Monday, August 8, 2022

स्वामी चिन्मयानंद ने खोला मोदी के खिलाफ मोर्चा, कहा- रिटायर हो रहे अफसर की मुख्य सचिव पर तैनाती क्यों?

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स्वामी चिन्मयानंद ने फेसबुक पोस्ट पर नए मुख्य सचिव की तैनाती पर सवाल खड़े किए हैं। स्वामी चिन्मयानंद ने रिटायर हो रहे अफसर को नया मुख्य सचिव बनाए जाने के औचित्य पर सवाल खड़े करके प्रकारान्तर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दे दी है। इस पर भाजपा में सन्नाटा पसर गया है और इसे भीतर-भीतर ज्वालामुखी धधकने का संकेत माना जा रहा है।

फेसबुक पोस्ट में स्वामी चिन्मयानंद ने लिखा है कि ‘वर्ष के अन्तिम दिन उप्र के प्रशासनिक तन्त्र में व्यापक फेर बदल चौंकाने वाला है,मुख्य सचिव पद पर तमाम योग्य प्रशासनिक अधिकारियों के होने के बावजूद भी एक अवकाश प्राप्त अधिकारी को सेवा विस्तार देकर प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया जाना क्या उचित है? क्या यह योगी का निर्णय है अथवा किसी अन्य का, इतना ही नहीं तमाम ज़िलों में ज़िला अधिकारियों के स्थानांतरण भी इसी बूढ़े अधिकारी के निर्देश पर हुए हैं? क्या मोदी अब केन्द्र के विभिन्न विभागों की तरह उप्र का शासन भी इन्हीं के बल पर चलाएँगे,क्या योगी सिर्फ़ मोदी की सभाओं में भीड़ जुटाने का कारिंदा  मात्र रह गया है? गुजरात, त्रिपुरा और उ प्र के विभिन्न चुनावों में आपको  महिमा मण्डित करने वाला आपक़ा यह सन्त  सिपाही क्या अब आपके  काम  का  नहीं रह गया’?

स्वामी चिन्मयानंद की इस पोस्ट को संघ का आशीर्वाद प्राप्त है ऐसा राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी के कैबिनेट सेक्रेटरी बदलने के निर्णय का सार्वजनिक विरोध बिना संघ के इशारे के सम्भव नहीं है। इससे भाजपा में नीचे से ऊपर तक हड़कम्प मच गया है।

दरअसल संघ भविष्य के नेता के रूप में योगी आदित्यनाथ को तैयार कर रहा है जो मोदी-शाह को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। जून, 21 से ही योगी को केंद्र द्वारा लगातार अस्थिर किया जा रहा है और योगी अभी तक इसीलिये बचे हुए हैं ,क्योंकि उनकी बैकिंग संघ कर रहा है।

पिछले महीने नमामि गंगे में लाश गंगा में बहाने की पुष्टि और नीति आयोग के हेल्थ इंडेक्स में यूपी सबसे फिसड्डी की रिपोर्ट केंद्र के इशारे पर जारी की गई ताकि योगी की विश्वसनीयता में गिरावट आये जिसका खामियाजा उन्हें विधानसभा चुनाव में उठाना पड़े। अब अचानक केंद्र ने यूपी का कैबिनेट सेक्रेटरी बदलकर सरकार पर योगी की पकड़ ढीली करने के लिए की है। अब भाजपा और संघ ही बता सकता है कि यह जब योगी को अपमानित करने के लिए किया जा रहा है या भाजपा का ग्राफ बढ़ाने के लिए।

बीजेपी के तीन बार के पूर्व सांसद और देश के पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने फेसबुक पोस्ट पर नए मुख्य सचिव की तैनाती पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही चिन्मयानंद ने इस फैसले पर मोदी सरकार पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा- क्या योगी सिर्फ मोदी की सभाओं में भीड़ जुटाने का कारिंदा मात्र रह गए हैं?


स्वामी चिन्मयानंद ने कहा है  कि यह पोस्ट मेरे ही द्वारा लिखी गई है और मैंने सिर्फ एक रिटायर हो रहे अधिकारी को मुख्य सचिव बनाए जाने के औचित्य पर सवाल खड़ा किया है। मेरा कोई विरोध नहीं है। मैंने व्यवस्था का विरोध नहीं किया है। बस जब प्रदेश में तमाम अन्य अधिकारी मौजूद हैं, तो रिटायरमेंट से 2 दिन पहले मुख्य सचिव बनाया जाना कहां तक उचित है? केंद्र में जिस तरह से महत्वपूर्ण विभागों में रिटायर हो रहे अधिकारियों को सेवा विस्तार देकर तैनाती की जा रही है, क्या उत्तर प्रदेश में भी केंद्र की तर्ज पर ही यह फैसला लिया गया है। वहीं दूसरी बात, यह लंबे समय से उत्तर प्रदेश से बाहर रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले जिस प्रकार का प्रशासनिक नेतृत्व चाहिए क्या उनको अनुभव है, इनको लाना उचित है, मैंने सिर्फ औचित्य पर सवाल उठाया है।

(वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।)

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