Saturday, November 27, 2021

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एफआईआर में दिल्ली पुलिस ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया है उमर का भाषण

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के पूर्व छात्र नेता और एक्टिविस्ट उमर ख़ालिद के खिलाफ नार्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए दंगा मामले में एफआईआर दर्ज किया है। लेकिन अब जो तथ्य सामने आ रहे हैं उसके मुताबिक़ ख़ालिद ने महाराष्ट्र के अमरावती में जो बोला था पुलिस ने एफआईआर में उसे तोड़ मरोड़कर पेश किया है। दोनों में ज़मीन आसमान का अंतर है।

सबसे पहले देखते हैं पुलिस ने उमर पर क्या आरोप लगाया है:

एफआईआर में इस बात का आरोप लगाया गया है कि “खालिद ने एक भड़काऊ भाषण दिया जिसमें उसने 24-25 फ़रवरी को डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान सड़कों को ब्लाक करने के लिए लोगों को उकसाया जिससे इस बात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित किया जा सके कि भारत में अल्पसंख्यों का उत्पीड़न हो रहा है।”

एफआईआर 6 मार्च, 2020 को दर्ज की गयी थी।

11 मार्च को लोकसभा में हुए दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा के मसले पर बहस के दौरान गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी तथा तेजस्वी सूर्या  ने आरोप लगाया था कि उमर ने राष्ट्रपति ट्रंप की यात्रा के दौरान सड़कों पर प्रदर्शन करने का आह्वान कर लोगों को दिल्ली में हिंसा के लिए उकसाया था।

इसके अलावा उमर के भाषण के संदर्भ में एक और दावा बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि “खालिद ने अमरावती की अपनी रैली में दंगे होने से बहुत पहले कहा था कि दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे होंगे।”

अब आइये देखते हैं कि उमर ख़ालिद ने सचमुच में अमरावती में क्या कहा था:

अमित शाह और दिल्ली पुलिस जिस भाषण का ज़िक्र कर रहे हैं वह उमर ने 20 फ़रवरी को अमरावती में दिया था।

अगर कोई पूरा भाषण सुने तो उसे ऐसा नहीं लगेगा कि उमर किसी हिंसा के लिए उकसा रहे हैं। यहाँ तक कि वह सीधे सड़क भी जाम करने के लिए नहीं कहते हैं। उन्होंने कहा था कि “जब 24 फ़रवरी को डोनाल्ड ट्रंप भारत आते हैं तब हम कहेंगे कि प्रधानमंत्री और भारत सरकार देश को बाँटने का प्रयास कर रहे हैं। वे महात्मा गांधी के मूल्यों को बर्बाद कर रहे हैं और भारत के लोग उनके ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं। अगर सत्ता में रहने वाले लोग भारत को विभाजित करना चाहते हैं तो भारत के लोग देश को एकजुट करने के लिए भी तैयार हैं’।

यह बिल्कुल वही शब्द हैं जिन्हें उमर ने डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के संबंध में अपने 20 फ़रवरी के उस भाषण में कहा था। इसके अलावा अपनी पूरी स्पीच में वह एक बार भी डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे का ज़िक्र नहीं करते हैं।

यूनाइटेड अगेंस्ट हेट ने आगे कहा है कि उकसावे की बात तो दूर उमर ने अपने भाषण में लोगों को हिंसा से दूर रहने की सलाह दी है।

उन्होंने कहा था कि “हम हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं देंगे। हम घृणा का जवाब घृणा से नहीं देंगे। अगर वे नफ़रत फैलाते हैं तो हम उसका जवाब प्यार से देंगे। अगर वो हम लोगों पर लाठी चलाते हैं तो हम तिरंगे को पकड़े रहेंगे। अगर वो बुलेट फ़ायर करते हैं तब हम हाथों में संविधान लिए रहेंगे। अगर वो हमें जेल भेजते हैं तो हम ‘सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा’ गाते हुए जेल जाएंगे।”

उमर ख़ालिद की पूरी स्पीच नीचे सुनी जा सकती है।


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