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Thursday, September 16, 2021

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योगी की जिद पर भारी पड़ा बंद समर्थकों का हौसला! लाठीचार्ज, नजरबंदी और गिरफ्तारियों में बीता दिन

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कृषि के काले कानूनों के खिलाफ आज किसान संगठनों ने ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। अन्नदाता की इस लड़ाई को कमजोर करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरा जोर लगा दिया। विपक्ष के कई नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया। बड़ी संख्या में सपा, कांग्रेस, आरएलडी और आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए। कई जगहों पर सपा और कांग्रेस के कार्यालय पर पुलिस मुस्तैद रही। इसके बावजूद तमाम जिलों में बंद का व्यापक असर दिखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में सपा कार्यकर्ताओं ने डीएम दफ्तर के गेट पर ताला जड़ दिया। बनारस में प्रशासन ड्रोन से हालात पर नजर रख रहा था। इलाहाबाद में सपा कार्यकर्ताओं ने ट्रेन रोक दी। बुंदेलखंड एक्सप्रेस ट्रेन को रोक कर कार्यकर्ता पटरी पर लेट गए। बाद में पुलिस ने उन्हें जबरन हटाया। यूपी में किसानों के भारत बंद को समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बीएसपी और आरएलडी ने समर्थन किया है।

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने नेताओं को नजरबंद किए जाने पर ट्वीट किया है, “किसानों का साथ देने के लिए आज पूरे उप्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को नजरबंद एवं गिरफ्तार किया जा रहा है। कड़कड़ाती ठंड में बैठे किसानों के लिए खेती, किसानी एमएसपी बचाने के लिए ये “करो या मरो” की लड़ाई है। कांग्रेस कार्यकर्ता अपने आखिरी दम तक किसानों के साथ है।

नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरबंदी को लेकर समाजवादी पार्टी ने भी ट्वीट किया है।

राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने भी अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट को रिट्वीट करके अपने नेताओं को नजरबंद करने की जानकारी दी है।

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आज 13वें दिन भी किसान दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं। मोदी सरकार के अंसवेदनशील रुख को देखते हुए किसानों ने आज यानी मंगलवार को भारत बंद बुलाया था। यूपी की योगी सरकार ने बंद को असफल करने के लिए पूरा जोर लगा दिया। प्रदेश के तमाम जिलों में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया गया। इसके बावजूद विपक्ष ने तमाम जिलों में प्रदर्शन किया है। तमाम जगहों पर सामान्य जनजीवन पर बंद का असर दिखा।

लखनऊ में विक्रमादित्‍य मार्ग पर स्‍थित सपा अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव का आवास चारों तरफ बैरिकेडिंग से सील है। सपा एमएलसी सुनील साजन, आनंद भदौरिया, राज्यपाल कश्यप और आशु मलिक किसानों के भारत बंद के समर्थन में विधान भवन के गेट नंबर तीन पर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। उधर, देवा रोड पर भाकियू के किसानों ने प्रदर्शन किया। प्रदेश प्रवक्ता आलोक समेत 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई है। राजधानी लखनऊ में मुख्‍य चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात रही। सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग पर सपा कार्यकर्ता और किसानों ने धरना दिया। पुलिस उन्‍हें हटाने का प्रयास करती रही।

राजधानी लखनऊ में भाकपा माले के राज्य सचिव सुधाकर यादव समेत कई नेताओं को पुलिस ने परिवर्तन चौक से बंद के समर्थन में मार्च निकालते हुए गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ माले के जिला प्रभारी रमेश सेंगर, राज्य कमेटी सदस्य राधेश्याम मौर्य, ऐपवा नेता कामरेड मीना, आइसा राज्य सचिव शिवा रजवार, आरवाईए नेता राजीव गुप्ता, ऐक्टू जिला संयोजक मधुसूदन मगन, एडवोकेट कामिल सहित दर्जनों कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए। सभी को पुलिस गाड़ियों में भरकर ईको गार्डेन ले जाया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है,
अपनी ज़मीं की ख़ातिर
हम माटी में जा लिपटेंगे
वो क्या हमसे निपटेंगे!!!

सपा कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद में रेलवे स्टेशन के आउटर पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया। इलाहाबाद में नवीन मंडी के गेट पर भैंस पर सरकार लिख कर सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। पुलिस ने सपा नेता ऋचा सिंह समेत करीब दर्जन भर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। यहां भारत बंद के समर्थन में भाकपा-माले और अन्य दलों ने हिस्सा लिया। उप मंडी स्थल फूलपुर को किसानों और कार्यकर्ताओं ने बंद करवा दिया।

भाकपा-माले पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड राम जी रॉय, ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव और भाकपा-माले जिला प्रभारी कॉमरेड डॉ. कमल उसरी, R.Y.A. से प्रदिप ओबामा समेत अन्य कई लोगों को पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से गिरफ्तार कर लिया।

बनारस मेंएआईपीएफ प्रदेश उपाध्यक्ष योगीराज सिंह, सोनभद्र के जिला संयोजक कांता कोल और चंदौली में राज्य समिति सदस्य अजय राय को नजरबंद किया गया। एआईपीएफ के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व आईजी एसआर दारापुरी ने कहा कि इसी तरह प्रदेश में बड़े पैमाने पर वामपंथी दलों और विपक्षी पार्टियों के नेताओं की गिरफ्तारी की गई है। बावजूद इसके किसानों को मिले वकीलों, व्यापारियों, अध्यापकों समेत जनता के हर हिस्से के व्यापक समर्थन से उत्तर प्रदेश में भी बंद सफल हुआ।  

कानपुर में आर्यनगर से सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। विधायक के घर के बाहर पांच थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। यहां सपाइयों ने कृषि कानूनों की मुखालफत में प्रदर्शन किया। उन्हें गिरफ्तार करके बसों से पुलिस लाइन ले जाया गया है। मार्च में शामिल माले और वाम दल के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

गोरखपुर में पुलिस ने विपक्षी पार्टियों के कई नेताओं को गिरफ्तार किया है। सपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कई नेता गिरफ्तार किए गए हैं। कांग्रेस की जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान और प्रदेश सचिव त्रिभुवन नारायण मिश्रा को घर पर नज़रबंद कर दिया गया। इसके अलावा माले जिला सचिव राजेश साहनी, ऐपवा जिलाध्यक्ष जगदंबा, सचिव मनोरमा सहित वाम दलों के नेता पुलिस लाइन के सामने स्थित माले जिला कार्यालय से बंद के समर्थन में जुलूस निकालते हुए गिरफ्तार कर लिए गए।

मिर्जापुर में किसानों के भारत बंद में शामिल होने से रोकने के लिए शहर कोतवाल के नेतृत्व में पुलिस ने भाकपा माले के सेंट्रल नेता के सदस्य कॉ. सलीम को घर पर सुबह ही हिरासत में ले लिया। इसके बावजूद भाकपा माले कार्यकर्ता तमाम रोक के बाद भी मुख्यालय पहुंचे और रोटी के साथ प्रदर्शन किया। बाद में कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर शहर कोतवाली लाया गया।

मिर्जापुर के मड़िहान तहसील मुख्यालय के निकट सैकड़ों की संख्या में बंद समर्थक माले कार्यकर्ताओं के जुलूस को प्रशासन ने रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर सभा की और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। जुलूस का नेतृत्व माले नेता शशिकांत कुशवाहा, राज्य कमेटी सदस्य जीरा भारती औ अन्य नेताओं ने किया। बलिया के सिकंदरपुर में माले नेता और अखिल भारतीय खेत और ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीराम चौधरी, पार्टी जिला सचिव लाल साहब सहित दर्जनों कार्यकर्ता बंद में भाग लेते हुए गिरफ्तार किए गए।

आज़मगढ़ में सपा नेता और पूर्व मंत्री बलराम यादव के साथ ही सपा के जिलाध्यक्ष को पुलिस ने नज़रबंद कर दिया। यहां कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह को नजरबंद कर दिया गया। वरिष्ठ माले नेता और किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण, पार्टी की राज्य स्थायी समिति (स्टेट स्टैंडिंग कमेटी) के सदस्य ओमप्रकाश सिंह और अन्य नेता बंद समर्थक जुलूस की अगुवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिए गए।

बस्ती में गांधीनगर पक्के बाजार में दुकान बंद करा रहे सपाइयों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। रायबरेली में कांग्रेस महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष शैलजा सिंह को समेत कई कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने तिलक भवन से गिरफ्तार कर लिया।

ग़ाज़ीपुर के शहर अध्यक्ष सुनील साहू को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। माले की राज्य स्थायी समिति के सदस्य और जिला सचिव राम प्यारे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बंद की अपील करते हुए मार्च निकालने पर गिरफ्तार कर लिए गए।

आगरा में लखनऊ एक्सप्रेस वे पर भाकियू ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से उनकी तीखी झड़प भी हुई। पुलिस ने कई भाकियू नेताओं को हिरासत में लिया है। किसानों ने जगह-जगह जाम लगा दिया।

मथुरा में होली गेट पर कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यहां पूर्व विधायक प्रदीप माथुर को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उधर, भारत बंद के समर्थन में जिला मुख्यालय पर सड़क जाम करने पर भाकपा माले जिला प्रभारी नसीर साह एडवोकेट और अन्य वामपंथी नेता पुलिस से झड़प के बाद गिरफ्तार कर लिए गए। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।

फिरोजाबाद में किसान संगठनों ने प्रदर्शन किया है। मैनपुरी में सपा विधायक को नजरबंद कर दिया गया। यहां सैकड़ों कार्यकर्ता भारत बंद के समर्थन में बैल और हल लेकर सड़क पर उतरे थे। सभी को किशनी थाना कोतवाली भेजा गया है। एटा के कासगंज में भाकियू ने कई स्थानों पर प्रदर्शन किया और धरने पर बैठे। बागपत में आरएलडी के 50 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। यहां कृषि कानूनों के विरोध में चक्का जाम करने जा रहे आरएलडी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया।

मुरादाबाद में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और शहर अध्यक्ष को पुलिस ने रात में ही नजरबंद कर दिया। भाकियू और सपा नेताओं को भी घरों पर पुलिस लगाकर रोका गया। पुलिस ने आंदोलन की तैयारी कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। सहारनपुर में सपा के जिलाध्यक्ष को पुलिस ने उनके घर में ही नज़रबंद कर दिया। बुलंदशहर में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष को सुबह चार बजे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यहां आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आप कार्यकर्ता कालाआम चौराहे पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। यहां उनकी पुलिस से नोंकझोंक भी हुई।

बदायूं में लोकमोर्चा संयोजक अजीत सिंह यादव को प्रदर्शन से रोकने के लिए उनके घर पर सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर नजरबंद कर दिया गया। लोकमोर्चा संयोजक का बदायूं के अंबेडकर पार्क से दोपहर 12 बजे पदयात्रा शुरू कर बदायूं वासियों से भारत बंद का समर्थन करने की अपील करने का कार्यक्रम था। पदयात्रा अम्बेडकर पार्क से लबेला चौराहा , छह सडका , लालपुल होते हुए कचहरी पहुंचनी थी, जहां जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा जाना था। अजीत सिंह यादव ने नजरबंदी को गैरकानूनी बताया और लोकतंत्र की हत्या कहा।

लखीमपुर खीरी के मैकलगंज में किसानों ने एनएच 24 हाईवे को जाम करने की कोशिश की। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवा दिया। हरदोई में किसान संगठनों ने हाइवे जाम कर दिया। सैकड़ों किसान सिनेमा चौराहे पर धरने पर बैठ गए। विरोध प्रदर्शन करने निकले कांग्रेसियों को पुलिस ने कार्यालय के बाहर से ही हिरासत में ले लिया। कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी को यहां गिरफ्तार किया गया है।

इसके अलावा, बंद के समर्थन में रायबरेली, देवरिया, सीतापुर, जालौन, मऊ, लखीमपुर खीरी, सोनभद्र, महराजगंज, बस्ती, बांदा, फैजाबाद (अयोध्या), मुरादाबाद आदि जिलों में भी माले सहित वाम दलों ने धरना-प्रदर्शन व सभा की। इसके पहले, भारत बंद के मद्देनजर कई जिलों में प्रशासन ने आधी रात से ही माले नेताओं की गिरफ्तारी और घर पर ही नजरबंद करने की कार्रवाई शुरू कर दी। मंगलवार सुबह 11 बजे तक बनारस, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सीतापुर, गोरखपुर और पीलीभीत में पार्टी व जनसंगठनों के कई नेताओं को गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया और कइयों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

इनमें अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा (जमानिया, गाजीपुर), केंद्रीय कमेटी सदस्य मो. सलीम (मिर्जापुर), अनिल पासवान (जिला सचिव, चंदौली), अर्जुनलाल (जिला सचिव, सीतापुर), राजेश वनवासी (राज्य कमेटी सदस्य, गाजीपुर), ओमप्रकाश पटेल, भक्त प्रकाश श्रीवास्तव (किसान महासभा, मिर्जापुर), हरिद्वार प्रसाद (गोरखपुर), कामरेड नगीना (पीलीभीत) शामिल हैं। बनारस के पार्टी जिला सचिव का. अमरनाथ को पुलिस ने आधी रात हिरासत में लिया और सिंधौरा (बनारस) थाने ले गई।

पार्टी राज्य सचिव कामरेड सुधाकर ने इन नेताओं को उनके घर या कार्यालय से हिरासत में लेने की कड़ी निंदा की और इसे मोदी-योगी सरकार की दमनकारी और लोकतंत्र-विरोधी कार्रवाई बताया। उन्होंने सभी की बिना शर्त रिहाई की मांग की। राज्य सचिव ने उत्तर प्रदेश में भारत बंद को सफल बताया और इसके लिए प्रदेशवासियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आज सरकार फेल हुई है और जनता पास।

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