किया गया।
(झारखंड से वरिष्ठ पत्रकार विशद कुमार की रिपोर्ट।)

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