नामांकन में आपराधिक केसों को छुपाने के मामले में फडनवीस को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने दिया मुकदमा चलाने का निर्देश

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने बांबे हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर फडनवीस के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है। दरअसल 2014 के अपने विधान सभा चुनाव में नामांकन के वक्त उन पर अपने के खिलाफ चल रहे दो आपराधिक मुकदमों को छुपाने का आरोप लगा था।

इस सिलसिले में एडवोकेट सतीश यूके ने बांबे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिसे उसने खारिज कर दिया था। उसके बाद यूके ने उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट में यह फैसला चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनाया जिसमें उनके अलावा जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस शामिल थे।

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मामले की फिर से सुनवाई करने का निर्देश दिया है। आपको बता दें कि फडनवीस के खिलाफ ये दोनों आपराधिक मामले 1996 और 2003 के हैं।

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा था कि यह लोक प्रतिनिधित्व कानून की धारा 125ए का उल्लंघन है। जिसके तहत चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को अपने खिलाफ चलने वाले सभी आपराधिक मुकदमों को सार्वजनिक करना रहता है। ऐसा न करने पर प्रत्याशी के चुनाव को अवैध करार दिया जा सकता ह या फिर उसे छह महीने की सजा हो सकती है।

आपको बता दें कि फडनवीस नागपुर दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार थे। फडनवीस ने एफिडेविट में अपने से जुड़े कई मामलों का जिक्र किया था। लेकिन उन्होने उन मामलों को छोड़ दिया था जिनकी तरफ यूके ने इशारा किया है। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज इन मामलों में 2 साल से ज्यादा की सजा हो सकती है।

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